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ग्रामीण युवाओं को अंग्रेजी में दक्ष बनाने के लिए सेंट जेवियर्स यूनिवर्सिटी का कैंप

Updated at : 20 Aug 2025 1:25 AM (IST)
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ग्रामीण युवाओं को अंग्रेजी में दक्ष बनाने के लिए सेंट जेवियर्स यूनिवर्सिटी का कैंप

गोबरडांगा के निवासियों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे अपने क्षेत्र में किसी शैक्षणिक संस्थान द्वारा किया गया अपनी तरह का पहला प्रयास बताया है.

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सेंट जेवियर्स यूनिवर्सिटी के संकाय सदस्य और छात्र दे रहे प्रशिक्षण कोलकाता. सेंट जेवियर्स यूनिवर्सिटी ने उत्तर 24 परगना जिले के गोबरडांगा स्थित उत्तरायण प्राथमिक विद्यालय के छात्रों के लिए एक अग्रणी अंग्रेजी भाषा कैंप का आयोजन किया है. गोबरडांगा के निवासियों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे अपने क्षेत्र में किसी शैक्षणिक संस्थान द्वारा किया गया अपनी तरह का पहला प्रयास बताया है. यह शिविर शहरी-ग्रामीण अंतर को पाटने के यूनिवर्सिटी के निरंतर प्रयासों का हिस्सा है. आस-पास के छह गांवों को गोद लेने के बाद, यूनिवर्सिटी के छात्र और शिक्षक वंचितों तक शिक्षा पहुंचाने के लिए नियमित रूप से इन क्षेत्रों का दौरा करते हैं. यूनिवर्सिटी ने इन गांवों के युवाओं को सशक्त बनाने के लिए एक पुस्तकालय और कंप्यूटर केंद्र भी स्थापित किया है. ये युवा विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों के लिए अक्सर कैंपस में आते हैं, उनके कौशल को बढ़ाने के लिए यूनिवर्सिटी ने विशेष व्यवस्था की है. कैंप का उद्घाटन सेंट जेवियर्स यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ जॉन फेलिक्स राज ने किया. ग्रामीण छात्रों में अंग्रेजी बोलने और बुनियादी संचार कौशल को बढ़ाने के लक्ष्य से आयोजित स्कूल की इस अभिनव पहल के लिए स्कूल प्रशासन की सराहना की. उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने देश के युवाओं को सशक्त करने व गरीब बच्चों को शिक्षा पहुंचाने पर जोर दिया था. इसी लक्ष्य को ध्यान में रखकर हरेक युवा तक शिक्षा पहुंचायी जा रही है. इस कैंप में सेंट जेवियर्स यूनिवर्सिटी के संकाय सदस्य और छात्र शामिल हुए, जो इस मिशन को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करने के लिए वहीं डेरा डाले हुए थे. कैंप में सीमित अनुभव, संसाधनों की कमी और अंग्रेजी बोलने के डर जैसी चुनौतियों पर काबू पाकर ग्रामीण युवा बहुत कुछ सीख रहे हैं. यूनिवर्सिटी के एक अधिकारी ने बताया कि इस मॉडल को अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में भी दोहराने की योजना बनायी जा रही है. इस पहल का विस्तार करते हुए यूनिवर्सिटी के छात्रों को ग्रामीण छात्रों के साथ रहने व उन्हें मोटिवेट करने के लिए भी कहा जाता है, ताकि दोनों को एक दूसरे से सीखने को मिले.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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GANESH MAHTO

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By GANESH MAHTO

GANESH MAHTO is a contributor at Prabhat Khabar.

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