सारधा: शताब्दी राय को इडी ने भेजा नोटिस

Updated at : 09 Jul 2019 2:19 AM (IST)
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सारधा: शताब्दी राय को इडी ने भेजा नोटिस

12 जुलाई को पूछताछ के लिए बुलाया गया कोलकाता : करोड़ों रुपये के सारधा चिटफंड घोटाले की जांच के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (इडी) ने तृणमूल कांग्रेस सांसद शताब्दी राय को पूछताछ के लिए नोटिस भेजा है. उन्हें 12 जुलाई को सॉल्टलेक स्थित सीजीओ कॉम्प्लेक्स में हाजिर होने को कहा गया है. इडी सूत्रों का […]

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12 जुलाई को पूछताछ के लिए बुलाया गया

कोलकाता : करोड़ों रुपये के सारधा चिटफंड घोटाले की जांच के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (इडी) ने तृणमूल कांग्रेस सांसद शताब्दी राय को पूछताछ के लिए नोटिस भेजा है. उन्हें 12 जुलाई को सॉल्टलेक स्थित सीजीओ कॉम्प्लेक्स में हाजिर होने को कहा गया है. इडी सूत्रों का कहना है कि सारधा चिटफंड घोटाले की जांच में पाया गया कि सारधा कंपनी के बैंक अकाउंट से काफी रुपये सांसद शताब्दी राय के खाते में ट्रांसफर किये गये हैं. उनके खाते में यह रुपयेक्यों ट्रांसफर किये गये? अबतक कुल कितनी राशि सारधा के मालिक सुदीप्त सेन से ली गयी है.
यह धनराशि किस कारण से ली गयी थी, इस बारे में पूछताछ के लिए सांसद शताब्दी राय को नोटिस भेजा गया है. उन्हें अपने साथ बैंक के कागजात लाने को कहा गया है. हालांकि इडी के बुलावे पर शताब्दी राय तय समय पर आयेंगी या नहीं, इस बारे में उनकी तरफ से कोई बयान नहीं मिला है.
जूही चौधरी को सुप्रीम कोर्ट से सशर्त जमानत
जलपाईगुड़ी में शिशु तस्करी के आरोप में किया गया था गिरफ्तार
कोलकाता. सुप्रीम कोर्ट ने जलपाईगुड़ी शिशु तस्करी कांड की मुख्य आरोपी व भाजपा की पूर्व नेत्री जूही चौधरी को सोमवार को सशर्त जमानत दे दी. हालांकि सोमवार को सर्वोच्च न्यायालय ने यह साफ कर दिया कि जरूरत के अनुसार उन्हें निचली अदालत में हाजिरी देनी होगी.
इसके अतिरिक्त निचली अदालत उनकी जमानत पर यदि कोई शर्त लगाती है, तो उसे भी मानना होगा. उल्लेखनीय है कि अगस्त, 2015 में जलपाईगुड़ी के चंदना चक्रवर्ती होम में बच्चों के गोद लेने के मामले में जालसाजी करने का आरोप लगा तथा बच्चों की तस्करी का मामला भी उठा. 2017 में सीआइडी को जांच की जिम्मेदारी दी गयी. उसके बाद चंदना चक्रवर्ती और कालांतर में भाजपा नेत्री जूही चौधरी सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया था. उनमें दो सरकारी अधिकारी थे.
जूही चौधरी के वकील बार-बार जमानत की अपील कर रहे थे, लेकिन निचली अदालत में खारिज हो जा रहा था. अंतत: जूही के वकीलों ने सर्वोच्च न्यायालय का आश्रय लिया. वकील का कहना था कि चार्जशीट में जूही का नाम मुख्य आरोपी के रूप में नहीं है.बल्कि केवल उन पर आरोप है कि उन्होंने आरोपी चंदना चक्रवर्ती की मुलाकात भाजपा के शीर्ष नेताओं से करायी थी. इसके बाद जूही को सशर्त जमानत दी गयी. ज्ञात हो कि इस आरोप के बाद भाजपा के तरफ से उन्हें भाजपा महिला मोर्चा नेत्री के पद से हटा दिया गया था.
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