रांची: रातू की बेटी के लिए सड़कों पर उतरे लोग, राजनंदिनी मर्डर केस में भारी उबाल

कैंडल मार्च में शामिल लोगों की भीड़
Rajnandini Murder Case Ratu: राजधानी रांची के रातू में राजनंदिनी हत्याकांड को लेकर सोमवार को भारी जन-आक्रोश देखा गया. झखराटांड़ से काठीटांड़ चौक तक निकाले गए विशाल कैंडल मार्च में लोगों ने कमलेश मेमोरियल अस्पताल के संचालक अमरेश पाठक समेत अन्य आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की.
Rajnandini Murder Case Ratu, रांची (चंद्रशेखर राम उपाध्याय की रिपोर्ट): राजधानी रांची के रातू थाना क्षेत्र अंतर्गत झखराटांड़ की बेटी राजनंदिनी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है. इस हत्या के विरोध में सोमवार को स्थानीय निवासियों का धैर्य जवाब दे गया और भारी संख्या में लोगों ने सड़कों पर उतरकर अपना विरोध दर्ज कराया. झखराटांड़ स्थित संकट मोचन मंदिर से शुरू होकर काठीटांड़ चौक तक निकाले गए इस ‘कैंडल मार्च’ में पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं की भी भारी भागीदारी रही. हाथों में ‘जस्टिस फॉर राजनंदिनी’ की तख्तियां और जलती मोमबत्तियां लिए प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्ण तरीके से पुलिस और प्रशासन के समक्ष अपनी मांगों को रखा.
कमलेश मेमोरियल अस्पताल के संचालक पर गंभीर आरोप
आंदोलनकारियों का मुख्य निशाना कमलेश मेमोरियल अस्पताल के संचालक अमरेश पाठक और उनके सहयोगी रहे. प्रदर्शनकारियों ने अमरेश पाठक को इस पूरे हत्याकांड की साजिश का मुख्य सूत्रधार बताते हुए उनकी अविलंब गिरफ्तारी की मांग की है. इसके अलावा, ज्ञापन में सुबोध पाठक और राहुल पाठक के खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रभावशाली संपर्कों के कारण आरोपियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है, जिसे रातू की जनता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी.
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पुतला दहन और ‘इंसाफ’ की गूंज
कैंडल मार्च जब काठीटांड़ चौक पहुंचा, तो वहां का माहौल और भी गमगीन और आक्रोशित हो गया. प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों के पुतले जलाकर अपनी नाराजगी जाहिर की. चौक पर “दोषियों को फांसी दो” और “राजनंदिनी के हत्यारों को सामने लाओ” जैसे नारे देर तक गूंजते रहे. मार्च के दौरान कई महिलाएं भावुक हो गईं. उन्होंने राजनंदिनी को अपनी बेटी बताते हुए कहा कि जब तक उसे न्याय नहीं मिल जाता, वे चुप नहीं बैठेंगी. इस दौरान पुलिस बल भी एहतियात के तौर पर तैनात रहा.
दो मिनट का मौन और अंतिम चेतावनी
मार्च के समापन पर सभी ने राजनंदिनी को भावभीनी श्रद्धांजलि दी और मृत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया, जिससे पूरा माहौल और भी भारी हो गया. स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 48 घंटों के भीतर मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो वे चक्का जाम और उग्र आंदोलन करने के लिए विवश होंगे. फिलहाल पुलिस मामले की तहकीकात कर रही है.
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By Sameer Oraon
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