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पर्यवेक्षकों के रूप में प्रतिनियुक्त अफसरों के तबादले तुरंत रद्द करें : चुनाव आयोग

Updated at : 27 Jan 2026 10:30 PM (IST)
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पर्यवेक्षकों के रूप में प्रतिनियुक्त अफसरों के तबादले तुरंत रद्द करें : चुनाव आयोग

निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल सरकार को मंगलवार को मतदाता सूची पर्यवेक्षकों के रूप में नियुक्त तीन आइएएस अधिकारियों के तबादले रद्द करने का निर्देश दिया और कहा कि ये तबादले आयोग की सहमति के बिना किये गये थे.

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नयी दिल्ली/कोलकाता.

निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल सरकार को मंगलवार को मतदाता सूची पर्यवेक्षकों के रूप में नियुक्त तीन आइएएस अधिकारियों के तबादले रद्द करने का निर्देश दिया और कहा कि ये तबादले आयोग की सहमति के बिना किये गये थे. आयोग ने बुधवार दोपहर तक तीनों तबादलों को रद्द करने के संबंध में अनुपालन रिपोर्ट भी तलब की है. आयोग ने राज्य मुख्य सचिव को लिखे एक कड़े पत्र में कहा कि उसने पांच संभागीय आयुक्तों के साथ-साथ मतदाता सूची पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की थी. आयोग ने रेखांकित किया, “ये अधिकारी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के उद्देश्य से निर्वाचन आयोग में प्रतिनियुक्ति पर हैं.” आयोग ने कहा कि यह जानकारी मिली है कि पश्चिम बंगाल सरकार ने आइएएस अधिकारी अश्विनी कुमार यादव (उत्तर दिनाजपुर और दक्षिण दिनाजपुर के मतदाता सूची पर्यवेक्षक), रणधीर कुमार (उत्तर 24 परगना और कोलकाता उत्तर) और स्मिता पांडे (पश्चिम बर्दवान, पूर्व बर्दवान और बीरभूम) के विभागीय तबादलों का आदेश दिया है. आयोग के मुताबिक, “हालांकि इन अधिकारियों के तबादले आयोग की पूर्व सहमति के बिना किये गये हैं, जो निर्देशों का उल्लंघन है. आयोग ने कहा, “इसके अलावा, आपसे (बंगाल सरकार से) अनुरोध है कि भविष्य में ऐसे आदेश जारी करने से पहले आयोग की पूर्व सहमति प्राप्त करें.” आयोग ने बुधवार अपाह्न तीन बजे तक अनुपालन रिपोर्ट मांगी है.

तार्किक विसंगति के मामले में मुर्शिदाबाद अव्वल

एसआइआर के दौरान ऐसे कई मामले सामने आये हैं, जहां देखा गया है कि माता-पिता की उम्र में बच्चे की उम्र का कम अंतर है. यह दक्षिण बंगाल में ज्यादा देखा गया है. आयोग सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पूरे राज्य में तार्किक विसंगति के मामले तीन जिलों में 36 फीसदी है. इसमें मुर्शिदाबाद सबसे ऊपर है. यहां एक लाख 672 हजार 123, दक्षिण 24 परगना में एक लाख 487 हजार 48, उत्तर 24 परगना में एक लाख 100 हजार 783 नाम हैं. आयोग के अनुसार हावड़ा जिले में पिता के नाम में अंतर वाले लोगों की संख्या तीन लाख 52 हजार से ज्यादा है.

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BIJAY KUMAR

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By BIJAY KUMAR

BIJAY KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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