इसके लिए संयुक्त आयुक्त ( राजस्व) शहजाद शिब्ली के नेतृत्व में एक निगरानी कमेटी का गठन किया जायेगा. निगरानी कमेटी मोनोपोल का डिजाइन भी तैयार करेगी. श्री कुमार ने बताया कि सभी होर्डिगों को चरणबद्ध तरीके से हटाया जायेगा, उनके स्थान पर आने वाले मोनोपोल को रोड-डिवाइडर पर लगाया जायेगा. वर्तमान में कोलकाता नगर निगम के 144 वार्ड इलाको में लगभग 400 होर्डिग लगे हुए हैं. श्री कुमार ने बताया कि हमारा लक्ष्य शहर को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बना कर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सपने को पूरा करना है. इसके लिए ही यह योजना बनायी गयी है.
निगम के एक अधिकारी ने बताया कि वर्तमान होर्डिग का आकार 16/8 फुट का होता है और यह कुल 128 वर्ग फुट जगह लेता है, जबकि प्रस्तावित मोनोपोल 20/10 फुट के होंगे, जो लगभग 200 वर्ग फुट की जगह लेंगे. हम लोग अंग्रेजी के टी आकार जैसा मोनोपाल लगाने पर विचार कर रहे हैं. प्रत्येक मोनोपाल में एक साथ कई विज्ञापन लगाये जा सकेंगे. एक तरफ कॉमर्शियल विज्ञापन एवं दूसरी तरफ सरकारी विज्ञापन होगा. देवाशीष कुमार ने बताया कि एक मोनोपोल लगाने पर लगभग सात लाख रुपये का खर्च आयेगा और एक विज्ञापन एजेंसी को कम से कम सात वर्ष के लिए यह पट्टे पर दिया जायेगा. होर्डिग के स्थान पर मोनोपोल लगाने के लिए किसी निर्धारित समय सीमा के बारे में पूछे जाने पर श्री कुमार ने कहा कि इसके लिए हम लोगों ने कोई समय तय नहीं किया है, पर यह तय है कि इस काम को बड़ी तेजी से किया जायेगा.

