कश्मीर में मारे गये पांच श्रमिक सुपुर्द-ए-खाक
Updated at : 01 Nov 2019 2:32 AM (IST)
विज्ञापन

हजारों लोगों ने नम आंखों से दी अंतिम विदाई कोलकाता : कश्मीर घाटी में आतंकवादियों के हाथों मारे गये पश्चिम बंगाल के पांच मजदूरों को गुरुवार को मुर्शिदाबाद के बहालनगर गांव में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया. हजारों लोगों ने नम आंखों से मृत श्रमिकों को अंतिम विदाई दी. राज्य सरकार की ओर से परिवहन मंत्री […]
विज्ञापन
हजारों लोगों ने नम आंखों से दी अंतिम विदाई
कोलकाता : कश्मीर घाटी में आतंकवादियों के हाथों मारे गये पश्चिम बंगाल के पांच मजदूरों को गुरुवार को मुर्शिदाबाद के बहालनगर गांव में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया. हजारों लोगों ने नम आंखों से मृत श्रमिकों को अंतिम विदाई दी. राज्य सरकार की ओर से परिवहन मंत्री शुभेंदू अधिकारी ने मृतक श्रमिकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये का चेक सौंपा तथा सरकारी नौकरी का आश्वासन दिया.
आतंकी हमले में घायल जहीरुद्दीन के परिजनों को भी आर्थिक मदद दी गयी. राज्य के शहरी विकास मामलों के मंत्री फिरहाद हकीम के नेतृत्व में सांसद महुआ मैत्रा सहित पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने मृतक के परिजनों से मुलाकात की तथा हर संभव मदद का आश्वासन दिया.
उल्लेखनीय है कि बुधवार की देर रात को मंगलवार को आतंकी हिंसा में मारे गये मुर्शिदाबाद के रफीक शेख, कमरुद्दीन शेख, मुरसलीन शेख, नइमुद्दीन शेख और रफीकुल शेख का पार्थिव शरीर कश्मीर से विमान से कोलकाता पहुंचा था. मेयर फिरहाद हकीम के नेतृत्व में श्रमिकों के पार्थिव शरीर को मुर्शिदाबाद जिले में स्थित उनके गांव ले जाया गया. मृत श्रमिकों के पार्थिव शरीर को देखने पूरा गांव उमड़ पड़ा. इसके पूर्व राज्य के परिवहन मंत्री शुभेंदू अधिकारी ने मृत श्रमिकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये का चेक प्रदान किया तथा सरकारी नौकरी का आश्वासन दिया.
अधिकारी ने श्रमिकों की हत्या की जांच की मांग करते हुए कहा कि कश्मीर में राजनीतिक कार्यकलाप पूरी तरह से बंद है. वहां का प्रशासन केंद्र सरकार के अधीन है. ये लोग (श्रमिक) अपने घर लौटने वाले थे, लेकिन इनकी हत्या कर दी गयी. इसकी पूरी जिम्मेदारी केंद्र सरकार की है. केंद्र सरकार पूरे मामले की जांच कराये. शहरी विकास मामलों के मंत्री फिरहाद हकीम ने भी केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि वीआइपी को केंद्र सरकार सुरक्षा दे रही है, लेकिन आम नागरिक मारे जा रहे हैं. केंद्र सरकार को इसका जवाब देना होगा.
उधर, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने घटना की व्यापक जांच की मांग की. उन्होंने कहा कि घाटी में कानून एवं व्यवस्था के लिए केंद्र सरकार जिम्मेदार है. बनर्जी ने कहा, ‘कश्मीर में कोई राजनीतिक गतिविधि नहीं हो रही है और वहां पर फिलहाल कोई राजनीतिक पार्टी नहीं है. सारा प्रशासन केंद्र सरकार के हाथ में है और सेना तथा अन्य केंद्रीय बल हैं. वे इसे देख रहे हैं.’ उन्होंने कहा, ‘जिस दिन यूरोपीय संघ के सांसदों का प्रतिनिधिमंडल राज्य का दौरा कर रहा था, वे कैसे इन गरीब बेगुनाह लोगों का अपहरण कर सके. मैं सच में हैरान हूं.’ बनर्जी ने बुधवार को पांच मजदूरों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये का मुआवजा देने का ऐलान किया था.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




