एसआईआर में भाषाई बाधा दूर करने के लिए ओडिया अनुवादकों की नियुक्ति करेगा चुनाव आयोग

SIR West Bengal: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 से पहले जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान में आ रही भाषाई बाधा को दूर करने के लिए चुनाव आयोग ने ओडिया अनुवादकों और दुभाषियों की नियुक्ति करने का फैसला किया है. मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय ने बताया है कि पूर्वी और पश्चिमी मेदिनीपुर की 4 पंचायतों के लिए दुभाषिये नियुक्त किये जायेंगे, ताकि एसआईआर का काम अपनी गति से चलता रहे.
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SIR West Bengal: पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव 2026 से पहले स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) के दौरान भाषाई समस्या एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आयी है. इसे देखते हुए चुनाव आयोग ने पश्चिम मेदिनीपुर जिले की 4 ग्राम पंचायतों में विशेष रूप से ओडिया दुभाषियों और अनुवादकों की नियुक्ति करने का निर्णय लिया है. यह कदम उन इलाकों के लिए उठाया गया है, जो ओडिशा की सीमा से सटे हैं.
4 ग्राम पंचायतों में होगी ओडिया अनुवादक और दुभाषिये की नियुक्ति
पश्चिम मेदिनीपुर के दांतन और मोहनपुर ब्लॉक के अंतर्गत आने वाली इन 4 ग्राम पंचायतों में बड़ी संख्या में ओडिया भाषी आबादी है. पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यहां के अधिकांश निवासी पीढ़ियों से बसे हुए हैं. उनकी प्राथमिक भाषा ओडिया है.
SIR West Bengal: मतदाताओं ने ओडिया में भर दिये गणना फॉर्म
सीईओ कार्यालय ने बताया कि एसआईआर की समस्या उस समय और गंभीर हो गयी, जब नये मतदाता के रूप में शामिल होने वाले कई लोगों ने बताया कि उन्हें बांग्ला या हिंदी का पर्याप्त ज्ञान नहीं है. अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि कई मतदाताओं ने अपने गणना फॉर्म ओडिया लिपि में भरकर जमा कर दिये.
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बांग्लाभाषी चुनाव अधिकारियों के लिए ओडिया पढ़ना था मुश्किल
बांग्ला भाषी चुनाव अधिकारियों के लिए इन फॉर्म्स को पढ़ना और आवेदकों से संवाद कर पाना कठिन हो रहा था. चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि ओडिया लिपि के अनुवाद और मौखिक संवाद में काफी समय लग रहा था. इसकी वजह से एसआईआर की प्रक्रिया धीमी पड़ रही थी.
दांतन और मोहनपुर ब्लॉक में है सबसे अधिक समस्या
अधिकारी ने कहा कि इसी बाधा को दूर करने के लिए अब पेशेवर ओडिया अनुवादकों और दुभाषियों की मदद ली जायेगी, ताकि पुनरीक्षण कार्य सुचारु रूप से पूरा किया जा सके. अधिकारियों ने बताया कि इस तरह की भाषाई विविधता पूर्वी मेदिनीपुर और पश्चिमी मेदिनीपुर के कई इलाकों में देखने को मिलती है, लेकिन दांतन और मोहनपुर ब्लॉक में यह समस्या सबसे अधिक सामने आयी है.
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By Mithilesh Jha
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