डेंटल की पढ़ाई में रुचि नहीं दिखा रहे छात्र
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 14 Sep 2019 1:50 AM
कोलकाता : मेडिकल की पढ़ाई करने वाले अधिकांश स्टूडेंट्स एमबीबीएस डॉक्टर बनने की चाह रखते हैं. लेकिन एमबीबीएस कॉलेजों में सीटों की संख्या कम होने व मेधा तालिका में पीछे रह गये छात्र-छात्राओं का यह सपान साकार नहीं हो पाता है. कुछ ऐसे भी स्टूडेंट्स हैं जो एमबीबीएस छोड़ कर डेंटल साइंस की पढ़ाई करते […]
कोलकाता : मेडिकल की पढ़ाई करने वाले अधिकांश स्टूडेंट्स एमबीबीएस डॉक्टर बनने की चाह रखते हैं. लेकिन एमबीबीएस कॉलेजों में सीटों की संख्या कम होने व मेधा तालिका में पीछे रह गये छात्र-छात्राओं का यह सपान साकार नहीं हो पाता है. कुछ ऐसे भी स्टूडेंट्स हैं जो एमबीबीएस छोड़ कर डेंटल साइंस की पढ़ाई करते हैं.
इस वर्ष जो आकड़े सामने आये हैं वह चौंकने वाले है. डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया (डीसीआई) के अनुसार 31 अगस्त 2019 तक देशभर के सभी सरकारी व निजी मेडिकल कॉलेजों में करीब 11 हजार 550 सीटें खाली पड़ी हैं, जो गत दो वर्षों की तुलना में काफी अधिक है. डीसीआई के अनुसार वर्ष 2017-18 में देश में 26 हजार 560 डेंटल सीटें थीं, जिसमें से 17 फीसदी सीटें खाली रह गयी थीं. यानी करीब चार हजार 504 सीटें रिक्त रहीं. इसी तरह वर्ष 2018-19 में देश में कुल 26 हजार 620 सीटें थीं. 16 फीसदी यानी चार हजार 456 डेंटल सीट खाली रह गयी थीं. अब इस शिक्षा वर्ष 2019-20 में खाली डेंटल सीटों की संख्या बढ़ कर 26 हजार 749 हो गयी है लेकिन इस वर्ष सबसे अधिक 43 प्रतिशत यानी 11 हजार 550 डेंटल सीट खाली रह गयी हैं जो डीसीआई के लिए सिर दर्द बनी हुई हैं.
इस बीच एक सितंबर से कक्षाएं शुरू भी हो चुकी हैं. सूत्रों के अनुसार निजी डेंटल कॉलेज की संख्या हर साल बढ़ रही है लेकिन डेंटल अस्पतालों में आधारभूत ढाचों का अभाव हैं इसलिए मेडिकल की पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट्स डेंटल में रुचि नहीं दिखा रहे हैं.
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