आरजी कर : चिकित्सकों ने बनाया नया संगठन
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 26 Oct 2024 11:22 PM
आरजी कर कांड को लेकर न्याय की मांग और थ्रेट कल्चर के खिलाफ आंदोलनकारी चिकित्सकों पर चंदा वसूली का आरोप लगाया गया है. बता दें कि आरजी कांड को लेकर वेस्ट बंगाल जूनियर डॉक्टर्स फ्रंट पिछले दो महीने से लगातार आंदोलन कर रहा है. सरकार के साथ कई बार बैठक भी हो चुकी है. इस संगठन के समकक्ष अब जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन तैयार किया गया है. इस नये संगठन के आने के बाद शनिवार को कोलकाता प्रेस क्लब में संवाददाता सम्मेलन आयोजित किया गया.
कोलकाता.
आरजी कर कांड को लेकर न्याय की मांग और थ्रेट कल्चर के खिलाफ आंदोलनकारी चिकित्सकों पर चंदा वसूली का आरोप लगाया गया है. बता दें कि आरजी कांड को लेकर वेस्ट बंगाल जूनियर डॉक्टर्स फ्रंट पिछले दो महीने से लगातार आंदोलन कर रहा है. सरकार के साथ कई बार बैठक भी हो चुकी है. इस संगठन के समकक्ष अब जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन तैयार किया गया है. इस नये संगठन के आने के बाद शनिवार को कोलकाता प्रेस क्लब में संवाददाता सम्मेलन आयोजित किया गया. बता दें कि आरजी कर में थ्रेट कल्चर के आरोप पर 51 चिकित्सकों को चिह्नित कर उन्हें कॉलेज के छात्रावास से निलंबित कर दिया गया था. ऐसे में थ्रेट कल्चर के आरोपों को सहते हुए इन 51 चिकित्सक व छात्रों ने इस संगठन को तैयार किया है. उधर, शनिवार को ही आरजी कर में वेस्ट बंगाल जूनियर डॉक्टर्स फ्रंट की ओर से महासभा का आयोजन किया गया था. जूनियर डॉक्टर्स फ्रंट के डॉ किंजल नंदा, डॉ अनिकेत महतो, डॉ देवाशीष हाल्दार और डॉ रुमेलिका कुमार मुख्य चेहरा हैं. पर ”अभया” के नाम पर इन पर अवैध चंदा वसूली का आरोप लगाया गया है. जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन की ओर से प्रेस क्लब में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में श्रीश, सौरभ, अतनु और अंसारुल ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में उक्त विस्फोटक आरोप लगाये. उधर, डॉ किंजल व डॉ देबाशीष ने इन आरोपों को खारिज कर दिया.जूनियर डॉक्टर श्रीश ने प्रेस क्लब में एक सवाल में बताया कि हमें अपराधी बताया जा रहा है. दूसरी ओर अभया दीदी (पीड़िता) के नाम पर चार करोड़ 75 लाख रुपये की चंदा वसूली की गयी है. क्या वे कुख्यात अपराधी नहीं हैं?
बता दें कि श्रीश, सौरभ, अतनु-अंसारुल पर थ्रेट कल्चर यानी धमकी की संस्कृति चलाने के आरोप हैं. यह आरोप किंजल,अनिकेत, देवाशीष, रुमेलिका सह उनके सहयोगियों पर लगाया गया है. श्रीश ने कहा : हमारा करियर खत्म करने के लिए हमें छात्रावास से निलंबित कर दिया गया. हमारे खिलाफ झूठा प्रचार किया जाता है. हम इसे खतरे की संस्कृति से कोई वास्ता नहीं रखते. जूनियर डॉक्टर सौरभ ने कहा : हममें से सभी पर खतरे की संस्कृति का आरोप नहीं है. हम खतरे की संस्कृति के शिकार हैं.वहीं, जूनियर डॉक्टर्स फ्रंट की ओर से भी पलटवार किया गया है. डॉ किंजल नंदा ने कहा : आज जब हमने आरजी कर में सामूहिक सम्मेलन किया है, तो एक नया संगठन बना है. इस संगठन का कोई अस्तित्व ही नहीं है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल की छत्रछाया में संगठन का गठन किया गया है. उन्होंने कहा कि जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन के सदस्य इतने लंबे समय तक सामने क्यों नहीं आये? उन्होंने कहा कि हमें आम लोगों का समर्थन प्राप्त है.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar News Desk
यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










