बंगाल: R G Kar अस्पताल में दिल के मरीज को नहीं मिला स्ट्रेचर, शौचालय जाते वक्त रास्ते में मौत

Published by : Ashish Jha Updated At : 23 Mar 2026 11:20 AM

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R G Kar : आरजी कर अस्पताल में एक मरीज की मौत स्ट्रेचर नहीं मिलने के कारण हो गयी. हाल ही में लिफ्ट में फंसे एक व्यक्ति की मौत को लेकर यह अस्पताल काफी विवादों में रहा है. वो विवाद अभी शांत नहीं हुआ था कि एक बार फिर यह अस्पताल मरीज की मौत को लेकर चर्चा में आ गया है.

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R G Kar : कोलकाता: बंगाल का आरजी कर अस्पताल एक बार फिर विवादों में हैं. इस बार मरीज की मौत स्ट्रेचर की कमी के कारण बताई जा रही है. स्ट्रेचर न मिलने के कारण यहां एक मरीज की मौत हो गयी है. सीने में दर्द के बीच पैदल शौचालय जा रहे मरीज की रास्ते में मौत हो गयी. मृतक का नाम विश्वजीत सामंता है. परिवार का आरोप है कि मरीज की मौत स्ट्रेचर न मिलने के कारण हुई. मृतक के परिवार ने अस्पताल के घोर कुप्रबंधन की शिकायत की है. परिवार का आरोप है कि बार-बार अनुरोध करने के बावजूद, आपातकालीन कक्ष ले जाते समय अस्पताल में किसी ने भी उनकी मदद नहीं की. कुप्रबंधन का आरोप लगाते हुए आरजी कर अस्पताल में 72 घंटों में दो लोगों की मौत हो चुकी है.

शौचालय के रास्ते में ही हुए बेहोश

निमटा निवासी विश्वजीत सामंता को सोमवार की सुबह सीने में दर्द के कारण ट्रॉमा केयर यूनिट में भर्ती कराया गया. परिवार का दावा है कि भर्ती होते ही विश्वजीत बाबू का इलाज शुरू कर दिया गया. फिर विश्वजीत बाबू को शौचालय जाने की इच्छा हुई. उस समय डॉक्टरों ने बताया कि नीचे शौचालय नहीं है. इसके लिए उन्हें 100 मीटर दूर एक सस्ते शौचालय में जाना पड़ेगा. परिवार का आरोप है कि उस समय उन्हें स्ट्रेचर नहीं दिया गया. उन्हें 100 मीटर पैदल चलना पड़ा. बात यहीं खत्म नहीं होती. पैदल चलने के बाद उन्हें दो मंजिलें पर चढ़ने को कहा गया. हालांकि, शौचालय जाने से पहले ही वह बेहोश हो गए. फिर जब उन्हें आपातकालीन कक्ष में ले जाया गया, तो डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

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परिवार का आरोप है कि अस्पताल की इस लापरवाही के कारण विश्जीत बाबू की मृत्यु हुई. इस घटना को लेकर अस्पताल परिसर में तनाव फैल चुका है. आरजी कर की घटना को लेकर विशेषज्ञों ने कई सवाल उठाए हैं. एक गंभीर रूप से बीमार मरीज को 100 किलोमीटर दूर शौचालय जाने के लिए क्यों कहा गया. उसे सस्ते शौचालय में ले जाने के लिए क्यों कहा गया. एक गंभीर रूप से बीमार मरीज को पैदल चलने के लिए क्यों कहा गया. हालांकि, इस मामले पर अस्पताल अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. आर जी कर की घटना के संदर्भ में दिलीप घोष ने कहा- आरजी कर की तरह पश्चिम बंगाल के सभी अस्पताल वास्तव में मौत के जाल हैं. ममता बनर्जी इतने लंबे समय तक स्वास्थ्य मंत्री रहीं, उन्होंने क्या किया.

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Ashish Jha

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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