पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने क्यों कहा- हम भिखारी नहीं

बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी. फोटो : पीटीआई
West Bengal News: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बार फिर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. टीएमसी सुप्रीमो ने अलीपुर में धन धान्य ऑडिटोरियम में उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए कहा, ‘हम भिखारी नहीं हैं...’, ममता बनर्जी ने यह भी कहा कि बंगाल में चल रही राज्य सरकार की रोजगार योजना ‘कर्मश्री’ का नाम महात्मा गांधी के नाम पर रखा जायेगा. आखिर ममता बनर्जी ने क्यों कहा- हम भिखारी नहीं हैं?
Table of Contents
West Bengal News: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर हमला बोला है. उन्होंने महात्मा गांधी के नाम पर रोजगार योजना का नामकरण करने का ऐलान किया है. ममता बनर्जी ने यह भी कहा कि हम भिखारी नहीं हैं. 20 साल पुराने मनरेगा का नाम बदलकर ‘विकसित भारत-जी राम’ योजना करने पर केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर निशाना साधा. बृहस्पतिवार को ममता बनर्जी ने कहा कि उनकी सरकार अपने ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्यक्रम ‘कर्मश्री’ का नाम महात्मा गांधी के नाम पर रखने की घोषणा की.
राष्ट्रीय महापुरुषों का सम्मान करने में विफल रहे कुछ दल – ममता बनर्जी
बंगाल की राजधानी कोलकाता के धनधान्य ऑडिटोरियम में आयोजित व्यापार और उद्योग सम्मेलन को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि अगर कुछ राजनीतिक दल हमारे राष्ट्रीय महापुरुषों का सम्मान करने में विफल रहते हैं, तो वह हम करेंगे. हालांकि उन्होंने सीधे तौर पर भाजपा का नाम नहीं लिया.
कर्मश्री योजना का नाम महात्मा गांधी के नाम पर रखेंगे – ममता
तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो और बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि वह अपने राज्य की ‘कर्मश्री’ योजना का नाम महात्मा गांधी के नाम पर रखेंगी. पश्चिम बंगाल सरकार का दावा है कि ‘कर्मश्री’ योजना के तहत लाभार्थियों को 75 दिनों तक काम उपलब्ध कराया जाता है.
केंद्र ने रोक रखी है मनरेगा की राशि – बंगाल की सीएम
ममता बनर्जी ने दावा किया कि केंद्र सरकार ने महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) की धनराशि रोक रखी है. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य का लक्ष्य भविष्य में ‘कर्मश्री’ योजना के तहत कार्यदिवसों की संख्या 75 से बढ़ाकर 100 दिन करने का है.
बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
West Bengal News: अपने संसाधनों से कई कार्यदिवस सृजित किये – मुख्यमंत्री
बंगाल की सीएम ने कहा, ‘हमने ‘कर्मश्री’ के तहत पहले ही अपने संसाधनों से कई कार्यदिवस सृजित किये हैं. भले ही केंद्र की निधि रोक दी जाये, हम सुनिश्चित करेंगे कि लोगों को काम मिले. हम भिखारी नहीं हैं.’ हम अपने राज्य की ‘कर्मश्री’ योजना का नाम महात्मा गांधी के नाम पर रखेंगे.’
मुझे शर्म महसूस होती है कि मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटा दिया गया – ममता बनर्जी
ममता बनर्जी ने यह घोषणा ऐसे समय में की है, जब लोकसभा ने ‘विकसित भारत-जी राम जी विधेयक, 2025’ पारित किया है. यह योजना महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का स्थान लेगा. ममता बनर्जी ने धन धान्य सभागार में कारोबारियों को संबोधित करते हुए कहा, ‘मुझे शर्म महसूस होती है कि उन्होंने मनरेगा योजना से महात्मा गांधी का नाम हटाने का फैसला किया है, क्योंकि मैं भी इसी देश की हूं. अब हम राष्ट्रपिता तक को भुला रहे हैं.’
इसे भी पढ़ें
बंगाल में 1.5 करोड़ वोटर के नाम काटने के निर्देश! ममता बनर्जी का अमित शाह पर विवादित बयान
चाहे वे मेरा गला काट दें…, मुर्शिदाबाद में एनआरसी और डिटेंशन सेंटर पर ममता बनर्जी का बड़ा बयान
एसआईआर रोक देते, तो बंगाल में लग जाता राष्ट्रपति शासन, कूचबिहार में ममता बनर्जी का बड़ा दावा
प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी
लेखक के बारे में
By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




