मालदा कांड में NIA का एक्शन, कांग्रेस उम्मीदवार समेत 7 हिरासत में, ISF नेता गिरफ्तार, रडार पर AIMIM सदस्य

Updated at : 12 Apr 2026 9:11 PM (IST)
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NIA Action Malda West Bengal: मालदा में SIR के विरोध में जजों को बंधक बनाये जाने के मामले की जांच NIA ने तेज कर दी है. कांग्रेस उम्मीदवार और ISF पंचायत सदस्य पर बड़ी कार्रवाई की गयी है. जानें मालदा हिंसा का ताजा अपडेट.

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NIA Action Malda West Bengal: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के बीच मालदा जिले में न्यायिक अधिकारियों के घेराव के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है. जजों को करीब 9 घंटे तक बंधक बनाये रखने वाले इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच कर रही राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) ने रविवार को कांग्रेस के उम्मीदवार सहित 7 लोगों को हिरासत में लिया है. इसके साथ ही इंडियन सेक्युलर फ्रंट (ISF) के एक पंचायत सदस्य को गिरफ्तार किया है. केंद्रीय एजेंसी की इस अचानक कार्रवाई से मालदा में हड़कंप मच गया है.

प्रचार के बीच हिरासत में लिये गये कांग्रेस प्रत्याशी

एनआईए के एक अधिकारी ने बताया कि मोथाबाड़ी विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार सायम चौधरी को उस समय हिरासत में लिया गया, जब वे अलीनगर पंचायत इलाके में चुनाव प्रचार कर रहे थे. उनके साथ उनके कुछ सहयोगियों को भी एनआईए ने कस्टडी में लिया है.

क्या है मामला?

पूरी कार्रवाई मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान भारी संख्या में नाम हटाये जाने के विरोध में हुई हिंसा से जुड़ी है. स्थानीय लोगों ने सूची से नाम गायब होने पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश से SIR की प्रक्रिया को निपटा रहे जजों को बंधक बना लिया था.

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ISF नेता गिरफ्तार, AIMIM कनेक्शन आया सामने

एनआईए ने आईएसएफ के ग्राम पंचायत सदस्य गुलाम रब्बानी को गिरफ्तार कर लिया है. रब्बानी की गिरफ्तारी असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के सदस्य मोफक्करुल इस्लाम से हुई पूछताछ के आधार पर की गयी है. मोफक्करुल को पहले राज्य पुलिस ने हिरासत में लिया था, जिससे मिले सुरागों ने इस पूरी साजिश के तार जोड़ दिये हैं.

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गुलाम रब्बानी को कोलकाता ले जाने की तैयारी

एनआईए के मुताबिक, गुलाम रब्बानी को ट्रांजिट रिमांड पर कोलकाता लाया जा सकता है, जहां उसे विशेष अदालत में पेश किया जायेगा. अधिकारियों को उम्मीद है कि रब्बानी से पूछताछ में घेराव की इस हिंसक घटना के पीछे के मास्टरमाइंड का पता चल सकेगा.

सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद NIA को मिली जांच

मालदा में 1 अप्रैल को हुई इस घटना पर सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल प्रशासन की कड़ी आलोचना की थी. कोर्ट के कड़े रुख के बाद निर्वाचन आयोग ने इस मामले की जांच का जिम्मा एनआईए को सौंपा था. न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में बाधा डालने के आरोपों को देखते हुए एनआईए अब इस मामले की तह तक जाने में जुटी है. आने वाले दिनों में कुछ और राजनीतिक चेहरों पर गाज गिर सकती है. फिलहाल मालदा में तनावपूर्ण शांति हुई है और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गयी है.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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