कोलकाता : सरकारी स्कूलों में भी लगेंगे सीसीटीवी कैमरे
Updated at : 31 Jan 2019 2:02 AM (IST)
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कोलकाता : राज्य के सरकारी अनुदान प्राप्त स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रख कर सीसीटीवी कैमरे लगाये जाने की व्यवस्था की जायेगी. इसके लिए स्कूलों को एक लिखित पत्र भी परीक्षा के बाद भेजा जायेगा. जिन स्कूलों में एक भी सीसीटीवी नहीं है, पहले वहां इसकी व्यवस्था की जायेगी. स्कूलों के कामकाज […]
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कोलकाता : राज्य के सरकारी अनुदान प्राप्त स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रख कर सीसीटीवी कैमरे लगाये जाने की व्यवस्था की जायेगी. इसके लिए स्कूलों को एक लिखित पत्र भी परीक्षा के बाद भेजा जायेगा.
जिन स्कूलों में एक भी सीसीटीवी नहीं है, पहले वहां इसकी व्यवस्था की जायेगी. स्कूलों के कामकाज पर निगरानी रखने के लिए गठित सेल्फ रेग्युलेटरी कमीशन की सिफारिश पर अब सरकारी स्कूलों में भी बच्चों की सुरक्षा व बेहतरीन परिवेश की मजबूत व्यवस्था की जा रही है.
इस व्यवस्था के प्रथम चरण में सरकारी व सरकारी अनुदान प्राप्त 50 स्कूलों को चिह्नित किया गया है. इसके अलावा स्कूलों में पढ़ाई का माहाैल बनाये रखने के लिए शिक्षकों की नियमित हाजिरी व उनके कामकाज पर भी नजर रखी जायेगी. इसके लिए स्कूल में बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली को भी दुरुस्त किया जायेगा.
हालांकि कॉलेजों में यह प्रणाली बहुत पहले से ही शुरू की गयी है. कुछ स्कूलों में भी यह प्रणाली शुरू की गयी, लेकिन इसे पूरी तरह लागू नहीं किया गया. अब शिक्षा विभाग के निर्देश के बाद बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली को सभी स्कूलों में फिर से लागू करने के लिए कहा गया है. सरकारी स्कूल के एक हेडमास्टर ने बताया कि स्कूलों के अलावा दो प्राथमिक टीचर्स ट्रेनिंग संस्थान में भी बायोमेट्रिक हाजिरी सिस्टम लगायी जायेगी.
वर्तमान शैक्षणिक सत्र से ही इसके क्रियान्वयन के लिए काम शुरू किया जायेगा. स्कूल के परिसर में ये सीसीटीवी वहां लगाये जायेंगे, जहां बच्चों के अभिभावक व बाहर के व्यक्ति आकर बैठते हैं. सेल्फ रेग्युलेटरी कमीशन की सिफारिश पर यह व्यवस्था की जा रही है. निजी स्कूलों के कामकाज व फीस स्ट्रक्चर पर निगरानी रखने के लिए कमीशन की स्थापना की गयी थी.
अब कमीशन सरकारी स्कूलों के कामकाज पर भी निगरानी रखेगा. स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा के लिए इस कमीशन द्वारा गाइडलाइन भी जारी की गयी है. सरकार द्वारा चलाये जा रहे स्कूलों में इसे लागू करने के लिए विशेषज्ञों की बैठक अगले सप्ताह होगी. स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी सर्कुलर के अनुसार कोरिडोर, हेडमास्टर के रूम के पास, टाॅयलेट के बाहर, कैंपस के गेट पर, लाइब्रेरी व लेबोरेटरी में सीसीटीवी लगाये जायेंगे.
वहीं, स्कूलों में शिक्षकों के लिए बायोमैट्रिक उपस्थिति प्रणाली को शुरू करने का लक्ष्य यही है कि शिक्षक नियमित उपस्थित रहें व सभी क्लासों में बहुत गंभीरता से पढ़ाई करवायें. विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि इस तरह की कई शिकायतें मिली हैं कि कक्षाओं में शिक्षक समय पर नहीं आते हैं. आते भी हैं तो कक्षाओं में जाते नहीं हैं.
समय से पहले ही कुछ शिक्षक निकल जाते हैं, जिससे पढ़ाई का स्तर गिर रहा है. इस तरह की शिकायतों के बाद यह कदम उठाया गया है. इस व्यवस्था से स्थिति को सुधारने की कोशिश की जा रही है. निजी स्कूलों की तरह ही सरकारी स्कूलों में भी सुरक्षा की व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि अभिभावकों का स्कूल पर विश्वास बना रहे.
क्या कहना है शिक्षक संगठनों का
शिक्षक संगठन के एक प्रतिनिधि का कहना है कि स्कूल में सीसीटीवी कैमरे किस जगह लगाये जायेंगे, पहले यह देखना होगा. अगर खेल के मैदान में, कैंटीन में लगाये जा रहे हैं, तो इसका मतलब यही होगा कि छात्रों की हरकतों पर नजर रखी जा रही है. शिक्षकों या अन्य कर्मचारियों के कामकाज पर निगरानी रखने के लिए सीसीटीवी का स्थान बदलना पड़ेगा.
इसके लिए स्टाफरूम में या क्लासरूम में सीसीटीवी लगाये जाने चाहिए. बायोमैट्रिक हाजिरी प्रणाली शुरू करने के लिए भी पहले फिंगर की पहचान करनेवाली मशीन स्थापित करनी होगी. स्कूलों के लैब्स को भी अपग्रेड करने की जरूरत है. इस नयी नीति से स्कूलों में पढ़ाई का परिवेश बेहतर होने की संभावना है.
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