बंगाल में एसआईआर के लिए चुनाव आयोग को मिलेंगे ग्रुप-बी के 8505 अधिकारी, सरकार ने दी जानकारी

Updated at : 08 Feb 2026 3:52 PM (IST)
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West Bengal SIR News Hindi

बंगाल में एसआईआर की प्रक्रिया में शामिल लोग. फोटो : एएनआई

बंगाल चुनाव 2026 से पहले राज्य में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) के लिए अब चुनाव आयोग को 8000 से अधिक ग्रेड-बी ऑफिसर मिलेंगे. राज्य सरकार की ओर से निर्वाचन आयोग को यह जानकारी दी गयी है. आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान आरोप लगाया था कि उसे एसआईआर प्रक्रिया की निगरानी के लिए सीनियर ऑफिसर उपलब्ध नहीं कराये गये.

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पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 से पहले वोटर लिस्ट शुद्धिकरण के लिए चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) के लिए राज्य सरकार ग्रुप बी के 8505 अधिकारी चुनाव आयोग को उपलब्ध करायेगा. बंगाल सरकार की ओर से निर्वाचन आयोग को यह जानकारी दी गयी है.

चुनाव आयोग का आरोप- बंगाल सरकार ने ग्रेड-2 के सिर्फ 80 अफसर दिये

यह बात इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि 4 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में निर्वाचन आयोग के वकील ने दलील दी थी कि पश्चिम बंगाल सरकार ने एसआईआर प्रक्रिया की देख-रेख के लिए ‘ग्रेड 2’ के केवल 80 ऑफिसर्स उपलब्ध करवाये हैं.

आंगनवाड़ी कार्यकर्ता जैसे निम्न श्रेणी के कर्मचारी देने का आरोप

चुनाव आयोग के वकील राकेश द्विवेदी ने कहा था कि बंगाल सरकार ने एसआईआर की देखरेख के लिए एसडीएम लेवल के सिर्फ 80 ‘ग्रेड 2’ अधिकारी दिये हैं. यह भी कहा कि सरकार ने इसके लिए केवल आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं जैसे निम्न श्रेणी के सरकारी कर्मचारियों ही आयोग को उपलब्ध कराये थे.

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चुनाव आयोग के आरोपों का ममता बनर्जी ने किया खंडन

ममता बनर्जी ने निर्वाचन आयोग के इन आरोपों का खंडन किया. कहा कि राज्य सरकार ने निर्वाचन आयोग द्वारा मांगी गयी सभी सेवाएं प्रदान की थीं. सुप्रीम कोर्ट ने एसआईआर प्रक्रिया के खिलाफ बनर्जी की याचिका का संज्ञान लिया. कहा कि योग्य व्यक्तियों के नाम मतदाता सूची में बने रहने चाहिए. कोर्ट ने निर्वाचन आयोग और पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से 9 फरवरी तक जवाब देने के लिए कहा.

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ममता बनर्जी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में चल रही है सुनवाई

एसआईआर के मुद्दे पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है. 4 फरवरी को चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस एनवी अंजारिया की पीठ सोमवार को पश्चिम बंगाल में जारी एसआईआर प्रक्रिया से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई करने वाली है, जिसमें राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा दायर याचिका भी शामिल है.

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ममता बनर्जी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई 9 को

खबर है कि बंगाल की चीफ मिनिस्टर ममता बनर्जी 9 फरवरी को फिर से सुप्रीम कोर्ट जा सकतीं हैं. 4 फरवरी को पश्चिम बंगाल की सीएम एपेक्स कोर्ट में पेश हुईं थीं और दलीलें भी पेश की थी. मुख्यमंत्री रहते कोर्ट में दलील रखने वाली वह देश की पहली चीफ मिनिस्टर बन गयीं.

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Mithilesh Jha

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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