सिलीगुड़ी : सहकर्मी की हत्या कर चाय श्रमिक ने किया सरेंडर

Published at :15 Feb 2018 3:45 AM (IST)
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सिलीगुड़ी :  सहकर्मी की हत्या कर चाय श्रमिक ने किया सरेंडर

जघन्य. सिलीगुड़ी के मारियनबाड़ी चाय बागान में वारदात हत्यारे को सजा दिलाने की मांग को लेकर आंदोलन सिलीगुड़ी : विवाद को लेकर चाय बागान श्रमिक ने सहकर्मी की हत्या कर दी. इसके बाद पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया. हत्यारे को उचित सजा दिलाने की मांग पर मारियनबाड़ी चाय बागान के श्रमिक कार्यविराम का पालन […]

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जघन्य. सिलीगुड़ी के मारियनबाड़ी चाय बागान में वारदात

हत्यारे को सजा दिलाने की मांग को लेकर आंदोलन
सिलीगुड़ी : विवाद को लेकर चाय बागान श्रमिक ने सहकर्मी की हत्या कर दी. इसके बाद पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया. हत्यारे को उचित सजा दिलाने की मांग पर मारियनबाड़ी चाय बागान के श्रमिक कार्यविराम का पालन किया. बागान कर्मचारियों के साथ स्थानीय लोगों ने भी इंसाफ की मांग को लेकर गाड़ीधुरा थाने का घेराव किया. हालांकि हत्या के बाद आरोपी ने शस्त्र के साथ पुलिस के समक्ष आत्म-समर्पण कर लिया है. आरोपी को बुधवार कर्सियांग अदालत में पेश किया गया.
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज भेजा था. पोस्टमार्टम के बाद शव को परिवार वालों को सौंप दिया गया. सनसनीखेज यह घटना सिलीगुड़ी के निकट गाड़ीधुरा थाना अंतर्गत मरियनबाड़ी चाय बागान इलाके में घटी है. मृतक का नाम आनंद लाकड़ा (21) बताया गया है. वह चाय बागान के सिंचाइ विभाग में कार्यरत था. आरोपी चंकी तमांग भी उसी के साथ सिंचाई विभाग में काम करता था.
स्थानीय निवासी शंकर बड़ाइक ने बताया कि बीते शुक्रवार को दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया था. दोनों के बीच हाथापाई भी हुई था. बाद में कर्मचारियों के हस्तक्षेप से मामले को सुलझा लिया गया था. इसके बाद मंगलवार रात चंकी ने ड्यूटी पर ही आनंद को मौत के घाट उतार दिया. स्थानीय निवासी अमित बड़ाइक ने बताया कि आरोपी चंकी तमांग अवैध शराब का ठेका भी चलाता था. कई बार उसके खिलाफ थाने में जानकारी देने के बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की थी. उन्होंने बताया कि चंकी शुरू से ही अवैध कार्यों में लिप्त था. इससे पहले वह नक्सलबाड़ी थाना अंतर्गत ताराबाड़ी इलाके में रहता था.
वहां भी किसी वारदात को अंजाम देने के बाद दो वर्ष पहले यहां आकर बस गया था. रात में हत्याकां‍ड के बाद बुधवार की सुबह इलाकाई लोगों का दबा गुस्सा पुलिस के खिलाफ भड़क गया. इलाकाई लोगों का गुस्सा देखकर पुलिस ने नरमी बरतते हुए आरोपी को उचित सजा दिलाने का आश्वासन दिया है. लोगों ने चंकी के परिवार को भी यहां से हटाने की मांग की है. पुलिस से आश्वासन मिलने के बाद लोग शव के अंतिम संस्कार को राजी हुए.
21 वर्षीय आनंद की मौत से उसका परिवार पूरी तरह से बिखर गया है. करीब दो वर्ष पहले उसका विवाह नंदिनी के साथ हुआ था. उन दोनों की एक वर्ष की एक बेटी भी है. आनंद की मां मानसिक रूप से बीमार है. इस घटना के खिलाफ पूरा आदिवासी संप्रदाय एकजुट हो गया है. आनंद के हत्या की खबर फैलते ही आंदोलन में हजारों की संख्या में आदिवासी समाज शामिल हुआ.
आदिवासी विकास परिषद के गुलशन बड़ाइक ने बताया कि आदिवासी समुदाय पर इस तरह का हमला कतई बर्दास्त नहीं किया जायेगा. बुधवार की सुबह से ही इलाके में शोक रैली जारी थी. पुलिस व चाय बागान मालिक पक्ष के साथ इलाका वासियों ने त्रिपक्षीय बैठक की. इस बैठक में आनंद के परिवार को आर्थिक सहायता के साथ ही उसकी पत्नी को नौकरी दिलाने को लेकर भी सहमति जतायी गयी.
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