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West Bengal : बंगाल में एक ऐसा स्कूल जहां पढ़ते है मवेशी !

पुरशुड़ा उप-प्राथमिक विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि इस मुद्दे पर वे कुछ नहीं कर पा रहे हैं. स्कूल में पहले चार शिक्षक थे, लेकिन अब केवल दो हैं और वे भी स्थानीय नहीं हैं. शिक्षकों को विरोध करने पर असामाजिक तत्वों से मारपीट का सामना करना पड़ता है.

पश्चिम बंगाल के हुगली के पुरशुड़ा ब्लॉक के बाखरपुर स्वालुक प्राथमिक विद्यालय की स्थिति चिंताजनक है. पिछले 10-12 वर्षों से स्कूल के खेल मैदान पर निर्माण सामग्री जमा की गई है. ईंट, पत्थर, और निर्माण सामग्री के अलावा यहां मवेशी भी बांधे जाते हैं. मवेशी के कारण छात्र-छात्राएं खेलने से वंचित हैं और विद्यालय का छात्रों की संख्या घटकर 150 से 30-35 रह गया है.स्थानीय लोग और अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल की सुरक्षा के लिए कोई दीवार नहीं है, जिससे छात्र सड़क पर भाग जाते हैं और दुर्घटनाओं का शिकार हो जाते हैं.

स्कूल की हालत बेहद खराब

पानी की व्यवस्था भी खराब है, स्कूल में दो नल हैं, लेकिन उनमें पानी नहीं आता है. अव्यवस्थित स्थिति के कारण ईंटों के ढेर में जहरीले सांप भी देखे गए हैं. स्थानीय पंचायत के प्रधान, तपन सामुई, का कहना है कि इस मुद्दे पर कई बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन स्थानीय लोगों को जागरूक करने में असफल रहे हैं. पंचायत फंड में पर्याप्त धन नहीं होने के कारण दीवार का निर्माण नहीं हो सका है. पंचायत समिति के पूर्ण कार्याध्यक्ष को भी इस मुद्दे से अवगत कराया गया है.

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स्कूल में शिक्षकों की है कमी

पुरशुड़ा उप-प्राथमिक विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि इस मुद्दे पर वे कुछ नहीं कर पा रहे हैं. स्कूल में पहले चार शिक्षक थे, लेकिन अब केवल दो हैं और वे भी स्थानीय नहीं हैं. शिक्षकों को विरोध करने पर असामाजिक तत्वों से मारपीट का सामना करना पड़ता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि शाम के अंधेरे में स्कूल परिसर में असामाजिक गतिविधियां होती हैं. कैमरा देखने के बाद मवेशियों को हटा दिया जाता है. लोग और शिक्षक चाहते हैं कि जल्द से जल्द स्कूल की दीवार बने ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके.

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Shinki Singh
Shinki Singh
10 साल से ज्यादा के पत्रकारिता अनुभव के साथ मैंने अपने करियर की शुरुआत Sanmarg से की जहां 7 साल तक फील्ड रिपोर्टिंग, डेस्क की जिम्मेदारियां संभालने के साथ-साथ महिलाओं से जुड़े मुद्दों और राजनीति पर लगातार लिखा. इस दौरान मुझे एंकरिंग और वीडियो एडिटिंग का भी अच्छा अनुभव मिला. बाद में प्रभात खबर से जुड़ने के बाद मेरा फोकस हार्ड न्यूज पर ज्यादा रहा. वहीं लाइफस्टाइल जर्नलिज्म में भी काम करने का मौका मिला और यह मेरे लिये काफी दिलचस्प है. मैं हर खबर के साथ कुछ नया सीखने और खुद को लगातार बेहतर बनाने में यकीन रखती हूं.

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