अयोध्या मसले पर भाईचारा बनाये रखने की अपील

Updated at : 10 Nov 2019 1:53 AM (IST)
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अयोध्या मसले पर भाईचारा बनाये रखने की अपील

अयोध्या मामला : राजनीतिक दलों ने किया सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत कोलकाता : अयोध्या मसले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर माकपा पोलित ब्यूरो ने कहा कि कुछ बिंदुओं पर सवाल उठना लाजमी है. बावजूद इसके सभी पक्षों को शांति व्यवस्था बनाये रखना चाहिये. पोलित ब्यूरो की ओर से जारी बयान में कहा […]

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अयोध्या मामला : राजनीतिक दलों ने किया सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत

कोलकाता : अयोध्या मसले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर माकपा पोलित ब्यूरो ने कहा कि कुछ बिंदुओं पर सवाल उठना लाजमी है. बावजूद इसके सभी पक्षों को शांति व्यवस्था बनाये रखना चाहिये. पोलित ब्यूरो की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि फैसले को सामने रख कर किसी भी तरह का उसकावापूर्व काम करना सही नहीं होगा.
पोलित ब्यूरो के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट लंबे समय से चले आ रहे विवाद को खत्म करना चाहता है, क्योंकि इस मुद्दे को लेकर अभी तक सांप्रदायिक ताकतें अपना हित साधती रही हैं. विवाद के कारण ही इस मुद्दे पर दंगा हंगामा और लोगों की जानें गयी हैं. अगर कोई विवाद आपसी सुलह या मेल मिलाप से नहीं सलटता है तो उसको न्यायालय के द्वारा ही सुलझाना चाहिए. हालांकि जो फैसला आया है उसके सभी बिंदुओं से माकपा सहमत नहीं है.
माकपा के मुताबिक फैसले में यह माना गया है कि दिसंबर 1992 में मस्जिद को तोड़ा गया है. यह कानून का उल्लंघन है. यह फौजदारी मामला है. लिहाजा ऐसा करनेवालों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सजा देनी चाहिये. बावजूद इसके माकपा चाहती है कि देश में अमन चैन कायम रहे और लोग एक दूसरे के साथ भाईचारे से रहे.
सोमेन ने की भाईचारा बनाये रखने की अपील
कोलकाता. प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष सोमेन मित्रा ने कहा कि अयोध्या मामले में हमें सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करना चाहिए. फैसला सबके हित में आया है. लिहाजा किसी भी तरह से सांप्रदायिक सौहार्द्र नहीं बिगड़े, इसका ख्याल रखना चाहिए.
उल्लेखनीय है कि शनिवार सुबह इस मुद्दे पर दिल्ली में कांग्रेस वर्किंग कमिटी की बैठक हुई थी, जहां कांग्रेस ने राम मंदिर के निर्माण का समर्थन करते हुए लोगों से शांति बनाये रखने की अपील की थी. राज्य सरकार ने अयोध्या मामले में शनिवार को उच्चतम न्यायालय के फैसले के मद्देनजर सभी पुलिस थानों को हाई अलर्ट पर रखा था.
दूसरी ओर, राजनीतिक दलों ने लोगों से राज्य में शांति बनाए रखने की अपील की है. तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व ने सौहार्द्र बनाये रखने की अपील की और यह सुनिश्चित करने का अनुरोध किया कि फैसले के बाद कोई अप्रिय घटना न हो. माकपा के महासचिव सूर्यकांत मिश्रा ने कहा : हम बंगाल में हर किसी खासतौर से सभी वाम और धर्मनिरपेक्ष ताकतों से लोगों के बीच शांति, सौहार्द तथा एकता बनाए रखने की अपील करते हैं.
इस बीच राज्य में सुरक्षा कड़ी कर दी गयी है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पुलिसकर्मियों को काफी चौकन्ना रहने के निर्देश दिए गए हैं क्योंकि यह फैसला ऐसे समय में आ रहा है जब पैगंबर मोहम्मद का जन्मदिन मिलाद-उन-नबी मनाया जाना है। गृह विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘‘पश्चिम बंगाल के सभी पुलिस थानों में हर किसी को अलर्ट पर रखा गया है। हमने अयोध्या मामले में उच्चतम न्यायालय के फैसले और मिलाद-उन-नबी के जश्न को ध्यान में रखते हुए राज्य के सभी संवेदनशील इलाकों में स्थिर और मोबाइल पुलिस बल की व्यवस्था की है.’
पुलिसकर्मियों को मस्जिदों के बाहर और अन्य स्थानों पर तैनात किया गया है जहां मिलाद-उन-नबी के जश्न समारोहों की व्यवस्था की गयी है। आईपीएस अधिकारी ने पीटीआई-भाषा को बताया, ‘‘हम कोई जोखिम नहीं लेना चाहते और पश्चिम बंगाल में शांति एवं सौहार्द्र बिगाड़ने की किसी भी कोशिश को रोकेंगे। जो भी बाधा पैदा करने की कोशिश करेगा उससे कानून के अनुसार निपटा जाएगा.
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