झारखंड में लापरवाह ठेकेदारों पर गिरेगी गाज, समय पर सड़क न बनाने वाले होंगे डिबार, मंत्री ने चेताया

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Deepika Pandey Singh

दीपिका पांडेय सिंह की फाइल फोटो

Deepika Pandey Singh: झारखंड में ग्रामीण सड़कों का काम लटकाने वाले ठेकेदारों पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी है. ग्रामीण कार्य मंत्री दीपिका पांडेय ने सभी कार्यपालक अभियंताओं को दोषी ठेकेदारों को चिह्नित कर डिबार (ब्लैकलिस्ट) करने का कड़ा निर्देश दिया है.

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रांची से मनोज लाल की रिपोर्ट

Deepika Pandey Singh, रांची : ग्रामीण सड़कों का काम लेकर समय पर पूरा न करने और वर्षों तक फाइलों और जमीन पर काम लटकाने वाले ठेकेदारों की अब खैर नहीं है. ग्रामीण विकास एवं ग्रामीण कार्य विभाग की मंत्री दीपिका पांडेय ने इस मामले में बेहद सख्त रुख अपनाते हुए कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. ठेकेदारों की इस लापरवाही का सीधा असर ग्रामीण आबादी पर पड़ रहा है, जिन्हें जर्जर सड़कों के कारण आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. विभागीय निर्देशों और समय सीमा (Deadline) की लगातार अवहेलना किए जाने पर मंत्री ने इस मामले को गंभीरता से लिया है.

लापरवाह ठेकेदारों की बनेगी सूची

मंत्री के निर्देश के बाद अब काम लटकाने वाले ठेकेदारों को चिह्नित (Identify) करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. इसके तहत विभाग को निम्नलिखित कदम उठाने के आदेश दिए गए हैं.

  • ठेकेदारों को आवंटित किए गए कार्यों की एक विस्तृत सूची तैयार की जाएगी, जिसमें यह देखा जाएगा कि किसका काम कितने समय से पेंडिंग है.
  • जिन ठेकेदारों की ट्रैक रिकॉर्ड ही काम को टालने की रही है, उनके खिलाफ एक अलग से स्पेशल रिपोर्ट तैयार की जाएगी.
  • इस रिपोर्ट के आधार पर लापरवाह ठेकेदारों से विभाग स्पष्टीकरण पूछेगा कि आखिर तय समय सीमा में काम पूरा क्यों नहीं किया गया.

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इंजीनियरों को टास्क: जवाब सही नहीं मिला तो होंगे ‘डिबार’

मंत्री दीपिका पांडेय ने ग्रामीण कार्य प्रमंडल के सभी कार्यपालक अभियंताओं (Executive Engineers) को इस संबंध में सख्त टास्क सौंप दिया है. स्पष्टीकरण की प्रक्रिया के बाद ठेकेदारों द्वारा दिए गए जवाब की बारीकी से समीक्षा की जाएगी. यदि समीक्षा के दौरान काम लटकाने का कोई ठोस और उचित कारण नहीं मिला और ठेकेदार दोषी पाए गए, तो उन्हें सीधे ‘डिबार’ (Debar/ब्लैकलिस्ट) कर दिया जाएगा. डिबार होने के बाद ये ठेकेदार भविष्य में विभाग की किसी भी नई टेंडर (Tender) प्रक्रिया में हिस्सा नहीं ले सकेंगे.

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समीर उरांव

लेखक के बारे में

By समीर उरांव

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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