कोलकाता : तो सहजता से दो वक्त खाने को मिलेगी हिल्सा

कोलकाता : बंगाली समाज का हिल्सा प्रेम जगजाहिर है. रोजाना उनकी थाली में दोनों वक्त हिल्सा मिलेगी, यह सपना तकरीबन सभी बंगाली देखते हैं, लेकिन हिल्सा की कीमत अधिक होने के कारण यह सपना पूरा नहीं हो पाता है. सबकुछ ठीक रहा, तो यह सपना जल्द ही पूरा होगा. इसे पूरा करने के लिए सेंट्रल […]
कोलकाता : बंगाली समाज का हिल्सा प्रेम जगजाहिर है. रोजाना उनकी थाली में दोनों वक्त हिल्सा मिलेगी, यह सपना तकरीबन सभी बंगाली देखते हैं, लेकिन हिल्सा की कीमत अधिक होने के कारण यह सपना पूरा नहीं हो पाता है. सबकुछ ठीक रहा, तो यह सपना जल्द ही पूरा होगा. इसे पूरा करने के लिए सेंट्रल इनलैंड फिशरीज रिसर्च इंस्टीच्यूट ने कई कदम उठाये हैं.
कोलाघाट, डायमंड हार्बर, रायदिघी, दीघा के बाद अब फरक्का हिल्सा के उत्पादन का मुख्य केंद्र होने जा रहा है.उल्लेखनीय है कि 2016 में म्यांमार के मछुआरों की जाल में चार किलो की हिल्सा मछली फंसी थी, जो 22 हजार रुपये में बिकी थी. गंगा में इतना बड़ी हिल्सा हाल के कई वर्षों में नहीं आयी थी,
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