एसएलएसटी अभ्यर्थियों की मांगों के समर्थन में धरने पर बैठे कुणाल घोष, निकाली रैली

क्रवार को धर्मतला में उन अभ्यर्थियों की रैली व धरना में तृणमूल कांग्रेस के प्रदेश महासचिव कुणाल घोष भी शामिल हुए.
कोलकाता. वर्ष 2016 के एसएलएसटी के वर्क व फिजिकल एजुकेशन अभ्यर्थी नियुक्ति की मांग पर लगातार आंदोलन कर रहे हैं. शुक्रवार को धर्मतला में उन अभ्यर्थियों की रैली व धरना में तृणमूल कांग्रेस के प्रदेश महासचिव कुणाल घोष भी शामिल हुए. रैली धर्मतला से कलकत्ता हाइकोर्ट की ओर जा रही थी, लेकिन पुलिस ने उन्हें रानी रासमणि एवेन्यू के पास ही रोक दिया, जहां पुलिस कर्मियों के साथ धक्का-मुक्की भी हुई. कुणाल ने अभ्यर्थियों की मांग को लेकर पुलिस अधिकारियों से भी बात की. बाद में पुलिस के हस्तक्षेप के बाद हालात सामान्य हो पाया.वर्ष 2016 के एसएलएसटी अभ्यर्थियों को नियुक्ति को लेकर कलकत्ता हाइकोर्ट में याचिका दायर की गयी है, जो अभी भी लंबित है. इसकी वजह से अभ्यर्थी नौकरी ज्वाइन नहीं कर सके हैं. मामले की सुनवाई की अगली तारीख 20 मार्च मुकर्रर की गयी है. इसके बाद अभ्यर्थी तृणमूल नेता कुणाल घोष के उत्तर कोलकाता स्थित आवास पहुंचे. इसके बाद धर्मतला में घोष के नेतृत्व में एसएलएसटी अभ्यर्थियों में अदालत में जल्द सुनवाई और न्याय की मांग पर रैली शुरू की. रैली रोके जाने पर वे रास्ते पर धरने पर बैठ गये. इस मामले को लेकर तृणमूल नेता कुणाल घोष ने पत्रकारों से कहा, “वर्ष 2016 के सफल एसएलएसटी अभ्यर्थियों का पैनल पूरी तरह से वैध पैनल है. यहां किसी तरह भ्रष्टाचार और अनियमितता नहीं है. इसको लेकर कोई सीबीआइ जांच नहीं है. राज्य सरकार ने इन अभ्यर्थियों की नियुक्ति की है. नियुक्ति पाने वाले कुल अभ्यर्थियों 1280 में से एक की मृत्यु हो गयी है. यानी अभी उनकी संख्या 1279 है. उनकी नियुक्ति को लेकर बेवजह सवाल उठाते हुए माकपा नेता व अधिवक्ता ने विकास रंजन भट्टाचार्य ने कलकत्ता हाइकोर्ट में याचिका दायर की है, जिसकी वजह अभ्यर्थियों की नियुक्ति अभी तक नहीं हो पायी है.” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मामले की सुनवाई लंबे समय से हो रहा है, लेकिन अभी तक कोई फैसला नहीं हो पाया है. वह खुद करीब तीन वर्षों से आंदोलनरत एसएलएसटी अभ्यर्थियों के साथ हैं. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अभ्यर्थियों की नियुक्ति की व्यवस्था की है, लेकिन अब फैसले में देरी की वजह से एक तरह से प्रताड़ित हो रहे हैं. उन्होंने मामले में कलकत्ता हाइकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को जल्द से जल्द हस्तक्षेप की मांग की है.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar News Desk
यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










