लगातार दूसरे दिन सड़क पर उतरीं सीएम
आज हावड़ा मैदान से धर्मतला तक करेंगी रैली
कोलकाता : मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हिंसा में शामिल लोगों का कपड़ों से पता चलने वाले बयान पर पलटवार करते हुए मंगलवार को कहा कि किसी व्यक्ति के राजनीतिक विचार उसके पहनावे से पता नहीं चल सकते. ममता बनर्जी ने भाजपा नीत केंद्र सरकार पर लोगों को ‘रोटी, कपड़ा और मकान’ नहीं दे पाने का आरोप लगाते हुए दावा किया कि यह सरकार एनआरसी और संशोधित नागरिकता कानून के जरिये करीब 10 लाख लोगों के अधिकार छीनने की कोशिश कर रही है.
तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ने एक रैली में कहा, ‘ देश जल रहा है और वे कपड़ों की बात कर रहे हैं. परिधान या खानपान के आधार पर उपद्रवियों और आम लोगों में अंतर नहीं किया जा सकता. कपड़ों से किसी व्यक्ति के राजनीतिक विचार पता नहीं चलते.’ गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी ने झारखंड में एक रैली में कहा था कि आग लगाने वालों का पता उनके कपड़ों से चल जाता है.
सुश्री बनर्जी ने मंगलवार को लगातार दूसरे दिन नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) के खिलाफ जुलूस का नेतृत्व किया. उन्होंने सीएए पर पश्चिम बंगाल में जारी हिंसक प्रदर्शनों और आगजनी की घटनाओं को ‘छिटपुट घटनाएं’ बताते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा.
जादवपुर के 8बी बस स्टैंड से निकला जुलूस जदूबाबू बाजार तक गया. जुलूस की शुरुआत में मुख्यमंत्री ने लोगों से एनआरसी के खिलाफ शपथ पाठ करायी. उन्होंने कहा कि हिंसा के रास्ते पर चल कर आंदोलन नहीं होगा. उन्होंने लोगों से किसी प्रकार के हिंसक आंदोलन, ट्रेन रोकने, ट्रेनों को फूंकने और पथावरोध आदि से दूर रहने की अपील की.
तृणमूल सुप्रीमो ने दावा किया कि केंद्र ने राज्य में हिंसा की ‘एक-दो मामूली घटनाओं’ के बाद राज्य में रेल सेवाएं बंद कर दीं. उनका कहना था कि ‘एक-दो छोटी घटनाएं होने पर केंद्र ने बंगाल में रेल सेवा बंद कर दी. रेलवे की संपत्ति की रक्षा करना रेलवे सुरक्षा बल के अधिकारियों का काम है, फिर भी उन्हें हमने मदद दी. हमने (परेशानी खड़ी करनेवाले) 600 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है.
हम रेलवे और केंद्र सरकार से सेवाएं बहाल करने का अनुरोध करते हैं.’ जदूबाबू बाजार में जुलूस की समाप्ति पर सुश्री बनर्जी ने कहा कि सत्ता में आ जाने पर अपनी मर्जी से कुछ भी कानून नहीं बनाया जा सकता. आज समूचा देश जल रहा है. 10 हजार लोगों को नागरिकता देने के नाम पर 10 लाख की नागरिकता छीनने की योजना बनायी जा रही है. असम में 100 लोगों ने आत्महत्या कर ली है. पुलिस कॉलेज के विद्यार्थियों को भी नहीं छोड़ रही, जबकि राज्य में भी विद्यार्थियों का प्रदर्शन होता है. तब राज्य सरकार कभी भी सख्त रवैया नहीं अपनाती.
उन्होंने भाजपा पर देश में हिंसा भड़काने का आरोप लगाया और कहा कि संशोधित नागरिकता कानून संसद से जल्दबाजी में पारित करवाया गया. उन्होंने कहा कि भाजपा ने विपक्षी दलों को संशोधित नागरिकता कानून पर विचार-विमर्श करने का वक्त ही नहीं दिया, इसे जल्दबाजी में पारित करवाया. उल्लेखनीय है कि बुधवार को भी मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हावड़ा मैदान से धर्मतला तक जुलूस निकाला जायेगा. सोमवार को रेड रोड से जोड़ासांको तक जुलूस निकाला गया था.
