गंगासागर मेला हुआ हाइटेक, पहली बार खुला ‘मे आइ हेल्प यू कियोस्क’

Makar Sankranti: प्रयागराज कुंभ 2024 की घटनाओं से सबक लेते हुए, बंगाल सरकार कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती है, ताकि गंगासागर में किसी भी अनहोनी घटना को रोका जा सके.
मुख्य बातें
Makar Sankranti: गंगासागर. बंगाल के सुदूर क्षेत्र बंगाल की खाड़ी में स्थित गंगासागर मेला अब पूरी तरह हाइटेक हो चुका है. मेले में पहली बार ‘मे आई हेल्प यू कियोस्क’ खोला गया है. मेले में सुरक्षा, निगरानी और तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है. इसमें सीसीटीवी कैमरे, जीपीएस ट्रैकिंग, ड्रोन निगरानी और क्यूआर कोड वाले बैंड शामिल हैं, ताकि लाखों श्रद्धालुओं का प्रबंधन सुचारू रूप से हो सके. किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके, जो कुंभ मेले के अनुभवों से सीख लेकर किया जा रहा है.
गुगल मैप का हो रहा इस्तेमाल
इस बार के गंगा सागर मेले में श्रद्धालुओं के लिए पहली बार ‘मे आई हेल्प यू कियोस्क’ खोला गया है. मेला झेत्र में कुल छह ऐसे हेल्थ डेस्क है. यह हेल्थ डेस्क पूरी तरह से हाइटेक तकनीक से लैस है. यहां गुगल मैप का इस्तेमाल हो रहा है. मेले क्षेत्र से कचुबेरिया, लाट 8 जाने वाले बस डिपो, सरकारी मेडिकल कैप, स्थायी व अस्थायी अस्पताल जाने के लिए लोगों को रूट मैप बताया जा रहा है. हिंदी, बांग्ला और अंग्रेजी तीनों ही भाषाओं में गुगल मैप से लोगों की मदद की जा रही है.
पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट की ओर से यह व्यवस्था की गयी है.
12,000 सीसीटीवी कैमरे लगाये गये
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 2026 के गंगासागर मेले के लिए अभूतपूर्व तैयारियां की हैं. आगामी विधानसभा चुनावों के माहौल को देखते हुए यह मेला इस बार विशेष रूप से महत्वपूर्ण है. सरकार ने तीर्थयात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए हाइटेक व्यवस्थाएं लागू की हैं. कोलकाता से गंगासागर तक लगभग 12,000 सीसीटीवी कैमरे लगाये गये हैं, जो चौबीसों घंटे निगरानी कर रहे हैं. इसके अतिरिक्त, वाहनों और समुद्री जहाजों की जीपीएस ट्रैकिंग की जा रही है. वृद्धों और बच्चों के लिए क्यूआर कोड बैंड की व्यवस्था की गई है, जिससे उनके खो जाने की स्थिति में पहचान आसान हो सके.
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By Ashish Jha
डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.
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