#WestBengal : उपचुनाव में हिंसा, भाजपा उम्मीदवार को लात मारकर झाड़ियों में फेंका, बूथ में प्रवेश से रोका

Updated at : 25 Nov 2019 2:56 PM (IST)
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#WestBengal : उपचुनाव में हिंसा, भाजपा उम्मीदवार को लात मारकर झाड़ियों में फेंका, बूथ में प्रवेश से रोका

कोलकाता : बंगाल में आज तीन विधानसभा क्षेत्रों पर उपचुनाव हो रहा है और एक बार फिर बंगाल में चुनाव के दौरान हिंसा का नजारा देखने को मिला है. घटना करीमपुर विधानसभा सीट की है जहां हो रहे उपचुनाव में भाजपा उम्मीदवार तथा प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष जयप्रकाश मजूमदार को हिंसा का सामना करना पड़ा. घटना […]

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कोलकाता : बंगाल में आज तीन विधानसभा क्षेत्रों पर उपचुनाव हो रहा है और एक बार फिर बंगाल में चुनाव के दौरान हिंसा का नजारा देखने को मिला है. घटना करीमपुर विधानसभा सीट की है जहां हो रहे उपचुनाव में भाजपा उम्मीदवार तथा प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष जयप्रकाश मजूमदार को हिंसा का सामना करना पड़ा. घटना करीमपुर के पिपलखोला की है. सुबह करीब 11.30 जयप्रकाश मजूमदार जब एक मतदान केंद्र में जाने की कोशिश कर रहे थे तभी उनके सामने कुछ लोग आ गये और ‘गो बैक’ के नारे लगाने लगे.

अचानक उन्होंने जयप्रकाश मजूमदार पर घूंसे और थप्पड़ों की बारिश शुरू कर दी. इसके बाद उन्हें लात मारकर झाड़ियों में गिरा दिया गया. गौरतलब है कि उस वक्त मौके पर राज्य पुलिस और केंद्रीय बल के जवान भी मौजूद थे. उनके सामने ही भाजपा उम्मीदवार पर हमला किया गया.

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने इस घटना की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि यह कोई पहली घटना नहीं है. इसके पहले भी पंचायत चुनाव में तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने भाजपा उम्मीदवारों के साथ इस तरह का दुर्व्यवहार किया था. उन्होंने कहा कि जयप्रकाश मजूमदार को तृणमूल कांग्रेस के 50 कार्यकर्ताओं ने घेर लिया था और उन पर हमला किया था.

वे लोग जिले के पुलिस अधीक्षक और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को हटाने की मांग करते हैं.साथ ही दिलीप घोष ने यह भी कहा कि हमले के बावजूद जयप्रकाश मजूमदार मैदान में डटे हुए हैं. इस संबंध में भाजपा की ओर से चुनाव आयोग को शिकायती पत्र भी भेजा गया है. भाजपा के केंद्रीय कार्यकारिणी के सदस्य मुकुल राय ने मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा को इस घटना के संबंध में पत्र लिखा है. पत्र में आरोप लगाया गया है कि करीमपुर, खड़गपुर सदर और कालियागंज विधानसभा सीटों के लिए हो रहा उपचुनाव मजाक में बदल चुका है.

तृणमूल कांग्रेस राज्य पुलिस व प्रशासन की मदद से लोकतंत्र की हत्या कर रही है. मुकुल राय ने अपने पत्र में लिखा है कि करीमपुर विधानसभा क्षेत्र में राज्य पुलिस ने कोई रूट मार्च नहीं किया. न ही राज्य पुलिस केंद्रीय सशस्त्र बल के साथ कोई सहयोग कर रही है. क्षेत्र में चुनाव आयोग ने 93 फीसदी बूथों पर केंद्रीय सशस्त्र बल को तैनात किया है.

लिहाजा मतदाताओं को तृणमूल समर्थित समाजविरोधी धमका रहे हैं. बाहरी लोग बूथ जाम कर रहे हैं. भाजपा के उम्मीदवार जय प्रकाश मजूमदार को मतदान केंद्रों में प्रवेश करने से रोका गया और आम मतदाता घरों से बाहर निकलने में घबरा रहे हैं. खड़गपुर सदर विधानसभा क्षेत्र में जिन मतदान केंद्रों में केंद्रीय बल की तैनाती नहीं हैं वहां बाहरी लोग मतदान केंद्रों के आसपास मंडरा रहे हैं और मतदाताओं को मतदान करने से रोक रहे हैं. खड़गपुर सदर में केवल 73 फीसदी बूथों में ही केंद्रीय बल की तैनाती है. कालियागंज विधानसभा क्षेत्र में चुनाव आयोग की ओर से नियुक्त पुलिस पर्यवेक्षक फोन कॉल का जवाब ही नहीं दे रहे. मतदान के दिन सुबह से ही उनका कोई पता नहीं चल रहा. इस क्षेत्र में केंद्रीय बल की तैनाती महज 40 फीसदी बूथों पर है. लिहाजा वह इस संबंध में चुनाव आयोग के हस्तक्षेप की अपील करते हैं.

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