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एसआईआर रोक देते, तो बंगाल में लग जाता राष्ट्रपति शासन, कूचबिहार में ममता बनर्जी का बड़ा दावा

10 Dec, 2025 8:05 pm
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Mamata Banerjee on SIR cooch behar West Bengal

कूचबिहार की जनसभा में ममता बनर्जी.

Mamata Banerjee on SIR: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि अगर उन्होंने एसआईआर रोक दिया होता, तो बंगाल में राष्ट्रपति शासन लग जाता. उन्होंने कहा कि लोगों को डराने के लिए एसआईआर का इस्तेमाल हो रहा है. ममता ने दावा किया कि अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के तुरंत बाद बंगाल में चुनाव की घोषणा कर दी जायेगी, ताकि कानूनी प्रक्रिया से बचा जा सके.

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Mamata Banerjee on SIR: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कूचबिहार के रासलीला मैदान से केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला है. उन्होंने दावा किया कि नयी मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद कानूनी चुनौतियों से बचने के लिए अंतिम मतदाता सूची प्रकाशन के तुरंत बाद चुनावों की घोषणा कर दी जायेगी. ममता बनर्जी ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के बाद फरवरी में अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन होगा और इसके तुरंत बाद राज्य में विधानसभा चुनावों की घोषणा हो जायेगी. ममता दी ने यह भी कहा कि अगर वह बंगाल में एसआईआर को रोक देतीं, तो राज्य में राष्ट्रपत शासन लग जाता.

लोगों को डराने के लिए हो रहा एसआईआर – ममता बनर्जी

ममता बनर्जी ने कूचबिहार में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया का इस्तेमाल मतदाताओं को डराने के लिए किया जा रहा है. बंगाल की मुख्यमंत्री ने 100 दिन की कार्ययोजना के तहत धनराशि कथित रूप से रोके जाने पर भी केंद्र सरकार पर हमला बोला. उन्होंने मंच पर एक पर्चा फाड़ दिया, जिसमें उन्होंने भुगतान बहाल करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा लगायी गयी ‘मनमानी शर्तों’ का जिक्र किया था.

फरवरी में एसआईआर की अंतिम सूची जारी होने के तुरंत बाद चुनाव घोषित किये जायेंगे, ताकि किसी को भी इसे कानूनी रूप से चुनौती देने का मौका न मिले. ऐसा इसलिए किया जायेगा, ताकि चुनाव उसी सूची के आधार पर हों.

ममता बनर्जी, मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल

‘4 नवंबर को एसआईआर लागू होने के बाद से डरे हैं लोग’

बंगाल की सीएम ने आरोप लगाया कि आयोग द्वारा 4 नवंबर को एसआईआर लागू करने से लोगों में डर का माहौल बन गया है. उन्हें आशंका है कि उनके नाम मनमाने ढंग से मतदाता सूची से हटा दिये जायेंगे. अब उन्हें अपनी नागरिकता साबित करनी होगी? इससे बड़ी शर्म की बात और क्या हो सकती है? जो लोग पीढ़ियों से यहां रह रहे हैं, उनसे यह साबित करने के लिए कहा जा रहा है कि वे कौन हैं.

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Mamata Banerjee on SIR: ‘अराजक और निरंकुश’ शासन चला रही भाजपा – ममता

मुख्यमंत्री ने केंद्र पर हमला तेज करते हुए भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार पर ‘अराजक और निरंकुश’ शासन चलाने का आरोप लगाया. कहा कि अगर भाजपा राज्य में सत्ता में आयी, तो पार्टी बंगाल की संस्कृति, भाषा और विरासत को नष्ट कर देगी. ममता ने दावा किया कि अगर तृणमूल कांग्रेस सरकार ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को रोक दिया होता, तो केंद्र सरकार पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगा देती.

सफल रही तृणमूल सरकार की ‘कर्मश्री’ योजना – ममता

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सुप्रीमो ने कहा कि उनकी सरकार ने वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले अपनी तरफ से काम उपलब्ध कराकर एक वैकल्पिक योजना ‘कर्मश्री’ शुरू की थी. यह कार्यक्रम सफल रहा. कहा कि हमें किसी से भीख नहीं चाहिए. बंगाल अपने पैरों पर खड़ा होना जानता है.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है। उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवरेज करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है। मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है

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