दो पेंगोलिन व दो किलो शल्क के साथ तस्कर गिरफ्तार

Published at :07 Aug 2017 8:03 AM (IST)
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दो पेंगोलिन व दो किलो शल्क के साथ तस्कर गिरफ्तार

सिलीगुड़ी: वन्यजीवों की अंतरराष्ट्रीय तस्करी का फिर से एक मामला सामने आया है. बैकुंठपुर वन विभाग के बेलाकोबा रेंज ने दो जिंदा पेंगोलिन (बनरूई या चींटीखोर) और दो किलो शल्क (कठोर खोल) सहित एक तस्कर को गिरफ्तार किया है. सिलीगुड़ी के रास्ते पेंगोलिन व उसके शल्क को भूटान के रास्ते चीन भेजा जाना था. गुप्त […]

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सिलीगुड़ी: वन्यजीवों की अंतरराष्ट्रीय तस्करी का फिर से एक मामला सामने आया है. बैकुंठपुर वन विभाग के बेलाकोबा रेंज ने दो जिंदा पेंगोलिन (बनरूई या चींटीखोर) और दो किलो शल्क (कठोर खोल) सहित एक तस्कर को गिरफ्तार किया है. सिलीगुड़ी के रास्ते पेंगोलिन व उसके शल्क को भूटान के रास्ते चीन भेजा जाना था. गुप्त जानकारी के आधार पर सिलीगुड़ी से सटे फांसीदेवा बाजार में तस्कर को गिरफ्तार कर बेलाकोबा रेंज ने इस अंतरराष्ट्रीय तस्कर गिरोह का पर्दाफाश किया है. सोमवार को आरोपी को वन्यजीवों की हत्या व वन-संपत्तियों की तस्करी करने के आरोप में जलपाईगुड़ी जिला अदालत में पेश किया जायेगा.
मिली जानकारी के अनुसार, पेंगोलिन एक शांत स्वभाव का आदिम स्तनपायी प्राणी है. यह विलुप्तप्राय जीव है और चूहे की तरह मिट्टी के भीतर रहता है. चींटी इसका भोजन है, जिसके वजह से इसे चींटीखोर कहा जता है. इसे बनरूई, वज्रकीट आदि अन्य कई नामों से भी जाना जाता है. इसका शरीर छोटे-छोटे कठोर शल्कों से ढका रहता है. और यही शल्क इसकी मौत या तस्करी का सबसे बड़ा कारण है.
वन विभाग के अनुसार यह शल्क काफी कीमती व उपयोगी है. कामोत्तेजक सहित कई प्रकार की दवाइयां बनाने में इसका प्रयोग किया जाता है. इस शल्क की मांग म्यांमार, चीन, इंडोनेशिया आदि देशों में काफी अधिक है. रविवार की देरशाम उत्तर बंगाल के वनपाल एमआर बलोच के दिशानिर्देश पर बेलाकोबा के रेंजर संजय दत्त ने एक अभियान चलाकर दो पेंगोलिन व करीब दो किलो शल्क के साथ एक अंतराष्ट्रीय तस्कर को गिरफ्तार किया है. संजय दत्त ने स्वयं एक ग्राहक का वेश धारण कर तस्कर को माल सहित सिलीगुड़ी के निकट फांसीदेवा बाजार में धर दबोचा. आरोपी का नाम सजल सरकार बताया गया है.

वह नदिया जिले के चाकदा थाना अंतर्गत अलाइपुर गांव का निवासी है. वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार तस्कर इस जीव को पकड़कर खौलते पानी ने जिंदा डाल देते हैं. जिससे इसका शल्क अपने आप ही शरीर से निकल जाता है. फिर इसके मांस और शल्क को अलग-अलग कर तस्करी की जाती है. इस संबंध में वनपाल श्री बलोच ने बताया कि पेंगोलिन दो प्रकार का होता है. यह चाइनीज पेंगोलिन है. चीन, वर्मा आदि देशों में इसकी मांग अधिक है. आरोपी को सोमवार अदालत में पेश किया जायेगा. बैकुंठपुर वन विभाग की डीएफओ उमा रानी ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर एक अभियान चलाकर आरोपी को दो किलो पेंगोलिन शल्क व दो पेंगोलिन के साथ एक आरोपी को फांसीदेवा बाजार इलाके से गिरफ्तार किया गया है. उससे पूछताछ जारी है. वन विभाग इस अंतरराष्ट्रीय तस्कर गिरोह की जड़े खोदने में जुटी है.

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