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WB News: भारत-बांग्लादेश सीमा पर लगातार 3 दिन से बीएसएफ जवानों पर हो रहा है हमला

Updated at : 23 Jun 2024 6:20 PM (IST)
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India Bangladesh Border

WB News: भारत-बांग्लादेश इंटरनेशनल बॉर्डर पर 3 दिन से बीएसएफ जवानों पर तस्कर हमला कर रहे हैं. मुर्शिदाबाद के बहरमपुर में हुए हमले का बीएसएफ ने करारा जवाब दिया.

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WB News: कोलकाता, अमित शर्मा : भारत-बांग्लादेश सीमा पर लगातार 3 दिन से बांग्लादेशी तस्कर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों पर हमला कर रहे हैं. तीसरे दिन मुर्शिदाबाद के बहरमपुर स्थित भारत-बांग्लादेश इंटरनेशनल बॉर्डर के पास जवानों पर जानलेवा हमला हुआ. रविवार (23 जून) को बीएसएफ ने यह जानकारी दी.

सीमा चौकी मधुबना में तेज धार वाले हथियारों से किया हमला

बीएसएफ की ओर से बताया गया है कि शनिवार (22 जून) की देर रात सीमा चौकी मधुबना में बल के जवानों पर तेज धार वाले हथियारों से जानलेवा हमला कर 7 बांग्लादेशी बदमाशों ने मवेशी तस्करी करने की कोशिश की. हालांकि, बीएसएफ दक्षिण बंगाल सीमांत की 146वीं बटालियन के जवानों ने उन्हें मुंहतोड़ जवाब दिया और मवेशी तस्करी को विफल कर दिया.

बिना तारबंदी वाले इलाकों में जवानों को होती हैं ज्यादा मुश्किलें

जवानों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए फायरिंग की, जिससे घबराकर तस्कर वापस बांग्लादेश भाग गए. घटनास्थल से 2 मवेशी व काफी संख्या में धारदार हथियार बरामद हुए हैं. पश्चिम बंगाल में मुर्शिदाबाद के जिस हिस्से में जवानों पर हमला हुआ, उस इलाके में तारबंदी नहीं हुई है. सीमा पर जिन इलाकों में तारबंदी नहीं हुई है, उन इलाकों में जवानों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है.

बीजीबी की निष्क्रियता से तस्करों और अपराधियों के हौसले बुलंद

इस पूरे इलाके में फैली फसलें, घनी झाड़ियां व उबड़-खाबड़ जमीन का लाभ तस्कर उठाते हैं. बीएसएफ के जवानों पर हुए हमले के बाद बीएसएफ के अधिकारियों ने बॉर्डर गार्ड्स बांग्लादेश (बीजीबी) के अधिकारियों के साथ बैठक की. बैठक में बांग्लादेशी सीमा की ओर से तस्करों द्वारा किये गये जानलेवा हमले पर जोरदार विरोध दर्ज कराया गया. हमले और बचाव में की गयी गोलीबारी के संबंध में संबंधित पुलिस स्टेशन में एक प्राथमिकी दर्ज कराई गई है.

कहां-कहां हुए हैं ऐसे हमले

  • शुक्रवार (21 जून) की आधी रात को मालदा जिले में बीएसएफ की सीमा चौकी लोधिया में जवानों पर जानलेवा हमला कर बांग्लादेशी से मवेशी तस्करी करने की कोशिश हुई. बीएसएफ की 70वीं बटालियन के जवानों ने जवाबी कार्रवाई की, तो तस्कर बांग्लादेश की ओर भाग खड़े हुए. बाद में तलाशी के दौरान तेजधार वाले हथियार व रॉड बरामद हुए थे.
  • इसके पहले मालदा में ही सीमा चौकी जगजीवनपुर में प्रथम पाली में ड्यूटी करते समय जवानों ने बांग्लादेश की ओर से बॉर्डर के पास 15 लोगों ने तलवारों व अन्य धारदार हथियारों से लैस होकर बीएसएफ के जवानों पर हमला किया था. इस तरह के हमले दक्षिण बंगाल सीमांत के अंतर्गत क्षेत्रीय मुख्यालय बहरमपुर में सीमा चौकी बामनाबाद, 73वीं बटालियन व क्षेत्रीय मुख्यालय कृष्णानगर में 32वीं बटालियन की सीमा चौकी होरांडीपुर व मटियारी में भी हुए हैं.
  • क्षेत्रीय मुख्यालय कोलकाता में 4 जगहों पर ऐसे हमले हुए हैं, जहां अपने बचाव में बीएसएफ के जवानों को बांग्लादेशी तस्करों पर राइफल, पीएजी व स्टन ग्रेनेड से फायर करना पड़ा. ऐसे हमलों में बीएसएफ के जवान भी घायल होते हैं.

असाधारण साहस का परिचय दे रहे बीएसएफ के जवान : डीआईजी

बीएसएफ, दक्षिण बंगाल सीमांत के डीआईजी एके आर्य ने कहा कि बीएसएफ के जवान असाधारण साहस और सतर्कता के साथ अपने कर्तव्यों का पालन कर रहे हैं. बांग्लादेशी अपराधियों द्वारा लगातार हमलों और घुसपैठ को लेकर बार-बार बीजीबी के साथ फ्लैग मीटिंग की. उन्हें चेताया, लेकिन सीमा पार से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई. उनकी इसी निष्क्रियता की वजह से सीमा पार के तस्करों और अपराधियों के हौसले बुलंद हैं. फिर भी, बीएसएफ के जवान देश की सीमाओं की रक्षा करने और सभी परिस्थितियों में हमारे राष्ट्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने में लगे हैं.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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