जब दरवाजा खुला तो दोनों जीवित थे, कैसे क्या हुआ बता रहे चश्मदीद

Published by :Ashish Jha
Published at :07 May 2026 1:38 PM (IST)
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जब दरवाजा खुला तो दोनों जीवित थे, कैसे क्या हुआ बता रहे चश्मदीद

चंद्रनाथ

Chandranath Rath: शुभेंदु अधिकारी के सहायक चंद्रनाथ की बुधवार रात गोली मारकर हत्या कर दी गई. मध्यग्राम से लौटते समय बदमाशों ने उन पर बेहद करीब से गोलियां चलाईं. सीआईडी ​​​​घटना की जांच कर रही है. गुरुवार सुबह घटनास्थल से नमूने एकत्र किये गये हैं. पता चला है कि चंद्रनाथ की कार के आगे आकर सड़क जाम करने वाली कार वास्तव में चोरी की थी.

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Chandranath Rath Murder Case: कोलकाता/मध्यमग्राम: रात के 10:20 बज रहे थे. वह हमेशा की तरह कुत्तों को खाना खिलाने आया था. तभी उसने कुछ लोगों को सड़क पर भागते देखा. वे चिल्ला रहे थे-उन्होंने उसे गोली मार दी है…. उसे अभी भी समझ नहीं आ रहा था कि क्या हुआ था. वो अन्य लोगों के साथ उस मनहूस स्कॉर्पियो तक पहुंचा. गाड़ी के शीशे टूटे थे. किसी ने दरवाजा खोला. तब तक चंद्रनाथ का शरीर में जीवन धड़क रहा था. चंद्रनाथ को आखिरी बार जीवित देखने वाला अधेड़ उम्र के प्रत्यक्षदर्शी सुशांत सरकार ने कैसे क्या हुआ सब कुछ बताया.

उसने गोली चलाई….वह कार में पड़ा है

एक बांग्ला चैनल से कहा- “मैं रात 10 से 10:20 बजे के बीच छोटे कुत्तों को खाना खिला रहा था. उसी समय किसी ने चिल्लाकर कहा- उसने गोली चलाई…. मैंने पूछा- किसे गोली मारी. उसने कहा- ‘देखो, उसने गोली चलाई है, वह कार में पड़ा है. मैंने उसे कार में औंधे मुंह पड़ा देखा. सुशांत के अनुसार, स्कॉर्पियो की सुरक्षा के लिए एक और चार पहिया वाहन तैनात था. उन्होंने बताया- स्कॉर्पियो का शीशा टूटा हुआ था, लेकिन उस पर गोली के निशान थे. किसी ने दरवाजा खोला. गाड़ी खून से लथपथ थी. गाड़ी के अंदर से किसी ने कहा- सर, आपको गोली लगी है.

वे कुछ कहने की कोशिश कर रहे थे

सुशांत ने कहा कि जब मैंने दरवाजे के अंदर झांका, तो दोनों जीवित थे. वे कुछ कहने की कोशिश कर रहे थे. वे सांस ले रहे थे. मैंने उनसे कहा कि उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाएं. मैंने पुलिस स्टेशन को फोन किया. सुशांत ने दावा किया- मुझे उसी कार में अस्पताल ले जाया गया. मेरे सामने तीन गोलियां चलाई गईं. कार के आगे एक ऑल्टो खड़ी थी, जिस पर नंबर प्लेट नहीं थी. पता चला है कि कार ने चंद्रनाथ की स्कॉर्पियो को एक संकरी गली में रोक दिया, ताकि ड्राइवर रफ्तार न बढ़ा सके. फिर बदमाश बाइक पर आए और बिल्कुल करीब से गोलियां चलाईं. चंद्रनाथ गोलियों से छलनी हो गए.

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पुलिस अब तक नाकाम

चंद्रनाथ हत्याकांड को लेकर काफी भ्रम की स्थिति बनी हुई है. पुलिस अभी तक इस मामले में किसी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है. गुरुवार सुबह सीआईडी ​​के जांचकर्ता घटनास्थल पर पहुंचे. फोरेंसिक विशेषज्ञों ने नमूने एकत्र किए हैं. प्रत्यक्षदर्शी ने बिना नंबर प्लेट वाली चार पहिया गाड़ी के बारे में बताया था, जिससे जांचकर्ताओं को स्पष्ट हो गया है कि यह वास्तव में एक चोरी की गाड़ी है. अभी तक इस मामले में किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है.

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Ashish Jha

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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