दूध में प्लास्टिक की मिलावट, बालूरघाट में खलबली

Published at :05 Sep 2017 8:27 AM (IST)
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दूध में प्लास्टिक की मिलावट, बालूरघाट में खलबली

बालूरघाट: प्लास्टिक चावल व अंडे के बाद अब दूध में प्लास्टिक मिलाने की खबर सोशल मीडिया पर वाइरल होते ही बालूरघाट में खलबली मच गयी. जिला स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी मानस दास हाल ही में बालूरघाट के बड़ो बाजार स्थित ग्वालापट्टी से एक लीटर दूध खरीद कर लाये थे. दूध को उबालते ही उसमें गला […]

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बालूरघाट: प्लास्टिक चावल व अंडे के बाद अब दूध में प्लास्टिक मिलाने की खबर सोशल मीडिया पर वाइरल होते ही बालूरघाट में खलबली मच गयी. जिला स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी मानस दास हाल ही में बालूरघाट के बड़ो बाजार स्थित ग्वालापट्टी से एक लीटर दूध खरीद कर लाये थे. दूध को उबालते ही उसमें गला हुआ प्लास्टिक जैसा दिखने लगा. यह घटना सोशल मीडिया में वाइरल हो गयी. जिला खाद्य सुरक्षा विभाग इसकी जांच-पड़ताल शुरू कर दी है.

उल्लेखनीय है कि बालूरघाट शहर के बड़ो बाजार इलाके में एक ग्वाला पट्टी है, जहां स्थानीय दूध कारोबारियों के अलावा हिली व तपन से भी दूध कारोबारी आकर व्यवसाय करते हैं. शहर के अलावा आसपास के गांव के लोग यहां पर दूध खरीदने आते हैं. दूध में प्लास्टिक के मिलावट होने की खबर फैलते ही सोमवार को जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी विश्वजीत मन्ना के नेतृत्व में जिला स्वास्थ्य अधिकारी समेत एक टीम ने बालूरघाट के दूधपट्टी में अभियान चलाया. यहां से दूध के ड्राम व बिक्रेताओं को चिह्नित कर दूध के नमूने संग्रहित किये गये. दूध बिक्रेताओं के मोबाइल नंबर, पता आदि डिटेल लिया गया. खाद्य सुरक्षा विभाग सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, दूध में हानिकारक केमिकल मिलते ही व्यवसायियों के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी.

पतिराम से आने वाले एक दूध बिक्रेता पुलक सरकार ने बताया कि दूध में मिलावटी के विषय पर उन्होंने भी गौर किया है. कुछ दूध बिक्रेता दूध में मिलावटी करते हैं.

दूसरी ओर, खाद्य सुरक्षा विभाग के कर्मचारियों ने स्थानीय एक फल के दुकान में अभियान चलाया. दुकानदार के पास वैध कागजात नहीं रहने के कारण उसपर 25 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया.

जिला खाद्य विभाग के अधिकारी विश्वजीत मन्ना ने कहा कि दूध में प्लास्टिक के मिलावट के मामले की जांच की जा रही है. दूध के नमूने संग्रहित कर लैब में भेजे गये हैं. उन्होंने कहा कि दूध में कभी-कभार स्टार्च, डिटरजेंट व यूरिया तक मिलाया जाता है. दूध का फैट निकाल कर वनस्पति व केमिकल मिला दिया जाता है. जांच के बाद ही पता चलेगा कि दूध में क्या मिला हुआ है. अगर दूध में रसायनिक केमिकल पाया गया, जो शरीर के लिए हानिकारक नहीं है, तो सिर्फ जुर्माना लगाया जायेगा. दूध हानिकारक केमिकल पाये जाने पर जुर्माने के साथ सजा भी मिलेगी. उन्होंने इस तरह का अभियान बीच-बीच में चलाये जाने की बात कही.

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