एसआइआर सुनवाई के नोटिस के बीच वृद्ध की मौत, सियासी आरोप-प्रत्यारोप

Author Amit kumar
Updated:
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मतदाता-सूची संशोधन प्रक्रिया के तहत ड्राफ्ट सूची जारी होने के बाद जिले में सुनवाई का सिलसिला जारी है.

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पुरुलिया.

मतदाता-सूची संशोधन प्रक्रिया के तहत ड्राफ्ट सूची जारी होने के बाद जिले में सुनवाई का सिलसिला जारी है. इसी क्रम में पाड़ा ब्लॉक के चावतला गांव के 82 वर्षीय आदिवासी बुजुर्ग दुर्जन मांझी की सोमवार सुबह संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. उनका शव गांव के पास रेल लाइन से बरामद किया गया. सोमवार को ही पाड़ा ब्लॉक कार्यालय में उनकी सुनवाई निर्धारित थी. घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है. जीआरपी ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए पुरुलिया सरकारी मेडिकल कॉलेज भेज दिया है.

शोकाकुल परिवार व तृणमूल का दावा, नोटिस के डर से सुसाइड

परिवार और तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व का दावा है कि एसआईआर के नाम पर सुनवाई का नोटिस मिलने से मानसिक दबाव में आकर बुजुर्ग ने आत्महत्या कर ली. टीएमसी नेता सुजय बंदोपाध्याय और शांतिराम महतो ने कहा कि दुर्जन मांझी का नाम 2002 की मतदाता सूची में मौजूद था, इसके बावजूद उन्हें सुनवाई के लिए बुलाया गया. आदिवासी परिवार लंबे समय से उसी इलाके में रह रहा है.

आयोग की कार्रवाई से लोगों में भय का माहौल बन रहा है, जिससे ऐसी घटनाएं हो रही हैं. नेताओं ने पूरे मामले की जांच की मांग की है. मृतक की पत्नी सीता मोनी मांझी और पुत्र कानाई मांझी ने बताया कि नोटिस मिलने के बाद दुर्जन मांझी काफी चिंतित थे. सोमवार सुबह वह टोटो बुलाने घर से निकले थे, ताकि दोपहर में पाड़ा ब्लॉक कार्यालय पहुंच सकें, पर उससे पहले ही रेल लाइन पर उनकी मौत हो गयी.

बीएलओ और भाजपा विधायक का अलग दावा

नोटिस देनेवाले बीएलओ बबलू मांझी ने कहा कि ड्राफ्ट सूची में कुछ गड़बड़ी सामने आयी थी. गुरुवार को घर जाकर नोटिस दिया गया और सोमवार दोपहर 2.30 बजे ब्लॉक कार्यालय आने को कहा गया था. मामला गंभीर नहीं था और सुनवाई में उपस्थित होने पर समस्या सुलझ जाने का आश्वासन भी था.

वहीं, तृणमूल के आरोपों को नकारते हुए स्थानीय भाजपा विधायक नादियार चंद बाउरी ने कहा कि एसआइआर को लेकर सत्ताधारी पार्टी लोगों में डर फैला रही है. यह घटना दुर्घटना है, ना कि आत्महत्या. परिवार में बस एक व्यक्ति को ही नोटिस दिया गया था. प्रक्रिया सरल थी और सुनवाई में पहुंचने पर सब साफ हो जाता. तृणमूल सियासी फायदे के लिए मामले को गलत तरीके से पेश कर रही है. घटना के बाद से पूरे इलाके में तनाव व चर्चा का माहौल है. प्रशासन व पुलिस मामले की जांच में जुटे हैं.

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