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नहीं थम रही बाइक चालकों की दादागीरी

Updated at : 02 Aug 2019 6:22 AM (IST)
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नहीं थम रही बाइक चालकों की दादागीरी

50 से 55 फीसदी बाइक सवार पहनते हैं हेलमेट हर साल 80 से 90 बाइक आरोही गंवाते हैं जान हावड़ा : सड़क दुर्घटनाएं रोकने के लिए सरकार की ओर से ‘सेफ ड्राइव, सेव लाइफ’ अभियान लगातार चलाया जा रहा है. इसके बावजूद बाइक सवारों पर इस अभियान का कोई असर नहीं पड़ रहा है. बाइक […]

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  • 50 से 55 फीसदी बाइक सवार पहनते हैं हेलमेट
  • हर साल 80 से 90 बाइक आरोही गंवाते हैं जान
हावड़ा : सड़क दुर्घटनाएं रोकने के लिए सरकार की ओर से ‘सेफ ड्राइव, सेव लाइफ’ अभियान लगातार चलाया जा रहा है. इसके बावजूद बाइक सवारों पर इस अभियान का कोई असर नहीं पड़ रहा है. बाइक सवार अपनी हरकत से बाज नहीं आ रहे हैं.गत तीन वर्षों में ट्रैफिक विभाग की ओर से 3000 से अधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये गये, लेकिन अभी भी कमिश्नरेट क्षेत्र में कई बाइक सवार हेलमेट नहीं पहनते हैं और लापरवाही से बाइक चलाते हैं, जिससे आयेदिन वे दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं.
बढ़ती बाइक दुर्घटनाओं के संबंध में पुलिस का कहना है कि जब तक खुद बाइक सवार जागरूक नहीं होंगे, हादसे नहीं थमेंगे. पुलिस जुर्माना लगा सकती है, लेकिन जबरदस्ती किसी को हेलमेट नहीं पहना सकती. यातायात सुरक्षा के प्रति हरेक परिवार को सजग होना होगा. यदि परिवार का कोई सदस्य बिना हेलमेट बाइक सवारी करता है तो उसे ऐसा करने से रोकना चाहिए.
हेलमेट नहीं पहनने का कारण यह भी माना जा रहा है कि पकड़े जाने पर जुर्माना कम है, इसलिए उन्हें डर नहीं है. तीन दिन पहले शिवपुर के नस्करपाड़ा लेन में दो बाइक सवार की मौत हो गयी, जबकि एक अभी भी अस्पताल में दाखिल है. तीनों ने हेलमेट नहीं पहना था.
आंकड़ों के अनुसार, सिटी पुलिस क्षेत्र में प्रत्येक साल सड़क दुर्घटनाओं में 80 से 90 बाइक सवार जान गंवाते हैं. हेलमेट पहनने की आदत सिर्फ 50 से 55 प्रतिशत लोगों में है, जबकि बाकी हेलमेट नहीं पहनते हैं. यह ट्रैफिक विभाग के लिए चिंता का विषय है. पुलिस का कहना है कि शहर में मुख्य सड़कों के अलावा कई लेन और बाइ लेन हैं.
हर जगह ट्रैफिक सार्जेंट रखना संभव नहीं है. साथ ही शहर में सड़कों की बदहाली ट्रैफिक विभाग की परेशानी बढ़ा देती है. बिजली विभाग के कर्मचारी सड़क खोद कर काम करते हैं और उसे किसी तरह भर कर चले जाते हैं. उन सड़कों को समय पर ठीक नहीं किया जाता है.
पिछले तीन वर्षों‍ में विभिन्न स्कूलों, क्लब और एनजीओ के साथ मिल कर 3000 से अधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये गये हैं. पुलिस भरसक कोशिश करती है कि बाइक सवार हेलमेट पहन कर गाड़ी चलाये, लेकिन पुलिस के साथ घरवालों को भी जिम्मेवारी लेनी होगी.
जब तक लोग खुद सचेत नहीं होंगे, कानून कुछ नहीं कर सकता है. सड़क दुर्घटना एक गंभीर समस्या है. आंकड़ों के हिसाब से जितने लोग गंभीर बीमारी से नहीं मारे जाते हैं, उससे कई ज्यादा लोगों की मौत सड़क दुर्घटनाओं में होती है.
-वाइ रघुवंशी, डीसी (ट्रैफिक)
निगम के पास फंड का अभाव है, लेकिन ऐसा नहीं है कि गड्ढों को भरा नहीं जाता है. पूरी कोशिश रहती है कि सड़क ठीक रहे.
-विजिन कृष्णा, आयुक्त, हावड़ा नगर निगम.
पुलिस को सख्ती से पेश आने की जरूरत है. बाइक सवार जानबूझ कर हेलमेट नहीं पहनते हैं. हैरत करनेवाली बात यह है कि हेलमेट पहनने से खुद का जीवन सुरक्षित होता है और बाइक सवार पुलिस के डर से हेलमेट पहनते हैं. सोच बदलने की जरूरत है.
-सुभाष दत्ता, वकील व पर्यावरणविद
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