कोलकाता : गंगासागर में पुण्यार्थियों का आना शुरू

Updated at : 06 Jan 2019 9:24 AM (IST)
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कोलकाता : गंगासागर में पुण्यार्थियों का आना शुरू

मेगा कंट्रोल रूम व सीसीटीवी कैमरों से की जायेगी निगरानी लगभग 25 लाख श्रद्धालुओं के आने की संभावना पुण्यार्थियों के रहने के लिए बनाये जा रहे हैं हुगला कोलकाता : धर्म व तीर्थों में आस्था रखनेवालों के लिए धार्मिक आस्था केंद्रों का अलग ही महत्व है. इसी क्रम में गंगासागर मेला भी अपने आप में […]

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मेगा कंट्रोल रूम व सीसीटीवी कैमरों से की जायेगी निगरानी
लगभग 25 लाख श्रद्धालुओं के आने की संभावना
पुण्यार्थियों के रहने के लिए बनाये जा रहे हैं हुगला
कोलकाता : धर्म व तीर्थों में आस्था रखनेवालों के लिए धार्मिक आस्था केंद्रों का अलग ही महत्व है. इसी क्रम में गंगासागर मेला भी अपने आप में एक खास स्थान रखता है. कहते हैं ना, सारे तीरथ बार-बार, गंगासागर एक बार… श्रद्धालुओं के लिए गंगासागर किसी महाकुंभ से कम नहीं है. इस विशाल आयोजन की प्रशासनिक स्तर पर पूरी तैयारियां कर ली गयी हैं.
गंगासागर में मकर संक्राति पर लगभग 25 लाख श्रद्धालुओं के आने का अनुमान लगाया जा रहा है. इसका एक नमूना शनिवार को देखने को मिला. गंगासागर में देश के विभिन्न इलाकों से पुण्यार्थियों का आना शुरू हो गया है. कई श्रद्धालु पंडितों से पूजा भी करवा रहे हैं.
पुण्यार्थियों के रहने के लिए हुगला बनाये जाने की प्रक्रिया शुरू हो गयी है. कई साधुओं ने अभी से ही अपना डेरा जमा लिया है. मेले की तैयारियों के साथ ही वहां की सुरक्षा का दायित्व पश्चिम बंगाल पुलिस व भारतीय सेना के जवानों ने ले लिया है. शनिवार से ही सेना की एक टीम को मेले में तैनात कर दिया गया है.
इस विषय में कपिलमुनि मंदिर के महंत ज्ञानदास के उत्तराधिकारी संजय दास ने बताया कि पिछले साल की तुलना में इस बार अधिक पुण्यार्थियों के आने की संभावना है. प्रयागराज में चल रहे अ‌र्द्धकुंभ का सागर मेले में आनेवाले पुण्यार्थियों की संख्या पर कोई असर नहीं पड़ेगा. श्रद्धालु सागर मेले को ही प्राथमिकता देंगे, क्योंकि पहला स्थान गंगासागर का ही आता है.
उनका मानना है कि गंगासागर मेला किसी मायने में कुंभ से कम नहीं है. यह पूरे विश्व का कुंभ है और दुनिया में अपनी तरह का एकमात्र विशाल धार्मिक मेला है, जहां देश-विदेश के लोग आकर अपनी आस्था व्यक्त करते हैं. इस बार 14 जनवरी की शाम छह बजकर नौ मिनट से पुण्य सनान का समय प्रारंभ होगा आैर 15 जनवरी की शाम छह बजकर नौ मिनट तक रहेगा.
बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कार्यों की सराहना करते हुए श्री दास ने कहा कि मुख्यमंत्री हमेशा सागर मेले को लेकर गंभीर रही हैं. उन्होंने काफी अच्छी व्यवस्था की है. राज्य के प्रशासनिक अधिकारी यहां सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं.
सड़क, बिजली, पेयजल, सफाई समेत समस्त बुनियादी जरूरतों की अच्छी व्यवस्था की गयी है. दुःख की बात यह है कि आस्था के इतने बड़े धार्मिक स्थल की ओर केंद्र सरकार कोई ध्यान नहीं दे रही है. आस्था के इस विशाल धार्मिक स्थल को अगर केंद्र चाहे तो आैर ज्यादा उत्कृष्ट धार्मिक स्थल बना सकता है.
मेगा कंट्रोल रूम के ठीक पास बना ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन
गंगासागर मेले में माैसम का हाल बताने के लिए मेगा कंट्रोल रूम बनाया गया है. इस कंट्रोल रूम में जाइंट स्क्रीन पर गंगासागर मेले तक लगाये गये 1000 कैमरों से तेज निगरानी की जायेगी. इस कंट्रोल रूम में 55 इंच के 42 टीवी लगाये गये हैं.
इस रूम के ठीक पास एक ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन बनाया गया है. इस स्टेशन से ही हवा की दिशा, हवा की गति व वायु दबाव आदि की त्वरित जानकारी प्राप्त की जा सकेगी. गंगासागर में आनेवाले श्रद्धालु इस बार अपने मोबाइल का जमकर इस्तेमाल कर पायेंगे. गंगासागर मेले में एक पोर्टेबिल सेल्युलर नेटवर्क प्रोवाइडर की सेवा उपलब्ध रहेगी.
लोगों की भारी भीड़ के बीच मोबाइल टावर मिलने की काफी समस्या के समाधान के लिए सेल ऑन व्हील्स (सीओडब्ल्यू) की व्यवस्था की गयी है. सीओडब्ल्यू एक मूवेबिल सेल्युलर नेटवर्क प्रोवाइडर है, जो कम सिगनल वाले इलाकों में भी मोबाइल नेटवर्क आसान बना देता है. इस सुविधा के अलावा मेला प्रांगण व सागर स्नान पर वॉच टावर व आठ ड्रोन की मदद से कड़ी निगरानी की जायेगी. महिलाओं के लिए यहां चेंजिंग-रूम भी बनाये गये हैं.
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