कोलकाता : गार्डेनरीच फ्लाइओवर का निरीक्षण करने मौके पर पहुंचे राज्य के शहरी विकास मंत्री फिरहाद हकीम ने कहा कि फ्लाइओवर बनकर तैयार हो गया है. इसे कभी भी जनता के लिए खोल दिया जायेगा. इसके बनने से एक तरफ जहां जाम की समस्या से निजात मिलेगी, तो वहीं फ्लाइआवेर पर दुर्घटना रोकने के लिए कई आवश्यक कदम उठाये गये हैं.
उन्होंने बताया कि तकरीबन 4.5 किलोमीटर लंबे इस फ्लाइओवर पर सुरक्षा के लिहाज से 15 क्लोज सर्किट टीवी लगाये गये हैं. साथ ही एलइडी लाइट लगायी जायेगी. ट्रैफिक स्पीड लिमिट बोर्ड भी लगाये गये हैं.
अंतिम चरण पर काम का जायजा लेने पहुंचे फिरहाद हकीम ने काम की प्रगति पर संतोष जताया है. उन्होंने कहा कि काम तकरीबन पूरा हो गया है. मुख्यमंत्री जब भी वक्त देंगी, हम इसका उद्घाटन कर देंगे. उन्होंने उम्मीद जतायी कि अगले महीने तक इसका उद्घाटन हो जायेगा. इसके बनने से माझेरहाट और गार्डेनरीच के बीच यातायात सहज हो जायेगा. इसके बनने का काम साल 2014 में शुरू हुआ था.
काटापुकुर मोर्ग से गार्डेनरीच होते हुए माझेरहाट तक यह फ्लाइओवर जायेगा. इसे दो भागों में बांटा गया है. एक हिस्सा माझेरहाट स्टेशन की तरफ जायेगा, तो दूसरा हिस्सा मोमिनपुर काटापुकुर इलाके की तरफ जायेगा.
अभी फाइनल टच देने का काम चल रहा है. यह काम भी 15 दिनों में पूरा हो जायेगा. इसके निर्माण में हुई देरी की वजह बताते हुए उन्होंने कहा कि इसके निर्माण में रेलवे और पोर्ट ट्रस्ट की अनुमति बेहद जरूरी थी. लेकिन अनुमति मिलने में देरी हुई, जिसके कारण इतनी देरी हुई .
वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार फ्लाईओवर की अनुमोदित लागत 339.92 करोड़ रुपये की है. इसमें कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट ने 37.48 करोड़ रुपये तथा रेलवे ने1.43 करोड़ रुपये का भुगतान किया है, जबकि शहरी विकास विभाग ने कोलकाता पोर्ट को जमीन के लिए 36.41 करोड़ रुपये के भुगतान का अनुमोदन किया है.
गार्डेनरीच फ्लाइओवर
4.5 किलोमीटर है लंबाई
15 सीसी टीवी लगाये गये हैं
2014 में शुरू हुआ था निर्माण कार्य
