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कोलकता : हजारीबाग की स्मृतियों में जी उठेंगे डॉ सुभाष

Updated at : 09 Dec 2018 9:18 AM (IST)
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कोलकता : हजारीबाग की स्मृतियों में जी उठेंगे डॉ सुभाष

हजारीबाग अस्पताल में डॉ सुभाष की आदमकद प्रतिमा का अनावरण आज डॉक्टर की जीवनी पर अाधारित पुस्तक को भी किया जायेगा लोकार्पण अपनी जन्मस्थली में ही थे गुमनाम, नहीं मिला था सम्मान कोलकता : एक कहावत है- घर की मुर्गी दाल बराबर, जो टेस्ट ट्यूब बेबी के जनक डॉ सुभाष मुखोपाध्याय पर सटीक बैठती है.आइवीएफ […]

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हजारीबाग अस्पताल में डॉ सुभाष की आदमकद प्रतिमा का अनावरण आज
डॉक्टर की जीवनी पर अाधारित पुस्तक को भी किया जायेगा लोकार्पण
अपनी जन्मस्थली में ही थे गुमनाम, नहीं मिला था सम्मान
कोलकता : एक कहावत है- घर की मुर्गी दाल बराबर, जो टेस्ट ट्यूब बेबी के जनक डॉ सुभाष मुखोपाध्याय पर सटीक बैठती है.आइवीएफ तकनीक से देशभर को टेस्ट ट्यूब बेबी का उपहार देनेवाले इस महान वैज्ञानिक को उनके ही शहर ने अपनी स्मृतियों से ओझल कर दिया था, लेकिन कहते हैं न कि उजाले को अधिक देर तक कैद करके नहीं रख सकते. सो ऐसा ही हुआ. डॉ सुभाष की उपलब्धियों और खोज ने उनके शहर को भी अपने जेहन में जिंदा रखने को मजबूर कर दिया. इसी का प्रतिफल है कि हजारीबाग के सदर अस्पताल में डॉ सुभाष की आदमकद मूर्ति लगने जा रही है.
इससे आज की पीढ़ी को यह प्रेरणा मिलेगी कि दृढ़ इच्छाशक्ति और संकल्प के बल पर कम संसाधन में भी कीर्तिमान स्थापित किये जा सकते हैं.
बंगाली एसोसिएशन, नेशनल थर्मल पॉवर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एनटीपीसी) तथा जिला प्रशासन के संयुक्त तत्तवावधान में उक्त मूर्ति का अनावरण हजारीबाग सदर अस्पताल में रविवार सुबह 11 बजे किया जायेगा. इस अवसर पर डॉ सुभाष की जीवनी पर आधारित एक पुस्तक का भी लोकार्पण होगा. ताकि लोग डॉ सुभाष के बारे में जान सके. मौके पर डॉ सुभाष के सहयोगी व मित्र रहे प्रो सुमीत मुखर्जी बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहेंगे. साथ ही प्रथम टेस्ट ट्यूब बेबी दुर्गा के पिता प्रभात गुप्ता भी मौजूद रहेंगे.
कौन थे डॉ सुभाष
झारखंड के हजारीबाग में 16 जनवरी 1931 को जन्मे डॉ सुभाष फिजियोलॉजी विशेषज्ञ थे. उन्होंने महानगर के एनआरएस मेडिकल कॉलेज, कलकत्ता मेडिकल कॉलेज स्थित रिजनल इंस्टीट्यूट अॉफ अॉबर्थोमोलॉजी तथा बांकुड़ा मेडिकल कॉलेज में अपनी सेवाएं दीं. डॉ मुखोपाध्याय की निगरानी में तीन अक्तूबर 1978 को दुर्गा (भारत की पहली टेस्ट ट्यूब बेबी, दुनिया की दूसरी) का जन्म हुआ. उसके ठीक 67 दिन पहले ब्रिटेन में रॉबर्ट एडवर्ड और पैट्रिक स्टेपटो की निगरानी में दुनिया की पहली टेस्ट ट्यूब बेबी लुइस जोय ब्राउन का जन्म हुआ था. उसके लिए रॉबर्ट एडवर्ड को 2010 का मेडिसीन में नोबेल पुरस्कार दिया गया.
किसने क्या कहा
एनटीपीसी, व बंगाली एसोसिएशन के सहयोग से मूर्ति का अनावरण कर पा रहे हैं. डॉ सुभाष की जीवनी पर आधारित पुस्तक का भी लोकार्पण किया जायेगा. वहीं इस मौके पर कुछ सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकीय उपकरण बांटे जायेंगे.
रवि शंकर शुक्ला, डीसी हजारीबाग
मूर्ति अनावरण के बाद अब हमारी कोशिश रहेगी की किसी सरकारी अस्पताल का नाम या मैटरनिटी विंग का नाम डॉ सुभाष मुखर्जी के नाम पर रखा जायेगा.
प्रो सजल मुखर्जी , बंगाली एसोसिएशन के अध्यक्ष, हजारीबाग.
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