ePaper

मातृभाषा का सम्मान ही सांस्कृतिक पहचान : जितेंद्र तिवारी

Updated at : 21 Feb 2026 9:49 PM (IST)
विज्ञापन
मातृभाषा का सम्मान ही सांस्कृतिक पहचान : जितेंद्र तिवारी

अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर शनिवार को बीएनआर इलाके में कल्चरल एंड लिटरेरी फोरम ऑफ बंगाल की ओर से आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य वक्ता भाजपा नेता जितेंद्र तिवारी ने कहा कि मातृभाषा का सम्मान ही सांस्कृतिक पहचान की रक्षा करना है.

विज्ञापन

आसनसोल.

अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर शनिवार को बीएनआर इलाके में कल्चरल एंड लिटरेरी फोरम ऑफ बंगाल की ओर से आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य वक्ता भाजपा नेता जितेंद्र तिवारी ने कहा कि मातृभाषा का सम्मान ही सांस्कृतिक पहचान की रक्षा करना है. कार्यक्रम 21 फरवरी के भाषा शहीदों को श्रद्धांजलि देने के साथ शुरू हुआ. सदस्यों ने बांग्ला भाषा को मान्यता दिलाने के लिए अपने प्राणों की आहुति देनेवालों को नमन किया. जितेंद्र तिवारी ने अपने संबोधन में अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला.

उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में बांग्ला भाषा को प्राथमिकता देने की मांग को लेकर हुए आंदोलन की स्मृति में यह दिवस मनाया जाता है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू तीन भाषा नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस राज्य की जो प्रमुख भाषा है, उसे सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए. उन्होंने कहा कि व्यक्ति कई भाषाएं सीख सकता है, लेकिन जिस राज्य में रहता है, वहां की भाषा सीखना आवश्यक है और नई शिक्षा नीति का भी यही उद्देश्य है. उन्होंने बांग्लादेश की मौजूदा स्थिति पर भी चिंता जताते हुए कहा कि जिस देश में बांग्ला भाषा के लिए लोगों ने बलिदान दिया, वहां आज के हालात देख कर दुख होता है. कार्यक्रम में मातृभाषा के संरक्षण व संवर्धन की जरूरत पर भी जोर दिया गया.

विज्ञापन
AMIT KUMAR

लेखक के बारे में

By AMIT KUMAR

AMIT KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola