खून की नदी बहे… पर सियासत गरमायी : बंगाल चुनाव 2026 से पहले TMC का BJP पर हिंसा भड़काने का आरोप

Updated at : 12 Feb 2026 4:03 PM (IST)
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Biplab Deb West Bengal Election 2026 vs AITC

त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब देब और टीएमसी की ओर से किया गया ट्वीट. फोटो : प्रभात खबर

TMC vs BJP: तृणमूल कांग्रेस ने BJP के बंगाल चुनाव सह-प्रभारी और त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब देब पर ‘रक्त गंगा बहे...’ वाले बयान को लेकर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया है. TMC ने 2021 के शीतलकुची का जिक्र करते हुए कहा कि 2026 चुनाव से पहले बंगाल में हिंसा की साजिश रची जा रही है. BJP की ओर से अभी इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आयी है.

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TMC vs BJP: बंगाल की राजनीति हाई-वोल्टेज मोड में है. राज्य की रूलिंग पार्टी (सत्तारूढ़ दल) तृणमूल कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बंगाल चुनाव सह-प्रभारी और त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब देब पर गंभीर आरोप लगाये हैं. TMC ने सोशल मीडिया पर कहा है कि देब ने ‘रक्त गंगा बहे, महासागर बहे… सरकार गिरनी चाहिए’ जैसा बयान दिया. यह सीधे तौर पर हिंसा को बढ़ावा देने जैसा है.

तृणमूल के राजीब बनर्जी ने दिया था ‘खून की गंगा…’ वाला बयान

भाजपा के प्रदेश मीडिया को-ऑर्डिनेटर बिमल शंकर नंदा ने प्रभात खबर (prabhatkhabar.com) को बताया कि ‘बंगाल में खून की गंगा बहेगी…’ का बयान ममता बनर्जी सरकार में मंत्री रहे राजीब बनर्जी ने दिया था. त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री और लोकसभा सांसद बिप्लब देब ने उनके बयान को ही कोट किया था, जिसे गलत तरीके से टीएमसी (All India Trinamool Congress – AITC) वाले पेश कर रहे हैं.

राजीब बनर्जी के बयान पर बिप्लब देब ने किया पलटवार

नंदा ने कहा कि राजीब बनर्जी 2021 में कुछ दिनों तक भाजपा में भी थे. बाद में टीएमसी में लौट गये. राजीब ने अक्टूबर 2025 में कहा था कि अगर बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) होता है, तो बंगाल में खून की गंगा बहेगी. इसी संदर्भ में बिप्लब कुमार देब ने कहा कि बंगाल में खून की गंगा बहे या सागर बह जाये. प्रदेश की जनता के सब्र का बांध टूट चुका है. वे सड़क पर उतरेंगे और ऐसा जनसैलाब आयेगा कि उनकी पार्टी (तृणमूल कांग्रेस) का नाम ही मिट जायेगा.

TMC का सीधा आरोप : ओपन कॉल फॉर वायलेंस

TMC ने बृहस्पतिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपने पोस्ट में लिखा कि यह ‘खुलेआम हिंसा की अपील’ है. पार्टी ने दावा किया कि BJP बंगाल में और खून-खराबा चाहती है. पोस्ट में यह भी कहा गया कि BJP 150 मौतों से भी संतुष्ट नहीं है, जो कथित तौर पर ‘लापरवाह और अमानवीय SIR’ की वजह से हुईं.

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मॉब लिंचिंग और शीतलकुची का जिक्र

TMC ने BJP शासित राज्यों में बंगालियों की मॉब लिंचिंग का मुद्दा भी उठाया. साथ ही 2021 के शीतलकुची का जिक्र करते हुए कहा कि तब केंद्रीय बलों की गोलीबारी में निर्दोष लोगों की जान गयी थी. टीएमसी का आरोप है कि BJP बंगाल में 2026 के चुनाव में ‘वैसा ही डर और खून’ दोहराना चाहती है.

बिप्लब देब को बताया ‘बिग फ्लॉप देब’

TMC ने बिप्लब देब को ‘BIG-FLOP DEB’ करार देते हुए आरोप लगाया कि उन्हें बंगाल में इसलिए लाया गया है, क्योंकि वे राजनीतिक हिंसा को समझते हैं. ममता बनर्जी की पार्टी का कहना है कि यह सब बंगाल की जमीन को ‘खून से रंगने’ की साजिश है.

‘Banchte Chai BJP Tai’ पर भी TMC ने किया हमला

TMC ने BJP के नारे बांचते चाई बीजेपी ताई (Banchte Chai BJP Tai) पर तंज कसते हुए कहा कि BJP चाहती है कि बंगाल के लोग उनके सामने झुक जायें और जीने के लिए उनसे गुहार लगाएं.

TMC vs BJP: पॉलिटिकल टेंपरेचर पीक पर

फिलहाल BJP की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आयी है. चुनाव इसी साल होने हैं. अभी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) की प्रक्रिया चल रही है. फाइनल वोटर लिस्ट जारी होना बाकी है, लेकिन बंगाल चुनाव 2026 का पॉलिटिकल टेंपरेचर अभी से पीक पर है.

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Mithilesh Jha

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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