डालटनगंज-गढ़वा रोड जंक्शन पर 38 घंटे बाद सुधरा यात्री ट्रेनों का परिचालन, स्टेशनों पर चहल-पहल बढ़ी

Published by : KumarVishwat Sen Updated At : 06 Jun 2026 9:32 PM

विज्ञापन

ट्रेनों का परिचालन सामान्य होने के बाद स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर लगी यात्रियों की भीड़. फोटो: प्रभात खबर

Indian Railways: झारखंड में डालटनगंज-गढ़वा रोड जंक्शन पर राजहारा स्टेशन के पास मालगाड़ी दुर्घटना के 38 घंटे बाद यात्री ट्रेनों का परिचालन सामान्य हो गया. रेलवे ने युद्धस्तर पर ट्रैक मरम्मत कार्य पूरा किया. ट्रैक क्रैक होने को दुर्घटना का कारण माना जा रहा है. मामले में सीनियर सेक्शन इंजीनियर पर कार्रवाई की तैयारी चल रही है. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

विज्ञापन

पलामू से शिवेंद्र कुमार की रिपोर्ट

Indian Railways: डालटनगंज-गढ़वा रोड जंक्शन पर पिछले 38 घंटे बाद यात्री ट्रेनों का परिचालन सामान्य हो गया, जिससे इस रूट से यात्रा करने वाले लोगों को काफी राहत मिली. गुरुवार को दोपहर 1:15 बजे राजहरा स्टेशन के समीप कोयला लदे मालगाड़ी के 15 बोगी पलट गई थी. इसके बाद से अपलाइन पर मालगाड़ी और यात्री ट्रेनों का आवागमन पूरी तरह से प्रभावित हो गया था. इसके बाद पिछले दो दिनों से यात्री ट्रेन को रद्द कर दिया गया था.

शुक्रवार की आधी रात के बाद लाइन हुई दुरुस्त

रेलवे अधिकारी के अनुसार, शुक्रवार की रात्रि 12:35 बजे अपलाइन को दुरुस्त कर लिया गया था. ट्रायल के लिए मालगाड़ी को पास कराया गया. इस रूट पर शनिवार की सुबह 7:50 पर जीडीआर पैसेंजर ट्रेन राजहारा स्टेशन पार किया. रेलवे के द्वारा युद्ध स्तर पर कार्य किये जाने के बाद रेल पथ इंजीनियर ने फीट करने की घोषणा की. इसके बाद ट्रेनों का परिचालन सामान्य हो गया. ट्रेनों के परिचालन शुरू होने के कारण स्टेशन पर चहल-पहल बढ़ गई है. सामान्य दिनों की तरह यात्री स्टेशन पर ट्रेनों का इंतजार कर रहे हैं.

दो दिनों में 27 करोड़ के नुकसान का अनुमान

रेलवे अधिकारी के अनुसार पिछले दो दिनों में मालगाड़ी से 17 करोड़ व एक्सप्रेस व पैसेंजर ट्रेन नही चलने के कारण इस रूट पर 10 लाख का नुकसान का अनुमान है. रेलवे अधिकारियों ने बताया कि अपलाइन को ठीक करने में 38 घंटा का समय लगा.मालगाड़ी का आवागमन सामान्य दिनों की तरह नहीं चल पाया. जिसके कारण रेलवे को माल ढुलाई से होने वाले आय में नुकसान हुआ है. सामान्य दिनों में प्रतिदिन औसत 110 से 120 मालगाड़ी की आवाजाही होती है. लेकिन रूट के डिस्टर्ब रहने के कारण पहले की अपेक्षा मात्र आधी मालगाड़ी ही चल पाया.

दो दिनों से रद्द रहीं आधा दर्जन से अधिक ट्रेनें

घटना के कारण दो दिनों से आधा दर्जन से ज्यादा ट्रेनों को रद्द कर दिया गया था, जबकि करीब आधा दर्जन ट्रेनों का रूट डाइवर्ट कर दिया गया था. इसी प्रकार शुक्रवार को रेलवे की ओर से 11 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया था. वहीं, गरीब रथ सहित सात ट्रेनों का रूट डायवर्ट कर दिया गया था. रेलवे के द्वारा बरवाडीह डेहरी ऑन सोन पैसेंजर, डेहरी ऑन सोन बरवाडीह पैसेंजर, बरवाडीह चुनार पैसेंजर, चुनार बरवाडीह पैसेंजर, शुक्रवार को चलने वाली रांची सासाराम एक्सप्रेस, शनिवार को चलने वाली सासाराम रांची एक्सप्रेस, रांची चोपन एक्सप्रेस, चोपन एक्सप्रेस, बरकाकाना डेहरी ऑन सोन पैसेंजर, डेहरी बरवाडीह पैसेंजर व डेहरी ऑन सोन बरकाकाना पैसेंजर ट्रेन को रद्द कर दिया गया है. रांची बनारस एक्सप्रेस, रांची न्यू दिल्ली गरीब रथ एक्सप्रेस, टाटा जम्मूतवी एक्सप्रेस, शक्तिपुंज एक्सप्रेस, संतरागाछी अजमेर सप्ताहिक एक्सप्रेस व पुरुलिया आनंद बिहार टर्मिनल एक्सप्रेस के रूट को डाइवर्ट कर दिया गया है.

सीनियर सेक्शन इंजीनियर पर गिर सकती है गाज

जानकारी के अनुसार, रेलवे ट्रैक क्रेक होने के कारण मालगाड़ी के डिब्बे पलट गई थी. इस मामले में विभाग की ओर से सीनियर सेक्शन इंजीनियर पर कार्रवाई करने की तैयारी शुरू की जा रही है. रेलवे ट्रैक देखभाल की जिम्मेवारी सीनियर सेक्शन इंजीनियर पर होती है. ट्रैक की जांच के लिए विभाग के द्वारा अल्ट्रासोनिक फ्लो डिटेक्शन मशीन भी दिया गया है, जिससे जांच करने का प्रावधान है.

इसे भी पढ़ें: रेल हादसे के बाद राहत बचाव का किया मॉक ड्रिल

रेलवे अधिकारी ने बताया दो दिन पहले मशीन के माध्यम से रेलवे ट्रैक की जांच कराई गई थी. इसके बाद भी इस रूट में दुर्घटना होने का कारण रेलवे सीनियर सेक्शन इंजीनियर को दोषी माना जा रहा है. दुर्घटना के समय मालगाड़ी की स्पीड 20 किलोमीटर प्रतिघंटा बताई गई है. इसलिए ओवर स्पीडिंग का भी मामला नहीं बनता है. दुर्घटना के बाद ड्राइवर व मालगाड़ी में सवार अन्य कर्मचारियों का बरवाडीह में जांच करायी गई थी, जिसमें इस मालगाड़ी के कर्मियों के द्वारा नशा करने का मामला विभाग को नहीं मिली है.

इसे भी पढ़ें: पलामू के राजहरा स्टेशन के पास मालगाड़ी 15 बोगियां पलटीं, ट्रेनों की आवाजाही ठप

विज्ञापन
KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola