आकाश से बरस रही आफत, बंगाल में ठनका गिरने से 16 लोगों की हुई मौत, जुलाई में गयी थी 52 की जान

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 13 Aug 2019 2:30 AM

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।। अजय विद्यार्थी ।। कोलकाता :देश के साथ पश्चिम बंगाल में आसमानी बिजली गिरने से मरनेवालों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है. सोमवार को राज्य के विभिन्न जिलों में आकाशीय बिजली गिरने से कुल 16 लोगों की मौत हुई है, जबकि जुलाई में राज्य में आकाशीय बिजली गिरने से कुल 52 लोगों की […]

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।। अजय विद्यार्थी ।।
कोलकाता :देश के साथ पश्चिम बंगाल में आसमानी बिजली गिरने से मरनेवालों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है. सोमवार को राज्य के विभिन्न जिलों में आकाशीय बिजली गिरने से कुल 16 लोगों की मौत हुई है, जबकि जुलाई में राज्य में आकाशीय बिजली गिरने से कुल 52 लोगों की मौत हुई थी. मौसम विभाग के विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन की वजह से आने वाले दिनों में आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं में और भी इजाफा होने की संभावना है.

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क्लाइमेट रेसिलेंट ऑब्जर्विंग सिस्टम प्रमोशन काउंसिल और मौसम विभाग द्वारा आकाशीय बिजली को लेकर चलाये जा रहे अभियान लाइटिंग रेसिलेंट इंडिया कंपेन के संयोजक कर्नल संजय श्रीवास्तव का कहना है कि झारखंड की सीमा से सटे दक्षिण बंगाल के इलाके पुरुलिया, बर्दवान, आसनसोल आदि वज्रपात प्रवण इलाके हैं. पहले भी इन इलाकों में अन्य स्थानों की अपेक्षा वज्रपात की घटनाएं ज्यादा घटती रही हैं, लेकिन जलवायु परिवर्तन के कारण वज्रपात गिरने की घटनाएं और भी बढ़ गयी हैं.
क्या है आकाशीय बिजली
आकाश में बादलों के बीच तब टक्कर होती है, यानि घर्षण होने से अचानक इलेक्ट्रोस्टैटिक चार्ज निकलती है, ये तेजी से आसमान से जमीन की तरफ आता है. इस दौरान हमें तेज कड़क आवाज सुनाई देती है और बिजली की स्पार्किंग की तरह प्रकाश दिखाई देता है. इसी पूरी प्रक्रिया को आकाशीय बिजली कहते हैं. आकाशीय बिजली के गिरने से लोगों की इंसानों के साथ पशु-पक्षियों तक की मौत हो जाती है, हरे पेड़ तक गिर जाते हैं.
मात्र कुछ सेंकेड की होती है आकाशीय बिजली गिरने की प्रक्रिया
आकाशीय बिजली की प्रक्रिया कुछ सेंकेड के लिए होती है, लेकिन इसमें इतने ज्यादा बोल्ट का करंट होता है कि आदमी की जान लेने के लिए काफी होता है. क्योंकि इसमें बिजली वाले गुण होते हैं तो ये वहां ज्यादा असर करती है, जहां करेंट का प्रवाह होना संभव होता है. आकाश से गिरी बिजली किसी न किसी माध्यम से जमीन में जाती है, और उस माध्यम में जो जीवित चीजें आती हैं, उनको नुकसान पहुंचता है.
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ग्लोबल वार्मिंग के कारण ज्यादा गिरती है आकाशीय बिजली
कर्नल श्रीवास्तव ने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग के कारण और दो बारिश के बीच में ज्यादा अंतर के कारण आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं में इजाफा हो रहा है. उन्होंने कहा कि दो बारिश के बीच अंतर के कारण तापमान ज्यादा गर्म हो जाता है और गरम पृथ्वी पर जब बारिश होती है, तो पानी भाप बन कर आकाश में जाता है. फिर आकाश में यह भाप आकाशीय बिजली में बदल जाती है.
जागरूकता व सुरक्षा के अभाव में होती हैं मौतें
कर्नल श्रीवास्तव ने कहा कि आकाशीय बिजली गिरने से ज्यादातर मौतें जागरूकता के अभाव के कारण होती है. भारतीय मौसम विभाग द्वारा नियमित रूप से राज्य सरकार के आपदा विभाग को वज्रपात गिरने की आशंका संबंधित सूचनाएं देती रहती हैं, लेकिन राज्य सरकार के संबद्ध विभाग उन अग्रिम सूचनाओं को जनता तक नहीं पहुंच पाते हैं. इस कारण जागरूकता के अभाव में लोग मौत के शिकार हो जाते हैं. राज्य सरकार के संबद्ध विभाग को वज्रपात गिरने वाले इलाकों को लेकर आम लोगों में मीडिया के माध्यम से ज्यादा जागरूक करने की जरूरत है.
आफत : दक्षिण बंगाल में जारी रहेगी बारिश, चलेंगी तेज हवाएं
कोलकाता :राज्य के विभिन्न जिलों में पिछले 36 घंटों के दौरान अलग-अलग जगहों पर आकाशीय बिजली गिरने की घटना में 16 लोगों की मौत हो गयी. पुरुलिया जिले में नौ, दक्षिण 24 परगना जिले में तीन, पश्चिम मेदिनीपुर जिले में दो और पूर्व मेदिनीपुर व हुगली जिले में एक-एक व्यक्ति आसमान से बरसी आफत की चपेट में आकर मारा गया.
सूत्रों के अनुसार रविवार शाम पुरुलिया जिले के बड़ाबाजार, रायडीह, संथालडीह और चाकीरबन में बरसात के दौरान बिजली गिरने से जिले में नौ लोग काल के गाल में समा गये. वहीं, पश्चिम मेदिनीपुर जिले के झाड़ग्राम इलाके में दो, दक्षिण 24 परगना जिले के बासंती इलाके में तीन, पूर्व मेदिनीपुर जिले के दीघा व हुगली जिले में एक-एक की वज्रपात से मौत हुई है.
कोलकाता सहित दक्षिण बंगाल में तेज हवा के साथ होगी बारिश :
उल्लेखनीय है कि बंगाल की खाड़ी में निम्नदबाव का क्षेत्र बना हुआ है. पिछले तीन दिनों से कहीं तेज, तो कहीं हल्की बारिश हो रही है. अलीपुर मौसम कार्यालय सूत्रों के अनुसार अगले 26 घंटे तक मौसम इसी तरह का बना रहेगा. कोलकाता समेत दक्षिण बंगाल के विभिन्न जिलों में तेज हवा और गरज के साथ बारिश होने की संभावना है.
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