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ममता बनर्जी ने रखी दुर्गा आंगन की आधारशिला, 2 साल में बनकर हो जायेगा तैयार, 262 करोड़ रुपए होंगे खर्च

Updated at : 29 Dec 2025 9:50 PM (IST)
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कोलकाता के दुर्गा आंगन में कई देवी-देवताओं के होंगे अलग-अलग मंदिर. फोटो : AI

Mamata Banerjee Laid Foundation Stone of Durga Angan: कोलकाता में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को दुर्गा आंगन की आधारशिला रखी. करीब 17 एकड़ के भूखंड पर बनने वाले इस विशाल मंदिर प्रांगण में अलग-अलग देवी-देवताओं के लिए अलग-अलग मंदिर होंगे. 2 साल में इस मंदिर को तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है. इसके निर्माण पर 262 करोड़ रुपए खर्च होंगे.

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Mamata Banerjee Laid Foundation Stone of Durga Angan: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को न्यूटाउन में अपने महत्वाकांक्षी ‘दुर्गा आंगन’ कॉम्प्लेक्स की आधारशिला रखी. इस मौके पर उन्होंने कहा कि 2 साल में दुर्गा आंगन का निर्माण पूरा हो जायेगा. इसके बाद यहां साल के 365 दिन मां दुर्गा के दर्शन होंगे. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बंगाल की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने का प्रयास है. यह दुनिया का सबसे बड़ा दुर्गा आंगन होगा, जहां रोजाना एक लाख श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे.

दुर्गा पूजा के साथ सांस्कृतिक केंद्र होगा दुर्गा आंगन

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि दुर्गा पूजा के साथ-साथ यह परिसर एक सांस्कृतिक केंद्र होगा, जो स्थानीय व्यापार और हस्तशिल्प को बढ़ावा देगा. यूनेस्को द्वारा कोलकाता की दुर्गा पूजा को ‘अमूर्त विरासत’ का दर्जा दिये जाने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि दुर्गा आंगन बंगाल की ‘एकता में विविधता’ का प्रतीक है. इस कॉम्प्लेक्स का निर्माण 2 लाख वर्ग फुट में होगा. इसका गर्भगृह 54 मीटर ऊंचा होगा.

1008 स्तंभ, 108 प्रतिमा और 64 सिंह मूर्तियां

पूरे दुर्गा आंगन परिसर में 1008 स्तंभ, 108 प्रतिमाएं और 64 सिंह मूर्तियां होंगी. एक सांस्कृतिक संग्रहालय भी बनेगा. उन्होंने कहा कि मंदिर इतना बड़ा होगा कि यहां एक बार में 1000 लोग बैठकर पूजा कर सकेंगे. मुख्यमंत्री के अनुसार, दुर्गा आंगन का कुल क्षेत्रफल 2 लाख वर्ग फीट से अधिक होगा. मंदिर प्रांगण में 1,000 से ज्यादा लोग एक साथ बैठ सकेंगे. इसमें शिव, गणेश, कार्तिक, सरस्वती और लक्ष्मी के लिए अलग-अलग मंदिर बनाये जायेंगे.

दुर्गां आंगन की आधारशिला रखने के लिए आयोजित कार्यक्रम में साधु-संतों के साथ ममता बनर्जी. फोटो : पीटीआई

300 से अधिक पेड़ और 1000 फूलदार पौधे लगाये जायेंगे

ममता बनर्जी ने कहा कि प्रसाद रसोई, सांस्कृतिक संग्रहालय, सिंह द्वार, परिक्रमा पथ और पवित्र कुंड भी परियोजना का हिस्सा होंगे. उन्होंने कहा कि 300 से अधिक पेड़ और एक हजार फूलदार पौधे लगाये जायेंगे. यह गोल्ड-सर्टिफाइड ग्रीन बिल्डिंग होगी, जहां केवल 20 प्रतिशत क्षेत्र में एयर कंडीशनिंग की जरूरत होगी. दुर्गा आंगन के संचालन और देख-रेख के लिए मुख्य सचिव के नेतृत्व में एक ट्रस्ट का गठन किया गया है.

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Mamata Banerjee Inaugurated Durga Angan: मुख्य सचिव के नेतृत्व में बना ट्रस्ट

ममता बनर्जी ने कहा कि इस परिसर के संचालन के लिए मुख्य सचिव के नेतृत्व में एक ट्रस्ट बनाया गया है. उन्होंने मंच पर मुख्य सचिव से पूछा कि दुर्गा आंगन के लिए निविदा प्रक्रिया पूरी हो गयी है या नहीं, इसके जवाब में मुख्य सचिव ने कहा कि निविदा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. शिलान्यास के बाद ही इसका निर्माण कार्य शुरू हो जायेगा. मुख्यमंत्री ने दावा किया कि विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के मामले में पश्चिम बंगाल देश में दूसरे स्थान पर है. जल्द ही यह पहले स्थान पर होगा.

ममता बनर्जी ने न्यू टाउन में रखी दुर्गा आंगन की आधारशिला. फोटो : पीटीआई

17.28 एकड़ में बनेगा दुर्गांगन

दुर्गांगन के स्थल परिवर्तन पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले जो जमीन चिह्नित की गयी थी, वह 12 एकड़ थी, लेकिन दुर्गांगन के लिए और बड़ी जगह चाहिए. इसलिए इस जमीन का चयन किया गया, जो करीब 17.28 एकड़ है.

5 जनवरी को गंगा सागर सेतु का शिलान्यास करेंगी ममता

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि 5 जनवरी को वह मूड़ी गंगा नदी पर लॉट नंबर आठ से कचूबेड़िया के बीच बनने वाले गंगासागर सेतु का शिलान्यास करेंगी. इससे सागरद्वीप भी सड़क मार्ग से जुड़ जायेगा और तब गंगासागर जाने में लोगों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि सेतु के निर्माण का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी. राज्य सरकार ने इसके लिए 1700 करोड़ रुपए आवंटित किये हैं. सेतु का निर्माण 2 साल में पूरा हो जायेगा.

दुर्गा आंगन की आधारशिला रखने के बाद मंच पर अन्य अतिथियों के साथ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी. फोटो : पीटीआई

दार्जिलिंग में रखेंगी महाकाल मंदिर की आधारशिला

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दार्जिलिंग जिले में प्रस्तावित महाकाल मंदिर को लेकर बड़ी घोषणा की. कहा कि जनवरी के दूसरे सप्ताह में इस मंदिर की आधारशिला रखी जायेगी. न्होंने कहा कि इसके लिए आवश्यक धनराशि की व्यवस्था कर ली गयी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकाल मंदिर के लिए भूमि का निरीक्षण पहले ही कर लिया है. महाकाल मंदिर निर्माण के लिए करीब 25.15 एकड़ जमीन आवंटित की गयी है. यहां महाकाल मंदिर के साथ अत्याधुनिक कल्चरल सेंटर भी बनाया जायेगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि मंदिर निर्माण से उत्तर बंगाल में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नये अवसर पैदा होंगे.

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Mithilesh Jha

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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