कोलकाता : धर्म की राजनीति बंद करें : चंद्र कुमार बोस
Updated at : 06 Sep 2018 9:31 AM (IST)
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कोलकाता : लोकसभा चुनाव से पहले जहां एक ओर कांग्रेस तृणमूल कांग्रेस समेत सभी विपक्षी पार्टियां केंद्र की भाजपा सरकार पर धर्म की राजनीति करने का आरोप मढ़ रही हैं और उसको सांप्रदायिक पार्टी का तमगा देते हुए घेरने का प्रयास कर रही है. वहीं प्रदेश भाजपा के उपाध्यक्ष और नेताजी सुभाष चंद्र बोस के […]
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कोलकाता : लोकसभा चुनाव से पहले जहां एक ओर कांग्रेस तृणमूल कांग्रेस समेत सभी विपक्षी पार्टियां केंद्र की भाजपा सरकार पर धर्म की राजनीति करने का आरोप मढ़ रही हैं और उसको सांप्रदायिक पार्टी का तमगा देते हुए घेरने का प्रयास कर रही है. वहीं प्रदेश भाजपा के उपाध्यक्ष और नेताजी सुभाष चंद्र बोस के परपोते चंद्र कुमार बोस ने भी अपने बयानों से पार्टी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. बुधवार की सुबह चंद्र कुमार बोस ने कहा, ‘मैं चेतावनी देता हूं कि धर्म की राजनीति बंद हो जानी चाहिए.’ ‘मैं सभी पार्टियों को चेतावनी दे रहा हूं कि धर्म की राजनीति बंद कर दो. मैं अपने देशवासियों से भी अपील कर रहा हूं कि जो लोग धर्म की राजनीति कर रहे हैं
उनका समर्थन करना बंद कर दो. यह लोग इस देश को धर्म के आधार पर बांटना चाहते हैं.’ उन्होंने कहा कि देशवासियों को सिर्फ उन लोगों को समर्थन करना चाहिए, जो शरत चंद्र बोस और नेताजी सुभाष चंद्र बोस के सिद्धांतों को मानते हैं.
ज्ञात हो कि हाल के दिनों में चंद्र कुमार बोस ने अपनी ही पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है. उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को चिट्ठी लिखकर प्रदेश भाजपा को बहुत ही कमजोर करार दिया था.
इसके बाद उन्होंने भाजपा की कमान अपने हाथ में देने की मांग तक कर डाली थी व कई बार अपने बयानों से पार्टी को मुश्किल में डाल चुके हैं. इस बार उनका यह बयान खुद भाजपा को ही कठघरे में खड़ा कर रहा है. हालांकि प्रदेश भाजपा के नेता नाम नहीं छापने की शर्त पर यह जरूर कह रहे हैं कि कृष्ण ने शिशुपाल को बहुत सहा. फिलहाल चंद्र बोस को सहा जा रहा है. पानी जब सर से ऊपर गुजरेगा तब जो सही होगा वही किया जायेगा.
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