Anandapur Fire: नाज़िराबाद में शुभेंदु अधिकारी का सनसनीखेज आरोप, बोले- फलों के पैकेटों में हो रही है मानव अंगों की तस्करी

Updated at : 30 Jan 2026 7:45 AM (IST)
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shubhendu adhikari

Anandapur Fire: शुभेंदु अधिकारी ने कहा- मैं इसका श्रेय नहीं लेना चाहता. यह दुर्भाग्यपूर्ण है, क्योंकि यह मुख्यमंत्री का वोट बैंक नहीं है. उन्होंने राजधर्म का पालन नहीं किया.

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Anandapur Fire: कोलकाता. अदालत के आदेश के बाद नाज़िराबाद पहुंचे राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने आनंदपुर अग्निकांड को लेकर सरकार पर बड़ा हमला किया है. उन्होंने सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा है कि फलों के पैकेटों में मानव अंगों की तस्करी हो रही है. शुभेंदु अधिकारी ने वहां खड़े होकर दावा किया कि उसके पास विस्फोटक हैं. एक पत्रकार ने उससे पूछा कि क्या यहाँ से शरीर के अंगों की तस्करी हो रही है. सवाल पूरा होने से पहले ही शुभेंदु अधिकारी ने कहा- शरीर के अंगों की तस्करी फलों के पैकेटों में की जा रही है.

अब तक 21 शव बरामद

बुधवार दोपहर तक आनंदपुर स्थित गोदाम से तीन जले हुए शवों सहित 21 शरीर के अंग बरामद किए गए. इन्हें दो थैलों में पैक करके काटापुकुर मुर्दाघर भेज दिया गया. कम से कम 27 लोग अब भी लापता हैं. इन 27 लोगों के परिवारों ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई है. अब तक 16 शवों के अंगों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा चुका है. इनमें से पांच शवों का पोस्टमार्टम पूरा हो चुका है. उन शवों को उनके परिजनों को सौंपने की तैयारी चल रही है.

शुभेंदु अधिकारी ने ममता पर साधा निशाना

इस संबंध में शुभेंदु ने कहा- हमारा अनुमान है कि मृतकों की संख्या 35-40 के आसपास हो सकती है. घटना को चार दिन हो चुके हैं, लेकिन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अब तक वहां नहीं गई हैं. शुभेंदु ने सवाल उठाया कि वह क्यों नहीं गईं. उन्होंने वोट बैंक का सिद्धांत भी स्थापित किया है. शुभेंदु अधिकारी ने कहा- उनमें से अधिकांश मिदनापुर से हैं, हम वहां यथासंभव अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की कोशिश कर रहे हैं. मैं इसका श्रेय नहीं लेना चाहता. यह दुर्भाग्यपूर्ण है, क्योंकि यह मुख्यमंत्री का वोट बैंक नहीं है. उन्होंने राजधर्म का पालन नहीं किया.

चार दिन में 10 किमी नहीं आ सकी सीएम

मुख्यमंत्री का घर यहाँ से 10 किलोमीटर दूर है। उन्हें आना चाहिए था. मुख्यमंत्री घटना के तीन दिन बाद भी घटनास्थल पर नहीं गए, लेकिन सिंगूर में एक बैठक से उन्होंने आनंदपुर के बारे में बात की. उन्होंने मृतकों के परिवारों को 10 लाख रुपये का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सीवीके में नौकरी देने की घोषणा की.

जले हुए शव का डीएनए जांच भी मुश्किल

प्रशासनिक स्तर पर बताया जा रहा है कि शव के अंगों को बोरियों में भरकर काटापुकुर मुर्दाघर भेजा जा रहा है. अब तक बरामद शवों की पहचान हो चुकी है, लेकिन बाद में जो बरामद हो रहा है, वह कोयले जैसी राख है. विशेषज्ञों का कहना है कि डीएनए परीक्षण भी काफी चुनौतीपूर्ण है. रक्त के नमूनों की जांच करके शरीर के अंगों की पहचान करने के प्रयास जारी हैं.

रविवार तड़के लगी थी आग

रविवार को तड़के 1 बजे के कुछ ही समय बाद आनंदपुर के दो गोदामों में आग लग गई थी. आग पर काबू पाने में बारह दमकल इंजनों को डेढ़ दिन से अधिक का समय लगा. इसके बावजूद गोदामों में आग सुलगती रही. आग ने इसे मलबे में तब्दील कर दिया है. दमकलकर्मी और पुलिस मलबे के नीचे दबे लोगों की तलाश कर रहे हैं, लेकिन उनके सफल होने की संभावना बहुत कम है.

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Ashish Jha

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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