SIR पर सुप्रीम कोर्ट में महासंग्राम, 60 लाख दावों पर जजों ने लिया फैसला, मालदा में घेराव के बीच 8 लाख केस सुलझे

Updated at : 06 Apr 2026 5:31 PM (IST)
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SIR Bengal Supreme Court Hearing West Bengal Elections 2026

SIR Bengal Supreme Court Hearing: बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले मतदाता सूची विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. अब तक 59 लाख दावों का निपटारा पूरा हो चुका है. ममता बनर्जी के वकील ने ट्रिब्यूनल्स के काम पर सवाल उठाये हैं. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.

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SIR Bengal Supreme Court Hearing: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से ठीक पहले ‘मतदाता सूची’ से नाम हटाये जाने के मामले की देश की सर्वोच्च अदालत में सुनवाई हुई. सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आये. निर्वाचन आयोग (ECI) ने कोर्ट को बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के तहत हटाये गये मतदाताओं के 60 लाख दावों में से करीब 59 लाख का निपटारा सोमवार दोपहर तक ही कर दिया गया.

मैराथन सुनवाई : जजों ने दिन-रात एक कर सुनाया फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की ओर से भेजे गये एक पत्र का हवाला देते हुए न्यायिक अधिकारियों (जजों) की कार्य की प्रगति की सराहना की. इसमें कहा गया है कि सोमवार दोपहर तक 59 लाख से अधिक दावों और आपत्तियों पर निर्णय लिया जा चुका था.

देर रात तक सभी मामलों पर हो जायेगा फैसला

चुनाव आयोग ने कोर्ट को भरोसा दिलाया है कि शेष बचे सभी दावों पर आज यानी सोमवार देर रात तक ही अंतिम फैसला ले लिया जायेगा. सुप्रीम कोर्ट को बताया गया है कि मालदा जिले में, जहां से पिछले दिनों जजों को बंधक बनाये जाने की खबरें आयीं थीं, वहां भी न्यायिक अधिकारियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए लगभग 8 लाख दावों का निपटारा कर दिया है.

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ममता बनर्जी के वकील ने ट्रिब्यूनल पर उठाये सवाल

सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल में मतदाताओं के दावों के निपटारे की रफ्तार पर संतोष जताया, तो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के वकील ने एक गंभीर मुद्दा उठा दिया. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि मतदाता सूची से नाम हटाने के खिलाफ दायर याचिकाओं की सुनवाई के लिए जो 19 विशेष न्यायाधिकरण (Tribunals) गठित किये गये थे, वे अभी तक सुचारु रूप से काम शुरू नहीं कर पाये हैं. इससे उन लोगों को परेशानी हो रही है, जो अपने नाम कटने को लेकर कानूनी लड़ाई लड़ना चाहते हैं.

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SIR Bengal Supreme Court Hearing: क्या है पूरा विवाद?

पश्चिम बंगाल में विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच मतदाता सूची में ‘घुसपैठियों’ बनाम ‘वैध नागरिकों’ के नाम काटने के मुद्दे पर ठन गयी है. SIR प्रक्रिया के तहत लाखों नाम हटाये जाने के बाद पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गये थे. अब सुप्रीम कोर्ट की इस सक्रियता के बाद उम्मीद जतायी जा रही है कि नामांकन की आखिरी तारीख से पहले मतदाता सूची का विवाद सुलझ जायेगा.

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Mithilesh Jha

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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