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खुद को असहज महसूस करने लगा था ऋषिक

Updated at : 04 Aug 2019 2:54 AM (IST)
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खुद को असहज महसूस करने लगा था ऋषिक

कोलकाता : उच्च माध्यमिक की परीक्षा में ऋषिक कोले (18) ने बेहतर अंक प्राप्त किये थे. अच्छे अंक प्राप्त करने की वजह से वह महानगर के सेंट जेवियर्स कॉलेज में पढ़ाई करने को इच्छुक था. कॉलेज में भर्ती होनेवाले विद्यार्थियों की पहली और दूसरी लिस्ट में नाम नहीं आने के बाद तीसरी लिस्ट में उसका […]

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कोलकाता : उच्च माध्यमिक की परीक्षा में ऋषिक कोले (18) ने बेहतर अंक प्राप्त किये थे. अच्छे अंक प्राप्त करने की वजह से वह महानगर के सेंट जेवियर्स कॉलेज में पढ़ाई करने को इच्छुक था. कॉलेज में भर्ती होनेवाले विद्यार्थियों की पहली और दूसरी लिस्ट में नाम नहीं आने के बाद तीसरी लिस्ट में उसका नाम आया. उसे भौतिक शास्त्र विषय को लेकर स्नातक पहले वर्ष की पढ़ाई के लिए कॉलेज में दाखिला मिल गया.

कॉलेज के हॉस्टल में रहने की जगह भी मिल गयी, लेकिन वह दो दिनों में मात्र चार कक्षाओं में शामिल हुआ. गुरुवार को अचानक सुबह से ऋषिक लापता हो गया. मामला पुलिस तक पहुंचा और उसके मोबाइल की लास्ट लोकेशन बेकबागान इलाके में मिली. पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी कि उत्तरपाड़ा और हिंदमोटर स्टेशन के बीच रेल लाइन से उसकी लाश बरामद की गयी. शनिवार को पुलिस को ऋषिक का एक नोट मिला, जिसमें कई महत्वपूर्ण तथ्य मिले.

सूत्रों के अनुसार नोट में लिखा है कि कॉलेज में सभी लोग हाइ प्रोफाइल से ताल्लुक रखनेवाले हैं. कॉलेज की सभी कक्षाएं अंग्रेजी में होती हैं. नोट के अनुसार वह काफी असहज महसूस करने लगा था. वापस घर जाने पर पिता के नाराज होने का उल्लेख भी है. नोट में हॉस्टल या कॉलेज में किसी व्यक्ति की ओर से कोई परेशानी हुई, इसका कोई उल्लेख नहीं है.

नोट ऋषिक ने लिखा है या नहीं, इसकी जांच जारी है. सिंगूर के निवासी व ऋषिक के पिता रतिकांत कोले और उनका पूरा परिवार इस बात को मानने को तैयार नहीं हो रहा है कि उनके बेटे ने आत्महत्या की ली. ऋषिक के दोस्तों और परिजनों का कहना है कि उच्च माध्यमिक की परीक्षा में अंग्रेजी में उसने करीब 80 प्रतिशत अंक प्राप्त किया था.

हालांकि पुलिस का मानना है कि कुछ दिनों से उसकी मानसिक हालत ठीक नहीं थी. लापता होने के बाद गुमशुदगी की शिकायत बेनियापुकुर थाना में दर्ज करायी गयी थी. हॉस्टल के पास सड़क के किनारे लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज की जांच में गुरुवार की सुबह करीब 10 बजे वह इलाके में टहलता नजर आया था. हॉस्टल के सहपाठियों से कुछ सामान खरीदने की बात कहकर बाहर निकला था और वापस नहीं आया. उसके मोबाइल का अंतिम लोकेशन बेकबागान इलाके में मिला था.

युवाओं में तेजी से बढ़ रहा डिप्रेशन
कोलकाता : सेंट जेवियर्स कॉलेज के छात्र की आत्महत्या की घटना काफी चाैंकानेवाली है. एक मेधावी छात्र इसीलिए खुदकुशी करता है कि उसे अंग्रेजी में संवाद करने में परेशानी थी. वह महानगर के संभ्रांत परिवार से आनेवाले सहपाठियों के साथ तालमेल नहीं बना पा रहा था. यह घटना बेहद चिंताजनक है.
कुछ कॉलेजों के प्रिंसिपलों का कहना है कि युवाओं पर काफी सामाजिक दबाव बढ़ रहा है. इस युवक ने ऐसा कदम क्यों उठाया, यह पूरी तरह जानना तो संभव नहीं है, लेकिन ऐसा लगता है कि युवाओं में निराशा बढ़ रही है.
उनको पोजेटिव कार्यों के साथ मोटिवेशनल गतिविधियों से जोड़ने की जरूरत है. इस विषय में ऑल बंगाल प्रिंसिपल काउंसिल के उपाध्यक्ष डॉ. तपन कुमार पोद्दार ने कहा, एक शिक्षक के रूप में मेरा मानना है कि युवाओं के अंदर तनाव व दबाव बढ़ रहा है. इस तरह की घटनाएं हाल में और भी हुई हैं. यह ठीक नहीं है. युवाओं के अंदर सहनशक्ति घट रही है. माता-पिता के लिए भी यह चिंता का विषय है.
वहीं मनोचिकित्सक डॉ. संजय गर्ग का कहना है कि न केवल बंगाल में बल्कि पूरे देश में डिप्रेशन के मामले बढ़ रहे हैं, यह बेहद गंभीर मामला है. बच्चों में या युवाओं में इस तरह की समस्या के कई कारण हो सकते हैं. मेधावी होने के बावजूद छात्र द्वारा इस तरह का कदम उठाया गया है. लगता है कि वह बहुत दबाव में था या कुंठा में था. ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए नियमित काउंसेलिंग भी होनी चाहिए व समय पर उनका इलाज भी होना चाहिए.
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