टकराव: पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच भिड़ंत, दोनों ओर से कई लोग हुए घायल गोरखालैंड की आग में दहका सुकना

Updated at :30 Jul 2017 8:41 AM
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टकराव: पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच भिड़ंत, दोनों ओर से कई लोग हुए घायल गोरखालैंड की आग में दहका सुकना

सिलीगुड़ी. अलग राज्य गोरखालैंड आंदोलन की आग अब सिलीगुड़ी शहर में उतर आयी है. शनिवार को सिलीगुड़ी के निकट सुकना इलाके में आंदोलनकारी गोरखा जनमुक्ति मोरचा (गोजमुमो) समर्थक व पुलिस के बीच हिंसक झड़प हो गयी. इसमें गोजमुमो के तीन समर्थकों के घायल होने की खबर है, जबकि कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं. घायल […]

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सिलीगुड़ी. अलग राज्य गोरखालैंड आंदोलन की आग अब सिलीगुड़ी शहर में उतर आयी है. शनिवार को सिलीगुड़ी के निकट सुकना इलाके में आंदोलनकारी गोरखा जनमुक्ति मोरचा (गोजमुमो) समर्थक व पुलिस के बीच हिंसक झड़प हो गयी. इसमें गोजमुमो के तीन समर्थकों के घायल होने की खबर है, जबकि कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं. घायल पुलिस कर्मियों को सिलीगुड़ी अस्पताल में भरती कराया गया है.

शनिवार सुबह से ही पुलिस टीम सुकना इलाके को घेरे हुई थी. गोरखालैंड के समर्थन में गोजमुमो द्वारा विशाल रैली निकाले जाने की जानकारी पुलिस के पास पहले से थी. खुकरी रैली को नियंत्रित रखने के लिये विशाल पुलिस वाहिनी इलाके में तैनात थी. आंसू गैस के गोले सहित वाटर कैनन व अन्य हथियारों से लैस रैफ को भी सड़क पर उतारा गया था. पुलिस की गर्म गतिविधि से इलाकावासी काफी सहमे हुए थे. इलाके की दुकानें सुबह से ही बंद थी.

दिन के करीब 12 बजे अलग राज्य गोरखालैंड समर्थकों की खुकरी रैली सुकना पहुंची. मिली जानकारी के अनुसार तीनधरिया, महानदी तथा गाड़ीधुड़ा इलाके से निकली अलग-अलग रैली सुकना में एकजुट हुई. रैली में काफी तादाद में गोरखालैंड समर्थक शामिल थे. सुकना के राम सिंह ठकुरी चौक से रैली को दागापुर की ओर जाना था. पुलिस ने रैली को काफी पहले रोक दिया. पुलिस को देखते ही रैली में शामिल गोरखालैंड समर्थक बौखला गये. पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई. रैली में शामिल लोग पुलिस के घेरे को तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश करने लगे. तब पुलिस ने बल प्रयोग कर रैली को रोका दिया. पुलिस प्रशासन द्वारा रैली रोके जाने से गुस्साये लोगों ने पुलिस पर हमला बोल दिया. पुलिस पर पत्थर व रोड़े बरसाये गये. उत्तेजित भीड़ को नियंत्रित करने के पुलिस की ओर आंसू गैस के गोले दागे गये. वाटर कैनन का प्रयोग किया गया. भीड़ का हिंसक रूख देखकर पुलिस ने रबड़ बुलेट से हवा में फायरिंग की. पुलिस की सख्ती देखकर भीड़ तीतर-बितर हो गयी. पुलिस व आंदोलनकारियों के बीच इस संघर्ष में तीन लोग बुरी तरह से घायल हो गये हैं. जिसमें से एक ही हालत काफी गंभीर बतायी जा रही है. गंभीर रूप से घायल व्यक्ति का नाम अजय छेत्री बताया गया है. वह गाड़ीधूड़ा इलाके का निवासी है. घायलों में से एक को उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज तथा दूसरे को माटीगाड़ा स्थित एक निजी अस्पताल में भरती कराया गया है. दूसरी तरफ इस संघर्ष में कई पुलिस कर्मचारी भी घायल हुए हैं. सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस कमिश्नरेट के प्रधान नगर थाना प्रभारी संजय घोष सहित तीन पुलिसकर्मी भी बुरी तरह से घायल हुए हैं. पुलिस कर्मियों को इलाज के लिये सिलीगुड़ी अस्पताल पहुंचाया गया. जबकि घायल आंदोलनकारी को उसके साथियों ने उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज व अस्पताल पहुंचाया.

उग्र हुए गोजमुमो समर्थक: आज की इस घटना के बाद पहाड़ से बड़ी संख्या में गोजमुमो समर्थक सुकना से सटे आस-पास इलाकों तक पहुंच चुके हैं. घटना के तुरंत बाद पहाड़ की ओर से सैकड़ों मोटर साइकिल सुकना की ओर रवाना हुई. इलाके को घेरकर पुलिस के साथ एक बड़ा संघर्ष करने का मनसूबा तैयार किया जा रहा है. सुकना इलाके में शांति व्यवस्था कायम रखने के लिये पुलिस बल की तैनाती की गयी है.

प्री-प्लान थी आज की घटना

सूत्रों की मानें तो आज की घटना पहले से निर्धारित थी. जानकारी के अनुसार बीते गुरुवार को ही प्रशासन के साथ भिड़ने का मन आंदोलनकारियों ने बना लिया था. इलाके में 144 धारा लागू होने की वजह से आंदोलनकारियों के मंसूबे पर पानी फिर गया. गौरतलब है कि गोरखालैंड आंदोलन में मारे गये लोगों की याद में गोजमुमो 27 जुलाई को शहीद दिवस का पालन करती है. बीते 27 जुलाई गोजमुमो ने पहाड़ के सभी जगहों पर रैली निकालकर शहीद दिवस का पाल किया. जबकि समतल इलाके में प्रशासन ने गोजमुमो को शहीद दिवस का पालन करने से रोक दिया. बीते शुक्रवार को गोजमुमो शहीद दिवस के अवसर पर सुकना से दागापुर इलाके तक रैली निकाले जाने की योजना बनायी थी. लेकिन सिलीगुड़ी पुलिस ने इलाके में सुबह से ही 144 धारा लागू कर रखा था.

अंत में शाम को सुकना स्थित राम सिंह ठाकुरी चौक पर मारे जाने वालों की याद में एक शोकसभा का आयोजन किया गया. सूत्रों का कहना है कि शहीद दिवस की आड़ में निकाले जाने वाली रैली के माध्यम से पुलिस से भिड़ने की योजना बनायी गयी थी. उस दिन की योजना फेल होने के बाद शनिवार को तीन अलग-अलग इलाकों से रैली निकालकर शहर में एक एक आतंक का माहौल पैदा करने की योजना थी. सिलीगुड़ी के आस-पास इलाके में गोरखालैंड समर्थकों की रैली को नियंत्रित रखने के लिये पुलिस की तैनाती होती है.

पुलिस को दिगभ्रमित करने के लिये तीनधरिया, गाड़ीघूड़ा व महानदी इलाके से रैली का आयोजन किया गया था. रैली में शामिल सभी के हाथों में खुकरी चमक रही थी. तीनों रैली सुकना में एकजुट होकर दागापुर तक आने की योजना थी. पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार सुकना में ही रैली को रोकने का निर्देश था. निर्देशानुसार नाकाबंदी की गयी. पुलिस को देखते ही रैली में शामिल लोगों ने पत्थरबाजी शुरू की.

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