SIR: ममता बनर्जी के भवानीपुर में कट गये 44 हजार वोटरों के नाम, 58 हजार वोट से जीती थी तृणमूल

SIR: ममता के भवानीपुर में कट गये 44 हजार वोटरों के नाम, 58 हजार वोट से जीती थी तृणमूलभवानीपुर विधानसभा क्षेत्र तृणमूल का गढ़ रहा है. यहां 2021 के विधानसभा चुनावों में तृणमूल उम्मीदवार शोभनदेव चटर्जी ने 28,000 से अधिक वोटों से जीत दर्ज थी.
मुख्य बातें
SIR: कोलकाता. ममता के भवानीपुर में कट गये 44 हजार वोटरों के नाम, 58 हजार वोट से जीती थी तृणमूलकोलकाता: भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र के एसआईआर की अंतिम मतदाता सूची सामने आ गयी है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्वाचन क्षेत्र भवानीपुर में बड़ी संख्या में वोटरों के नाम काटे गये हैं. ममता बनर्जी उपचुनाव में यह सीट 58 हजार वोट के अंतर से जीती थी. ममता पहले भी यहां से विधायक रही हैं. भाजपा काफी समय से इस निर्वाचन क्षेत्र को जीतने का प्रयास कर रही है. अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद भवानीपुर में कुल 47,000 से अधिक वोटरों के नाम सूची से बाहर कर दिये गये हैं. हालांकि, 14,000 से अधिक नाम अभी भी अनसुलझी सूची में हैं. इनमें से भी बड़ी संख्या में नाम कटने की आशंका है.
अभी और बढ़ेगी नाम कटनेवाले वोटरों की संख्या
एसआईआर प्रक्रिया की शुरुआत में आयोग ने कहा था कि भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में कुल मतदाताओं की संख्या 2 लाख 6 हजार 295 थी. 16 दिसंबर को मसौदा सूची प्रकाशित होने के बाद पता चला कि 44 हजार 786 लोगों के नाम हटा दिए गए थे. इस बार अंतिम मतदाता सूची से 2 हजार 324 और लोगों के नाम हटा दिए गए. कुल मिलाकर, भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में 47 हजार 94 लोगों के नाम हटाए गए. सिर्फ 47 हजार नाम ही नहीं हटाए गए, बल्कि भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में 14 हजार 154 लोगों के नाम अभी भी अनसुलझी सूची में हैं. यदि दस्तावेज़ सत्यापन के बाद इन्हें भी हटा दिया जाता है, तो भवानीपुर में हटाए गए नामों की संख्या और बढ़ जाएगी.
भाजपा को सीट जीतने की बढ़ी उम्मीद
2021 के विधानसभा चुनावों में तृणमूल उम्मीदवार शोभनदेब चटर्जी ने भवानीपुर सीट 28,000 से अधिक वोटों से जीती थी. कुछ महीनों बाद, शोभनदेब ने सीट छोड़ दी, जिसके कारण उपचुनाव हुआ. तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी ने उस उपचुनाव में 58,000 से अधिक वोटों से जीत हासिल की. 26वें चुनाव की पूर्व संध्या पर, शुभेंदु अधिकारी और सुकांता मजूमदार कई बार भवानीपुर आए और दावा किया कि इस बार भाजपा यह सीट जीतेगी. शनिवार को भी शुभेंदु अधिाकरी ने कहा- वह जानते हैं कि उन्होंने किसके वोटों से जीत हासिल की है. यही भाजपा की जगह है. मैं आपको चुनौती देता हूं, डटकर खड़े रहिए. भागिए मत. बाकी मैं देख लूंगा. लोगों के बीच यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि क्या इस नाम के बाहर होने का विधानसभा चुनावों पर कोई असर पड़ेगा? .
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तृणमूल को अभी भी नाम जुड़ने की उम्मीद
भाजपा के पूर्व राज्य अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने उस दिन कहा- दो स्थानों के मतदाताओं या दिवंगत मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं. इस सूची के प्रकाशन के बाद भी नाम वापस लेने का अवसर है. अब तक 47,000 नाम हटाये जा चुके हैं, लेकिन चाहे कुछ भी हो जाए, मुझे नहीं लगता कि ममता बनर्जी इस बार भवानीपुर से चुनाव लड़ने का साहस दिखाएंगी. दूसरी ओर, तृणमूल के प्रदेश उपाध्यक्ष जयप्रकाश मजूमदार ने कहा- अगर किसी का नाम गलती से छूट गया है, तो उसे दोबारा जमा करने का मौका है. सुप्रीम कोर्ट ने भी यही कहा है. इसलिए, यह मान लेना सही नहीं होगा कि यह अंतिम सूची है.
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By Ashish Jha
डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.
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