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मालदा में महिला BLO की मौत, क्या SIR के दबाव में जा रही चुनावकर्मियों जानें? बंगाल में टीएमसी-बीजेपी आमने-सामने

Updated at : 07 Jan 2026 9:52 PM (IST)
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West Bengal BLO Death Malda

बंगाल में जारी है एसआईआर की प्रक्रिया. फोटो : प्रभात खबर

West Bengal BLO Death: पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में एक महिला BLO की मौत हो गयी है. परिवार का आरोप है कि वह एसआईआर के काम में लगी थीं और काम के दबाव की वजह से उनकी मौत हुई है. बीएलओ की मौत के लिए तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव आोयग पर आरोप लगाये हैं, तो भाजपा ने निर्वाचन आयोग का बचाव किया है. क्या SIR का दबाव ही चुनावकर्मियों जाने ले रहा है?

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West Bengal BLO Death: पश्चिम बंगाल में एक और महिला बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) की मौत हो गयी है. बुधवार सुबह मालदा जिले के इंग्लिशबाजार नगरपालिका के फुलबारी पाकुरतला इलाके में बीएलओ की मौत हुई. परिवार का आरोप है कि उस पर वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) के काम का दबाव था. दबाव की वजह से वह बीमार पड़ गयीं और उनका निधन हो गया. मृतका का नाम संप्रीता चौधरी सान्याल था. उनका घर पाकुरतला इलाके में था. वह पेशे से आशाकर्मी थीं. बंगाल में एसआईआर के बीच चुनावकर्मियों की मौत के मुद्दे पर टीएमसी और बीजेपी आमने सामने है.

मालदा में बीएलओ थीं संप्रीता चौधरी सान्याल

संप्रीता चौधरी सान्यास इंग्लिशबाजार नगरपालिका इलाके के वार्ड नंबर 15 के बूथ नंबर 163 पर बीएलओ का काम संभाल रहीं थीं. परिजनों के मुताबिक, वह पिछले कुछ दिनों से बीमार थीं. उनका इलाज भी चल रहा था. बुधवार सुबह घर पर ही उनकी मौत हो गयी. परिवार के लोगों ने बताया कि डॉक्टर ने आराम करने की सलाह दी थी, लेकिन काम के बोझ के कारण उन्हें आराम करने का मौका नहीं मिला.

बीएलओ की मौत पर टीएमसी-बीजेपी आमने-सामने

खबर मिलते ही इंग्लिशबाजार नगरपालिका के वार्ड नंबर 15 की तृणमूल पार्षद गायत्री घोष मृतका के घर पहुंचीं. उन्होंने बीएलओ की मौत के लिए चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराया. दक्षिण मालदा सांगठनिक जिला के भाजपा अध्यक्ष अजय गंगोपाध्याय ने कहा कि कोई भी मौत दुखद है, लेकिन उसके लिए चुनाव आयोग को दोषी ठहराना ठीक नहीं है.

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West Bengal BLO Death: बंगाल में एसआईआर के दौरान अब तक 7 बीएलओ की मौत

भाजपा नेता ने कहा कि पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के नेता बीएलओ पर ज्यादा दबाव डाल रहे हैं. इसकी वजह से उन्हें काम करने में दिक्कत हो रही है. टीएमसी के लोग बीएलओ पर दबाव डाल रहे हैं कि वे ईमानदारी से वोटर लिस्ट के शुद्धिकरण का काम न करें. दूसरी तरफ, यही पार्टी चुनाव आयोग पर आरोप लगा रही है. एसआईआर के द्वितीय चरण में अब तक 7 बीएलओ की मौत हो चुकी है.

पश्चिम बंगाल में SIR के दौरान अब तक रिपोर्ट की गई बीएलओ मौतें

बीएलओ का नामजगह का नाममौत की तारीख
नमिता हांसदापूर्व बर्धमान9 नवंबर 2025
शांति मुनि एक्काजलपाईगुड़ी18 नवंबर 2025
रिंकू तरफदारनदिया21-22 नवंबर 2025
जाकिर हुसैनमुर्शिदाबाद28 नवंबर 2025
हराधन मंडलबांकुड़ा28 दिसंबर 2025
आशीषकूचबिहारदिसंबर 2025
संप्रीता चौधरी सान्यालमालदा7 जनवरी 2026
स्रोत : मीडिया रिपोर्ट्स

एसआईआर के डर से मुर्शिदाबाद में बुजुर्ग का दिल का दौरा पड़ने से मौत

इससे पहले मंगलवार को मुर्शिदाबाद के नोदा ब्लॉक की बाली-1 ग्राम पंचायत में एक बुजुर्ग की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गयी. मृतक का नाम मोजम्मल शेख उर्फ कालू था. परिवार का दावा है कि वोटर कार्ड और 2002 की वोटर लिस्ट में कुछ गड़बड़ियां थीं. उनका नाम सही नहीं था.

कालू को था डर- वोटर लिस्ट से नाम कटा, तो देश छोड़ना होगा

चुनाव आयोग ने गलती को ठीक करने के लिए कालू को 31 दिसंबर को सुनवाई के लिए बुलाया था. सुनवाई से लौटने के बाद वह बीमार पड़ गये. उन्हें इस बात का डर था कि दस्तावेज में गलती के कारण उनका नाम कट सकता है. वोटर लिस्ट से नाम कट गया, तो उन्हें देश छोड़ना पड़ सकता है. मंगलवार को उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां उनकी मृत्यु हो गयी.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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