डेंगू के बढ़ते मरीजों से खून की भारी किल्लत

सिलीगुड़ी: सिलीगुड़ी और आस-पास के क्षेत्रों में डेंगू मरीजों के तादाद में लगातार हो रही बढ़ोतरी से खून की भारी किल्लत हो गयी है. केवल सिलीगुड़ी जिला अस्पताल या उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज व अस्पताल ही नहीं बल्कि अब निजी अस्पतालों में भी डेंगू मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है और इसके […]
सिलीगुड़ी: सिलीगुड़ी और आस-पास के क्षेत्रों में डेंगू मरीजों के तादाद में लगातार हो रही बढ़ोतरी से खून की भारी किल्लत हो गयी है. केवल सिलीगुड़ी जिला अस्पताल या उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज व अस्पताल ही नहीं बल्कि अब निजी अस्पतालों में भी डेंगू मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है और इसके साथ ही ब्लड बैंकों में खून की मांग काफी बढ़ गयी है.
सिलीगुड़ी जिला अस्पताल, उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज व अस्पताल के सरकारी ब्लड बैंक के अलावा गैर-सरकारी सामाजिक संगठन सिलीगुड़ी तराई लायंस ब्लड बैंक व सिलीगुड़ी रोटरी क्लब ब्लड बैंक में भी डेंगू मरीजों को लगनेवाले प्लेटलेट्स खून की भारी कमी हो गयी है. खून के लिए मरीजों के परिजनों को काफी भागदौड़ करनी पड़ रही है.
ब्लड बैंकों में खून की कमी का आलम यह है कि मरीजों के परिजन खून की पहचान कर अपने दोस्तों, परिचितों, रिश्तेदारों को फोन करने के खून देने के लिए गुजारिश कर रहे हैं. यही वजह है कि ब्लड बैंकों में खून देनेवालों की भी तादाद काफी बढ़ गयी है. शहर के नौ नंबर वार्ड के खालपाड़ा के डॉ एसपी मुखर्जी रोड स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती एक डेंगू मरीज के परिजन ने मीडिया के सामने खून की समस्या पर रोष प्रकट किया. संतोषीनगर निवासी संजीव सिंह का कहना है कि उसकी मां डेंगू से पीड़ित है. उन्हें नर्सिंग होम में भरती करने के बाद डॉक्टरों ने खून परीक्षण किया. जिसमें उन्हें डेंगू पोजेटिव पाया गया. अब उनका प्लेटलेट्स भी कम हो रहा है. मां को ओ पोजेटिव प्लेटलेट्स खून की जरुरत है. सरकारी ब्लड बैंकों में अधिकारी खून को लेकर सही जानकारी मरीजों के परिजनों को नहीं देते और न ही सही तरीके से बातचीत करते हैं.
वहीं, गैर-सरकारी ब्लड बैंकों में खून लेने के लिए जो प्रक्रिया है वह काफी जटिल है. इन वजहों से डेंगू मरीजों के परिजनों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और समय पर खून न मिलने से मरीजों की भी हालत और खराब हो जा रही है.
प्लेटलेट्स रक्त की मांग में तीन गुणा इजाफा: डेंगू मरीजों की बढ़ते तादाद से प्लेटलेट्स रक्त की मांग में तीन गुणा से भी अधिक का इजाफा हुआ है. यह दावा है प्रधाननगर स्थित सिलीगुड़ी रोटरी क्लब ब्लड बैंक का. ब्लड बैंक के यूनिट कर्मचारी ने अपना नाम प्रकाशित न करने के शर्त पर प्रभात खबर को बताया कि पहले ब्लड बैंक से प्रतिदिन मात्र चार से पांच यूनिट ही प्लेटलेट्स खून जारी किया जाता था लेकिन अब हर रोज पंद्रह यूनिट से भी अधिक प्लेटलेट्स खून जारी हो रहा है. यह आंकड़ा अकेले सिलीगुड़ी रोटरी क्लब ब्लड बैंक का है. जबकि शहर में इसके अलावा दो सरकारी ब्लड बैंक व एक और गैर-सरकारी तराई लायंस ब्लड बैंक भी है. इन ब्लड बैंकों के अधिकारियों से भी खून की वास्तविक स्थिति की जानकारी के लिए संपर्क साधा गया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका.
जब-तक जरूरत न हो मरीज को प्लेटलेट्स खून देने से बचें
शहर के मशहूर एक और चिकित्सक डॉ पी के अग्रवाल का कहना है कि जब-तक जरुरत न हो डेंगू मरीज को प्लेटलेट्स खून देने से बचना चाहिए. इसके लिए डॉक्टरों को भी जागरुक होने की जरुरत है. मरीज की क्षमता को देखकर ही प्लेलट्स खून देना चाहिए. प्लेटलेट्स 20 हजार से अधिक होने पर मरीज को खून चढ़ाने की जरुरत नहीं है. प्लेटलेट्स 20 से 10 हजार के बीच आ जाये तभी मरीज को खून चढ़ाने की जरुरत है. इसके लिए मरीज के प्लेटलेट्स की जांच हर एक-दो दिनों के बाद करनी चाहिए. डॉ अग्रवाल ने भी लोगों से डेंगू से आतंकित न होने की अपील की है.
डेंगू से घबराने की जरूरत नहीं : शहर के नामी डॉक्टर और खालपाड़ा के एक निजी अस्पताल में कार्यरत डॉ प्रशांत कुमार वत्सा ने लोगों से गुजारिश की है कि डेंगू से घबराने की जरुरत नहीं है. यह एक वायरल फीवर है. इस बीमारी को लेकर केवल लोगों को जागरुक होने की जरुरत है. डेंगू से पीड़ित मरीजों को अधिक शुद्ध व स्वच्छ पानी पीने की जरुरत है. डेंगू संक्रमित मच्छर से ही होता है इसलिए लोगों को सोने के दौरान मच्छरदानी का इस्तेमाल करना चाहिए. डेंगू का संक्रमित मच्छर अधिकांशतः दिन में ही डंक मारता है. इससे पीड़ित मरीज को रह-रह कर बुखार होता है. सिर दर्द और पूरे बदन के अलावा ज्वाइंट्स वाले अंगों में असहनीय दर्द रहता है. ऐसा होने पर मरीज डॉक्टर से ही जांच करवाये. डॉक्टर की सही सलाह लेकर उचित खून जांच भी करवाये. डॉ वत्सा ने लोगों से डेंगू से बचने के लिए अपने घरों और आस-पास के इलाकों की हमेशा साफ-सफाई रखने की सलाह दी. साथ ही बारिश के पानी को जमा न करने की भी हिदायत दी.
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