एमपी में महिलाओं के लापता होने पर तृणमूल का भाजपा पर हमला

मध्य प्रदेश में महिलाओं और लड़कियों के लापता होने के मामलों को लेकर सियासत तेज हो गयी है.
कोलकाता. मध्य प्रदेश में महिलाओं और लड़कियों के लापता होने के मामलों को लेकर सियासत तेज हो गयी है. तृणमूल कांग्रेस ने शुक्रवार को आरोप लगाया है कि 2020 से जनवरी 2026 तक राज्य में 2,74,311 महिलाएं और लड़कियां लापता दर्ज की गयीं, जिनमें से 68 हजार से अधिक का अब तक पता नहीं चल पया है. पार्टी ने इन आंकड़ों को लेकर मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार पर गंभीर सवाल उठाये हैं. तृणमूल ने सोशल मीडिया पर अपने आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल पर पोस्ट करके दावा किया कि वर्ष 2020 में करीब 30 हजार, 2021 में 39 हजार, 2023 में 40 हजार, 2025 में 31 हजार और 2026 के शुरुआती हफ्तों में ही एक हजार से ज्यादा मामले दर्ज हुए. इन आंकड़ों को लेकर राज्य सरकार की कार्यप्रणाली और महिला सुरक्षा के दावों पर विपक्ष ने निशाना साधा है. मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने विधानसभा में दिये कथित बयान में लापता मामलों के आंकड़े साझा किये थे, जिसके बाद यह मुद्दा और गरमा गया. विपक्ष का कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर गुमशुदगी राज्य की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है. वहीं, भाजपा नेताओं का कहना है कि लापता दर्ज मामलों में बड़ी संख्या में ऐसे केस होते हैं, जिनमें बाद में महिलाएं सुरक्षित मिल जाती हैं और पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है. राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच महिला सुरक्षा का मुद्दा एक बार फिर राज्य की राजनीति के केंद्र में आ गया है.
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