बंगाल चुनाव में 91 लाख लोग कर पायेंगे वोट? वोटर लिस्ट फ्रीज करने और SIR पर सुप्रीम सुनवाई आज

Supreme Court West Bengal Voter List Case West Bengal Election 2026
Supreme Court West Bengal Voter List Case: सुप्रीम कोर्ट सोमवार को पश्चिम बंगाल मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और वोटर लिस्ट को ‘फ्रीज’ किये जाने के इलेक्शन कमीशन के आदेश पर सुनवाई करेगा. CJI सूर्यकांत की बेंच करेगी फैसला. जानें बंगाल चुनाव से जुड़े इस मामले का ताजा अपडेट.
Supreme Court West Bengal Voter List Case: बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से ठीक पहले एक बड़ी कानूनी लड़ाई देश की सर्वोच्च अदालत में पहुंच गयी है. सुप्रीम कोर्ट सोमवार (13 अप्रैल) को बंगाल में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव आयोग द्वारा वोटर लिस्ट को ‘फ्रीज’ करने से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई करेगा. सुनवाई के नतीजे तय करेंगे कि उन 91 लाख लोगों को वोट देने का हक मिलेगा, जिनके नाम वोटर लिस्ट से हटा दिये गये हैं.
CJI सूर्यकांत की बेंच करेगी सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट की कार्यसूची के अनुसार, इस संवेदनशील मामले की सुनवाई देश के प्रधान न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की खंडपीठ करेगी. कोर्ट ने 10 अप्रैल को ही इन याचिकाओं पर त्वरित सुनवाई पर सहमति दे दी थी.
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पूरे विवाद को आसान शब्दों में समझें
- वोटर लिस्ट का ‘फ्रीज’ होना : चुनाव आयोग ने पहले चरण की सीटों के लिए 9 अप्रैल को मतदाता सूचियों को अंतिम रूप देकर उन्हें ‘फ्रीज’ कर दिया था. इसका सीधा मतलब यह है कि अब वोटिंग तक सूची में कोई नया नाम नहीं जोड़ा जा सकेगा, न ही हटाये गये नामों को इस लिस्ट में शामिल किया जायेगा.
- SIR की प्रक्रिया : पश्चिम बंगाल में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्षी दल और कई नागरिक संगठन लगातार सवाल उठा रहे हैं. आरोप है कि इस प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर मतदाताओंके नाम वोटर लिस्ट से हटाये गये हैं.
- 91 लाख नामों का मामला : बंगाल सरकार और तृणमूल कांग्रेस लगातार आरोप लगा रही है कि लाखों वैध मतदाताओं के नाम साजिश के तहत हटाये गये हैं. एसआईआर प्रक्रिया के तहत करीब 91 लाख लोगों के नाम काटे गये हैं.
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न्यायिक अधिकारियों का घेराव और स्वतः संज्ञान
सोमवार की सुनवाई केवल याचिकाओं तक सीमित नहीं रहेगी. सुप्रीम कोर्ट मालदा जिले में एसआईआर (SIR) की कवायद में लगे 7 न्यायिक अधिकारियों (जजों) के ‘घेराव’ और उन्हें बंधक बनाये जाने से संबंधित मामले पर भी सुनवाई करेगा. मालदा में इस प्रक्रिया के दौरान भारी विरोध और न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाये जाने की खबरें आयीं थीं, जिस पर अदालत ने सख्त रुख अपनाया है.
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Supreme Court West Bengal Voter List Case: चुनाव की तारीखों पर टिकी नजर
बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान होना है. ऐसे में सोमवार की सुनवाई बेहद अहम है, क्योंकि 23 अप्रैल को होने वाले पहले चरण के लिए समय बहुत कम बचा है. 4 मई को नतीजे आने हैं, लेकिन उससे पहले वोटर लिस्ट की शुद्धता को लेकर सुप्रीम कोर्ट का फैसला राज्य की चुनावी दिशा बदल सकता है.
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By मिथिलेश झा
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