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मतदान केंद्र में लोगों ने जड़ा ताला, साढ़े चार बजे तक सामान लदा रहा गाड़ी में ही

जामुड़िया प्रखंड के तपसी ग्राम पंचायत अंतर्गत जानबाजार इलाके के ग्रामीणों ने बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग को लेकर जानबाजार आदिवासी फ्री प्राइमरी स्कूल में स्थित मतदान केंद्र (बूथ संख्या 243) में रविवार को ताला जड़ दिया

आसनसोल/जामुड़िया. जामुड़िया प्रखंड के तपसी ग्राम पंचायत अंतर्गत जानबाजार इलाके के ग्रामीणों ने बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग को लेकर जानबाजार आदिवासी फ्री प्राइमरी स्कूल में स्थित मतदान केंद्र (बूथ संख्या 243) में रविवार को ताला जड़ दिया और मांग पूरी नहीं होने तक आंदोलन शुरू कर दिया. स्थानीय सूत्रों के अनुसार पिछले तीन दिनों से यहां के लोग इस अनोखे आंदोलन की तैयारी में थे. मतदान केंद्र पर ताला जड़ने का मामला काफी कम देखने को मिला है. यह मुद्दा आग की तरह फैला और पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी, जन प्रतिनिधियों की यहां भीड़ जुट गयी. आंदोलन का नेतृत्व गांव की महिलाएं कर रहीं थीं. उनका कहना था कि जो तकलीफ हमलोग प्रतिदिन झेलते हैं, वही तकलीफ मतदान कर्मियों को दो दिन झेलनी होगी. यहां कोई जेनरेटर लगने नहीं दिया जायेगा. जेनरेटर सहित मतदान का सारा सामान गाड़ियों में ही फंसा रहा. तपसी ग्राम पंचायत की प्रधान बीनापानी बाउरी के हस्तक्षेप से ग्रामीणों ने मतदान केंद्र का ताला खोल दिया लेकिन बिजली आपूर्ति लेकर ठोस व सकारात्मक निर्णय नहीं होने तक जेनरेटर व सारा सामान गाड़ियों में ही पड़ा रहा. पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधियों की कतार लग गयी, महिलाएं कुछ भी सुनने को तैयार नहीं थीं. शाम साढ़े चार बजे तक यह आंदोलन चला. जामुड़िया प्रखंड के जॉइंट बीडीओ ने ग्रामीणों को समझाया कि आपलोग बीडीओ को आवेदन करें, उसपर तत्काल कार्रवाई होगी. पंचायत प्रधान ने लिखित आश्वासन दिया कि तीन माह के अंदर वेस्ट बंगाल स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड का कनेक्शन सभी को दे दिया जायेगा. इसके बाद महिलाएं वहां से हटीं और जेनरेटर के साथ मतदान का सारा सामान केंद्र के अंदर पहुंचा. इस मुद्दे को लेकर चुनाव आयोग तक शिकायत पहुंचने पर आयोग ने जिलाधिकारी से एक्शन टेकेन रिपोर्ट मांगी. जिसे जिलाधिकारी ने भेज दिया कि मामला सुलझ गया है और स्थिति सामान्य है. गौरतलब है कि तपसी ग्राम पंचायत के जानबाजार फ्री प्राइमरी स्कूल में स्थित बूथ संख्या 243 में कुल 1038 मतदाता हैं. यहां के लोगों के घरों में इसीएल से बिजली आपूर्ति होती है. यहां वोल्टेज इतनी कम रहता है कि पंखे की हवा लोगों को नहीं मिलती है. अधिकांश समय बिजली गुल रहती है. जिससे ग्रामीणों को प्रतिदिन भीषण समस्या का सामना करना पड़ता है. इस मुद्दे को लेकर वर्ष 2023 के पंचायत चुनाव में भी लोगों ने आवाज उठायी थी, उन्हें सिर्फ आश्वासन मिला. इसबार लोगों ने मतदान केंद्र में ही ताला जड़कर अपनी आवाज को सरकार तक पहुंचाया. स्थानीय संध्या किस्कू ने बताया कि बिजली नहीं रहने से देश का भविष्य अंधेरे में जा रहा है. इस गांव के बच्चे स्कूल में किसी तरह गर्मी झेलकर पढ़ते है. रात को बिजली नहीं होने के कारण स्कूल का होमवर्क नहीं कर पाते हैं. बड़े लोग तो किसी तरह इस गर्मी को झेल लेंगे, लेकिन बच्चों के लिए काफी परेशानी है. मतदान का हमलोग विरोध नहीं कर रहे हैं, सिर्फ जेनेरेटर यहां नहीं लगने देंगे. हमलोग जो तकलीफ नियमित झेल रहे हैं, वह तकलीफ मतदान कर्मी एक दिन सहकर के देखें कि यहां के लोग किस प्रकार अपना जीवन यापन कर रहे हैं. घटनास्थल पर पहुंचे पुलिस अधिकारी ने ग्रामीणों को समझाते हुए कहा कि यहां इसीएल का कनेक्शन है, जबतक उसका एनओसी नहीं मिलता है, तबतक राज्य सरकार बिजली नहीं दे सकती है. इसमें समय लगेगा. बिजली की व्यवस्था जल्द करने को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों से बात चल रही है. चुनाव बाद व्यवस्था हो जायेगी. ग्रामीण कुछ सुनने को तैयार नहीं थे. जामुड़िया पंचायत समिति के कर्माध्यक्ष जगन्नाथ सेठ ने कहा कि राज्य सरकार बिजली विभाग की ओर से यहां लोगों को कनेक्शन देने का कार्य प्रक्रिया में है, चुनाव के कारण स्थगित है. चुनाव समाप्त होते ही समस्या का समाधान हो जायेगा. जॉइंट बीडीओ ने ग्रामीणों को कहा कि बीडीओ को आवेदन करें उसी आवेदन के आधार पर बिजली विभाग को चिट्ठी करके तत्काल यहां कनेक्शन दिलाने का प्रयास किया जायेगा. मतदान केंद्र में वेबकास्टिंग के लिए बिजली की सबसे ज्यादा है जरूरत इसबार चुनाव में सभी बूथों पर वेबकास्टिंग की व्यवस्था है. जिला प्रशासन ने चुनाव आयोग को भेजी गयी अपनी रिपार्ट में पहले ही बता दिया है कि पश्चिम बर्दवान जिला में किसी बूथ पर कोई शैडो जोन (नेटवर्क समस्या) या अन्य कोई समस्या नहीं है. यदि किसी बूथ पर कोई समस्या होती तो वहां सीसीटीवी कैमरा या वीडियोग्राफी की व्यवस्था की जाती. कोई समस्या नहीं होने के कारण सभी बूथों पर वेबकास्टिंग की व्यवस्था है. पुलिस अधिकारी ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया कि जेनेरेटर नहीं लगने से मतदान की प्रक्रिया बाधित हो जाएगी. वेबकास्टिंग की व्यवस्था रुक जायेगी. ग्रामीण कुछ सुनने को तैयार नहीं थे. आखिरकार शाम को काफी समझाने के बाद ग्रामीण मान गये और जनरेटर व अन्य सामान को उतारने दिया गया.

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