मालदा कांड पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, NIA करेगी जजों पर हमले की जांच, बंगाल के चीफ सेक्रेटरी को लगायी फटकार

Updated at : 06 Apr 2026 10:48 PM (IST)
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Malda Judicial Officers Attack NIA Investigation Supreme Court West Bengal News Today

Malda Judicial Officers Attack NIA Investigation: मालदा जिले में 7 जजों के घेराव मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा एक्शन लिया है. जांच NIA को सौंप दी है. बंगाल के मुख्य सचिव को हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस से माफी मांगने का आदेश दिया है.

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Malda Judicial Officers Attack NIA Investigation: बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले मालदा जिले में न्यायिक अधिकारियों के घेराव और हमले के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बेहद सख्त रुख अख्तियार कर लिया है. सोमवार को शीर्ष अदालत ने अपनी ‘असीमित शक्तियों’ का इस्तेमाल करते हुए इस पूरे मामले की जांच एनआईए (NIA) को सौंप दी. कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि राज्य की नौकरशाही में राजनीति घुस गयी है और इसकी विश्वसनीयता लगातार गिर रही है.

मुख्य सचिव को फटकार – चीफ जस्टिस का फोन क्यों नहीं उठाया?

सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत की पीठ ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव दुश्यंत नरियाला को कड़ी फटकार लगायी. कोर्ट इस बात से नाराज था कि 1 अप्रैल को जब मालदा में जजों को भीड़ ने घेर रखा था, तब मुख्य सचिव ने कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस का फोन तक नहीं उठाया. कोर्ट ने मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि वे इस लापरवाही के लिए हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस से तुरंत माफी मांगें. पीठ ने कहा कि यह घटना पूरी तरह से जिला प्रशासन की विफलता को दर्शाती है.

26 आरोपियों से पूछताछ करेगी NIA

सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि मालदा हिंसा के सिलसिले में राज्य पुलिस द्वारा गिरफ्तार किये गये 26 आरोपियों से अब एनआईए पूछताछ करेगी. कोर्ट ने साफ किया कि भले ही आरोपी अभी न्यायिक हिरासत में हों, एनआईए उनसे सवाल-जवाब कर सकती है. कोर्ट का मानना है कि एसआईआर (SIR) कार्य में लगे जजों को घंटों बंधक बनाना एक ‘पूर्व-नियोजित’ साजिश थी, जिसका मकसद किसी विशेष उद्देश्य को पूरा करना था.

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Malda Judicial Officers Attack NIA Investigation: 700 जजों की फौज निपटा रही है 60 लाख दावे

पश्चिम बंगाल, ओडिशा और झारखंड के कुल 700 न्यायिक अधिकारियों को विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया में लगाया गया है. ये अधिकारी मतदाता सूची से बाहर किये गये 60 लाख से अधिक लोगों के दावों और आपत्तियों का निपटारा कर रहे हैं. मालदा में इसी काम के दौरान 7 जजों को करीब 9 घंटे तक बंधक बनाकर रखा गया और उन पर हमला हुआ था.

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जजों की सुरक्षा और सम्मान से कोई समझौता नहीं : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट की इस कार्रवाई से बंगाल के प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है. कोर्ट ने साफ कर दिया है कि न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा और सम्मान से कोई समझौता नहीं किया जायेगा.

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Mithilesh Jha

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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