बंगाल चुनाव में 91 लाख लोग कर पायेंगे वोट? वोटर लिस्ट फ्रीज करने और SIR पर सुप्रीम सुनवाई आज

Updated at : 13 Apr 2026 6:30 AM (IST)
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Supreme Court West Bengal Voter List Case West Bengal Election 2026

Supreme Court West Bengal Voter List Case: सुप्रीम कोर्ट सोमवार को पश्चिम बंगाल मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और वोटर लिस्ट को ‘फ्रीज’ किये जाने के इलेक्शन कमीशन के आदेश पर सुनवाई करेगा. CJI सूर्यकांत की बेंच करेगी फैसला. जानें बंगाल चुनाव से जुड़े इस मामले का ताजा अपडेट.

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Supreme Court West Bengal Voter List Case: बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से ठीक पहले एक बड़ी कानूनी लड़ाई देश की सर्वोच्च अदालत में पहुंच गयी है. सुप्रीम कोर्ट सोमवार (13 अप्रैल) को बंगाल में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव आयोग द्वारा वोटर लिस्ट को ‘फ्रीज’ करने से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई करेगा. सुनवाई के नतीजे तय करेंगे कि उन 91 लाख लोगों को वोट देने का हक मिलेगा, जिनके नाम वोटर लिस्ट से हटा दिये गये हैं.

CJI सूर्यकांत की बेंच करेगी सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट की कार्यसूची के अनुसार, इस संवेदनशील मामले की सुनवाई देश के प्रधान न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की खंडपीठ करेगी. कोर्ट ने 10 अप्रैल को ही इन याचिकाओं पर त्वरित सुनवाई पर सहमति दे दी थी.

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पूरे विवाद को आसान शब्दों में समझें

  • वोटर लिस्ट का ‘फ्रीज’ होना : चुनाव आयोग ने पहले चरण की सीटों के लिए 9 अप्रैल को मतदाता सूचियों को अंतिम रूप देकर उन्हें ‘फ्रीज’ कर दिया था. इसका सीधा मतलब यह है कि अब वोटिंग तक सूची में कोई नया नाम नहीं जोड़ा जा सकेगा, न ही हटाये गये नामों को इस लिस्ट में शामिल किया जायेगा.
  • SIR की प्रक्रिया : पश्चिम बंगाल में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्षी दल और कई नागरिक संगठन लगातार सवाल उठा रहे हैं. आरोप है कि इस प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर मतदाताओंके नाम वोटर लिस्ट से हटाये गये हैं.
  • 91 लाख नामों का मामला : बंगाल सरकार और तृणमूल कांग्रेस लगातार आरोप लगा रही है कि लाखों वैध मतदाताओं के नाम साजिश के तहत हटाये गये हैं. एसआईआर प्रक्रिया के तहत करीब 91 लाख लोगों के नाम काटे गये हैं.

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न्यायिक अधिकारियों का घेराव और स्वतः संज्ञान

सोमवार की सुनवाई केवल याचिकाओं तक सीमित नहीं रहेगी. सुप्रीम कोर्ट मालदा जिले में एसआईआर (SIR) की कवायद में लगे 7 न्यायिक अधिकारियों (जजों) के ‘घेराव’ और उन्हें बंधक बनाये जाने से संबंधित मामले पर भी सुनवाई करेगा. मालदा में इस प्रक्रिया के दौरान भारी विरोध और न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाये जाने की खबरें आयीं थीं, जिस पर अदालत ने सख्त रुख अपनाया है.

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Supreme Court West Bengal Voter List Case: चुनाव की तारीखों पर टिकी नजर

बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान होना है. ऐसे में सोमवार की सुनवाई बेहद अहम है, क्योंकि 23 अप्रैल को होने वाले पहले चरण के लिए समय बहुत कम बचा है. 4 मई को नतीजे आने हैं, लेकिन उससे पहले वोटर लिस्ट की शुद्धता को लेकर सुप्रीम कोर्ट का फैसला राज्य की चुनावी दिशा बदल सकता है.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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